ममेरी बहन की अधूरी चुदाई

प्रेषक : यशवीर तोमर

हैलो दोस्तो !

मैं वीरम मेरठ का रहने वाला हूँ। मैं एक २३ साल का अच्छे खासे शरीर वाला जवान लड़का हूँ।

मैं अन्तर्वासना को काफ़ी समय से देखता आ रहा हूँ। आज मेरा भी दिल किया कि मैं भी अपनी एक घटना आपको बताऊँ।

तो अब मुद्दे पर आते हैं।

अब से कोई ४ साल पहले मैं अपने मामा के घर गर्मी की छुट्टियों में गया था। मेरे मामा की तीन बेटियाँ हैं। सबसे बड़ी लड़की, जो मेरी ही उम्र की है, सोनिया के साथ यह सब कुछ हुआ जो मैं बताने जा रहा हूँ।

एक दिन मैं रात को उठ कर पेशाब करने के लिए गया तो सोनिया भी वहीं पर पहले से ही पेशाब कर रही थी। मैं बाहर से ही उसे झांक कर देखने लगा। मैंने देखा कि वो पेशाब करने के बाद अपनी चूत में उंगली डाल कर हिला रही थी। यह सब देख कर मेरा लण्ड खड़ा होने लगा। इसी बीच उसने मुझे देख लिया और वो वहाँ से भाग गई।

अगले दिन सुबह मैंने जब उसे देखा तो वो मुझे देख कर मुस्कुराने लगी। मैं भी मुस्कुराने लगा। चूंकि मैं उससे बड़ा था तो वो मुझ से शरमाती थी। हमारे मामा खेती करते हैं। हम एक दिन खेत पर गए। तो मेरी मामी ने मुझे और सोनिया को कहा कि दोनों जाओ और कुंए से पानी भर कर ले आओ।

कुंआ थोड़ी दूर खेतों के बीच था। हम दोनों पानी लेने आ गए। वो कुंए से पानी भरती भरती हंस रही थी। मैं उसकी चूचियाँ बड़े ध्यान से देख रहा था। पता नहीं क्यों मेरे अन्दर एक बिजली सी दौड़ रही थी। उसकी चूची बिल्कुल साफ़ दिख रही थी। जब वो पानी भरती हुई झुक रही थी तो उसकी सलवार उसके चूतड़ों की दरारों में घुस रही थी .वो अब भी हँसे जा रही थी।

तभी जैसे ही वो वहाँ से जाने लगी तो मैंने कहा थोड़ा रुक कर चलेंगे। वो भी चाहती थी कि आज हम दोनों कुछ करें। मैंने उससे रात वाली बात के बारे में पूछा तो वो शरमा गई। मैंने सोचा अब यह अच्छा मौका है, मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपनी और खींचा और उसका हाथ अपने लण्ड के ऊपर रख दिया। उसने कुछ नहीं कहा तो मैंने उसे चूमना शुरू कर दिया, उसके पूरे शरीर को नंगा कर दिया और हम दोनों खेत में घुस गए।

उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मेरा मोटा और लंबा लण्ड चूसने लगी तो मैं मदहोश होने लगा।

मैंने कहा- बस करो मैं मर जाऊंगा।

मैंने उसकी चूचियों को बहुत देर तक चूसा। वो मस्त हो कर आहें भर रही थी। मेरा लण्ड खड़ा होके पत्थर की तरह सख्त हो गया और उसकी टांगों के बीच जोर मारने लगा। हमने अब समय ना गंवाते हुए अब एक दूसरे का साथ देना शुरू किया। मेरा लण्ड उसकी चूत के मुंह पे था तो वो मदहोश हो गई और आँखें बंद करके अपने होंठ काटने लगी तो मैंने उसके होंठ अपने होठों से मिला कर एक जोर का झटका मारा। मेरा पूरा लण्ड उसकी चूत में था उसकी चीख दब कर रह गई। उसकी चूत से खून निकल रहा था तो वो डर गई और मैं भी।

हमने जल्दी जल्दी खून साफ किया और कपड़े पहन लिए और वापस चल दिए।

फिर मुझे वापिस आना पड़ा।

अब वो सब कुछ भूल चुकी है।

मुझे मेल करें

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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