Didi Ki Bacchedani Me Lund Dal Kar Virya Giraya

Hindi Sex Story हाय दोस्तों मैं राज आप लोगों के बीच एक कहानी लीख जो मेरे और दीदी और मेरी छोटी बहन की हैं दोस्तों मेरे घर में हम पाँच लोग रहते थे लेकिन अभी चार ही लोग हैं मै मेरी माँ दीदी और एक छोटी बहन मेरे पिताजी बाहर कम करते हैं दोस्तों मेरे घर में टोटल तीन रूम हैं एक में माँ सोती थी दूसरे में दीदी और छोटी बहन और तीसरे रुम में में अकेला ही सोता था मैं अपने दीदी को दो साल से चोद रहा हूँ और दीदी भी मेरे घर में मेरा खूब साथ देती है जब भी दीदी को चुद्ने का मन हो दीदी चुपके से मेरे रुम में आ जाती हैं और चुदाई करवा के अपनी रुम में चली जाती हैं लेकिन एक बार अइसा हुआ की दीदी खुद अपनी छोटी बहन यानी हमारी छोटी बहन को भी चुदाई के लिए तैयार की और मेरे लंड को अपने हाथों से पकड़ के बहन की चूत में डाली. Didi Ki Bacchedani Me Lund Dal Kar Virya Giraya.

दोस्तों बात आज से डेढ़ साल पहले की है जब मैं दीदी को नया नया चोद रहा था और दीदी भी खूब चुदवा रही थी लेकिन जब मेरा मेरा वीर्य निकलने वाला होता था तब दीदी मेरे लंड को पकड़ के अपनी चूत से बाहर निकाल देती थी आस्ते आस्त्ते दीदी को मेरा वीर्य पसंद आ गया और पीने भी लगी किसी दीन मेरे लंड को अपने मुँह में डाल के पीती तो किसी दीन अपनी चूत बूब्स और पेट पर गिरा लेती अब मैं दीदी को रोज चोद्ने लगा था तभी एक दीन में दीदी को चोद्ते चोद्ते में बहुत जोस में आ गया और दीदी गर्दन में हाथ डाल के दीदी की बाल को पकड़ के चोद्ने लगा.

जब मैं झरने के कगार पर आने लगा तभी दीदी छटपटाने लगी आज दीदी की हाथ भी मेरे नीचे दब गया था दीदी खूब कोशिश कर रही थी की मेरे लंड को अपनी चूत से निकल दे लेकिन मैं दीदी को चारों ओर से पकड़ के और तेज़ी से चोद्ने लगा तभी दीदी झर गयी और मेरा वीर्य भी दीदी की चूत में निकलने लगा मैं एक जोर दार धाका मार के अपने लंड को दीदी भी बचेदानी तक पहुँचा के अपना वीर्य निकालने लगा दीदी अपनी कमर को इधर उधर कर रही थी लेकिन मैं काहा छोड़ने वाला था जब मेरा सारा वीर्य निकल गया.

तब मैं होस में आया अब दीदी तेज़ साँसें ले रही थी और अपनी शरीर को ढीला छोर के हाँफ रही थी मैं भी तेज़ साँसें लेते हुए दीदी को किस करने लगा तब दीदी बोली राज पगला गया है क्या तुझे पता हैं तू क्या कर दीया मेरी बचेदानी में वीर्य डाल दिया कही मेरी पेट में बच्चा रह गया तो घर क्या पूरे मोहल्ला में बदनामी हो जायेगी तभी मैं बोला दीदी एक बार में कोन सा बच्चा रह जाएगा और में दीदी की चूत में लंड डाले ही काफी देर दीदी से बातें करता रहा तभी मेरा लंड फ़िर से दीदी की चूत में ही खरा होने लगा और दीदी की बचेदानी में झटके मारने लगा.

तभी दीदी भी जोश में आ गईं और फ़िर से हम दोनों भाई बहन लग गए अपने कामों में मेरा लंड दीदी की चूत में अंदर जाता और बाहार आता दीदी कुछ भी नही बोलती लेकिन दीदी की चूत हाला माचा रही थी मेरे वीर्य से भरी हुई चूत पुच पुच फच फच कर रही थी लेकिन दीदी को भी बहुत माजा मील रही थी मैं भी आज दीदी को खुश कर के माजा ले रहा था अभी चुदाई करते हुए दस मिनट ही हुआ था की दीदी मुझे बहुत जोर से पकड़ के कापने लगी और झर गयी अब दीदी की चूत और तेज़ फुच फुच फच फच फच फच फच करने लगा और मेरे लंड को दीदी की चूत और गरम कर दीया.

और थोड़ी देर और दीदी को चोदने के बाद मेरा वीर्य निकलने लगा मैं फ़िर से दीदी की बचेदानी तक लंड पहुँचा के अपना वीर्य निकालता रहा अबकी बार दीदी अपनी पैर को मेरे कमर में कैंची बना ली और मजा लेने लगी आज पहली बार दीदी अपनी चूत में मेरा वीर्य ली थी मैं दो बार चोद्ने के बाद दीदी को पकड़ के सो गया और सुबह जगा जब मैं जगा तो दीदी जा चुकी थी मैं बाथ रूम में गया और दीदी की रात की बात याद करके मुस्कुरा रहा था.

तभी दीदी चाय लेकर आई और मेरी ओर देख के मुस्कुरा के बोली राज लो चाय पी लो अब मैं भी दीदी को एक आंख मार के चाय ले लिया और कुछ बोलता उससे पहले दीदी हँसते हुए मेरे रूम से निकल गईं अब मैं भी नर्मल हो के चाय पी और दीदी भी नर्मल भाई बहन के जैसा बीहेब करने लगी और जब भी मोका मील जाता तब दीदी चुदवाने लगी लेकिन दीदी फ़िर से ध्यान रखती थीं की मैं जब झरने वाला होता तो दीदी मेरे लंड को अपनी चूत से बाहर निकाल देती मैं भी दीदी की मुँह में वीर्य गिरा देता लेकिन एक महीना बाद दीदी जो बोली मेरे होश उड़ गये.

अचानक दीदी मेरे रूम में आई और बोली राज मेरे पेट में तेरा बच्चा रह गया है लेकिन मैं दीदी को अपने पास बैठा के बोला दीदी अब क्या करें अब हम दोनों भाई बहन बहुत घबरा गये थे लेकिन क्या करें कुछ समझ नही आ रहा था तभी दीदी बोली हॉस्पिटल चल के दवा ले लेंगे मैं बोला दीदी वहा डॉक्टर बहुत कुछ पुझेगा की बच्चा किसका इसका बाप कोन हैं ये बच्चा आपको क्यू नही चाहिए.

तब दीदी बोली राज़ तू एक काम कर असल में तो तू इस बच्चा का बाप हैं ही एक दीन के लिए डॉक्टर के पास भी बन जा दोस्तों मैं दूसरे दीन दीदी को बाइक से लेकर हॉस्पिटल चल दीया में अपने घर से बहुत दूर एक हॉस्पिटल में दीदी को ले गया एक महिला डॉ.थी लेकिन मैं बोला डॉ साहिबा अभी हमे बच्चों की ज़रूरत नही है मेरी बीबी अभी कुछ दीन और मजा लेना चाहती हैं दोस्तों मेरे मुह ये सुनते ही दीदी बोली नही डॉ साहिबा यही नही चाहते की अभी से में अपने बच्चों में लग जाऊँ.

तभी डॉ.बोली हा हा अभी इंजॉय करो लेकिन इस गर्भ को हॉस्पिटल में ही खाली करनी पड़ेगी कोई रीस्तेदार हैं जो आ सके अब मुझे एक और सोक लगा तभी मेरी दीदी बोली जी डॉ मेरी बहन है जो आजएगी में एकाएक बोला बहन तभी डॉ मेरी ओर देखने लगी मेरा चेहरा उतर गया था तभी दीदी फ़िर बोली मेरी बहन आपकी साली ओर मुस्कुरा दी में भी ठोड़ी मुस्कुरा के हा हा मेरी साली आजएगी दोस्तों में दीदी को लेकर घर निकल गया रास्ते में मै दीदी से बोला दीदी अब क्या होगा तब दीदी बहुत आराम से बोली अरे मेरी राजा अब क्या होगा अब वोही होगा बीबी के साथ साली भी चुदेगी मैं दीदी को देख के बोला दीदी छोट्की चुदाई करने देगी क्या मुझे नही लगता.

तब दीदी थोड़ी मुस्कुरा के बोली तब क्या लगता है जिस दिन बचेदानी में लंड पेल के भीतर वीर्य गिराया उस दिन क्या लगा अब खेलाना अपने गोद में अपने बेटा को में दीदी की मुँह से ये बात सुन के शर्मा गया और दीदी को बोला दीदी बात पेलने की नही हैं मैन लो में वीर्य अंदर गिराया लेकिन तभी दीदी मेरे बात को काटा और बोली अंदर गिराया आर साला मुझे तो एक पल लगा था की मेरी बचेदानी फट गईं लेकिन कुछ देर बाद मेरी बचेदानी सब वीर्य पी गई अब देख भाई अब तो तू बहन चोद्ने लगा ही हैं अब एक बहन को चो द या दो बहनों को मैं दीदी को बोला दीदी छोट्की को कैसे चोद्ना हैं बतावो तब दीदी बोली बड़ी नया नया चूत चोद्ने को उतावला हो रहा हैं सबर कर और चल पहले एक बार मुझे चोद्ने धन्यवाद. “Didi Ki Bacchedani Me Lund”

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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