मैंने अपने मामा के लड़के से चुदाया

हाय मेरा नाम नेहा है। मैं मुंबई में रहती हूँ मेरे मामा का घर कोटा में है। मैं मेरे मामा के 6 साल बाद जा रही थी।

जब हम मामा के घर पहुंचे तो मेरे मामा का लड़का मुझे पहचान न सका क्यूंकि उसने मुझे कई साल पूर्व देखा था लेकिन मैं अब बड़ी हो गयी हूँ। मुझे टाईट जींस और शरीर पर चिपका हुआ टॉप पहनने की आदत है। मैं दिखने में काफी खूबसूरत लड़की हूँ मेरे मुंबई में भी पाच बॉयफ्रेंड है। लेकिन जब मैंने मामा के लड़के गौरव को देखा तो मैं दंग रह गई।

वह तो बहुत हट्टा कट्टा और 6 फ़ुट हाईट का था। मैंने उसे देखते ही उस से चुदवाने का मन बना लिया। मेरी मम्मी और हम जब पहले दिन घर पर रुके। त्यों मैंने नोट किया कि मेरे मामा का लड़का मुझ पर चांस मार रहा है। मैंने भी इस बात का फायदा उठाने का मूड बना लिया।

सर्दियों के दिन थे मेरे मामा का छोटा लड़का एक नई हिंदी मूवी धमाल की सी डी लाया। सब जमीन पर गद्दे बिछाकर रजाई ओडकर मूवी देखने लगे। मैं जानबूझ कर मेरे मामा के लड़के गौरव की रजाई में पैर डालकर बैठ गयी। फिर धीरे धीरे उसकी रजाई में पूरी घुस गयी तभी उसने जानबूझ कर मेरे जांघ पर अपना हाथ रख दिया और धीरे धीरे मेरी जांघ पर अपना हाथ फिरने लगा।

फिर उसने मेरी जेंस की जिप खोलने की कोशिश की तो मैंने उसका हाथ पकड़ कर हटा दिया और कहा कि यह नो एंट्री है। वह बोला नो एंट्री में तो जुर्माना देकर घुस सकते हैं। तो मैं बोली कि पहले जुर्माना दो फिर घुसना।

तो उसने अपना 9 इंच लम्बा लंड मेरे हाथ में रख दिया और बोला यह लो तुम्हारा जुर्माना और अब मुझे नो एंट्री मैं जाने दो यह कहकर उसने मेरी जिप खोली और मेरी पैंटी पर हाथ फेरने लगा फिर उसने पैंटी सरकाकर मेरी चूत छूने की कोशिश की पर मेरी जेंस बिल्कुल टाईट होने के कारण छू न सका।

फिर मैंने अपना पेट अन्दर पिचकाकर उसे मेरी चूत पर हाथ लगाने दिया आज ही मैंने उससे चुदवाने के लिए अपनी चूत पर वीट लगाकर बाल साफ़ किये थे, इस कारण वह मेरी चूत पर फ़िदा हो गया।

फिर मैंने जबरजस्ती उसका हाथ अपनी चूत पर से हटाया और उठ कर अपने गेस्ट रूम मैं जाने लगी तो वह जाते समय मेरे कान मैं बोला कि रात को एक बजे मैं तुम्हारा अपने कमरे मैं इंतज़ार करूंगा तुम आ जाना पर मैं जानबूझ कर न कहकर चली गयी तो उसका चेहरा उतर गया।

अचानक मैं रात को एक बजे उसके कमरे में पहुंची तो शायद वह निराशा में सो गया था, पर उसके कमरे का दरवाजा खुला था। मैं अन्दर गयी और उसका मुंह पकड़ कर चूम लिया।

इतने में ही वह जाग गया मुझे देखा कर ख़ुशी से फूला न समाया और तुंरत ही उसने मुझे निःवस्त्र कर दिया और फिर अपने कपडे भी खोल दिए और अपना लंड मेरे मुँह में रखकर चूसाने लगा। मैंने 10 मिनट तक उसका लंड चूसा जब तक वह मेरे बोबे दबाने लगा जब वह एक बार मेरे मुंह में ही स्खलित हो गया तो फिर मैंने उससे कहा कि मुझे तो अपना लंड चूसा दिया, अब मेरी चूत चाटो वह तुंरत ही मेरी चिकनी चूत चाटने लगा।

फिर जब मैं पूरी तरह से गर्म हो गयी तो बोली कि राजा अब नहीं सहा जाता तो वह मेरी जांघो को चोड़ी कर बैठ गया और अपना 9 इंच लम्बा लंड मेरी चूत पर टिका कर एक ही झटके में आधा लंड मेरी चूत मैं घुसा दिया मैं आआह्ह ह्ह्ह्ह्ह् ह्ह्ह्ह चीखी फिर मैंने उसे रुकने को कहा पर उसने मेरी एक न सुनी पर कुछ ही पल बाद मुझे भी मजा आने लगा तो मैं बोली आआह्ह्ह राजा और जोर से फक मी फक मी और फिर उसने मुझे रात भर में 3 बार चोदा हम सात दिन वहां रहे और मैं रोज उसको जवानी के मजे देती रही।

पर अब मैं वापस मुंबई मैं हूँ और मुझे एक ऐसे सेक्स पार्टनर की जरुरत है जो मेरी गौरव की कमी को पूरा कर सके क्यूंकि मुझे अब मेरे पांचो बोयाफ्रेंडो के साथ सेक्स मी मजा नहीं आता। 0418

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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