Didi Ka Pahla Karwachauth Mere Sath Man Gaya

Hindi Sex Story मेरा नाम शुभम है और मेरी दो बहन है एक बड़ी और दूसरी छोटी पिछले साल ही मेरी दीदी की शादी हुई है। जो की अभी मेरे घर पर आई हुई है दीदी पहली बार अपने मायके में करवा चौथ का व्रत कर रही थी। क्योंकि मेरा जीजा काम करने के लिए दुबई में थे मुझसे छोटी बहन है जिसका नाम है दिशा। मेरी दोनों बहन बहुत खूबसूरत हैं यह मेरी दीदी का पहला करवा चौथ का व्रत है। दीदी अपने पति की लंबी उम्र के लिए और परिवार में शांति हो इसके लिए मैं यह व्रत रखी थी। Didi Ka Pahla Karwachauth Mere Sath Man Gaya.

दिन भर में व्रत रखे खूब सजी समरी ब्यूटी पार्लर गई। जब घर आई तो दीदी किसी परी से कम नहीं लग रही थी अब रात को चांद निकल आया चांद को दीदी छलनी से जीजा के फोटो को देखी पानी पि और व्रत की समाप्ति हुई। आज दिन में ही दीदी अपने प्राइवेट पार्ट के बाल को अच्छी तरीके से साफ की थी और नए ब्रा और पेंटी खरीदी थी वह भी नए स्टाइल में। जो मुझे बाद में मालूम हुआ रात को खाना पीना खाकर हम सभी सोने चले गए मेरी दीदी अपने रुम में मोम और पापा अपने रुम में और मेरी छोटी बहन और मैं दूसरे कमरे में टीवी देखने लगे जब सब सो गये तब मैं अपनी छोटी बहन को पकड़ के किस करने लगा जो की पहले हम दोनों चुदाई कर चुके थे लेकिन आज दीदी को देख मैं छोटी बहन को जोर जोर से चोदने लगा.

अब दीदी की जुबनी सुनो हाय सहेलियों मैं निशा हूँ और उस रात के करीब 2 बजे किसी की चीखने की आवाज आई मैं उठ गई और ध्यान से सुनी तो दिशा की चीखने की आवाज आई । अब मैं अपनी सारी पहनी और धीरे धीरे बरामदे पर गई। तो जोर जोर से आह आह की आवाज आई जो की मेरी छोटी बहन और भाई के कमरे थे मैं कमरे के पास आई और धीरे से गेट को पुश की और अंदर झाँक कर देखी मेरी आंख खुली की खुली रह गई और दीमांग सन्न रह गई। सहेलियों मैं देखि की मेरे छोटा भाई निचे है और छोटी बहन दिशा पूरा नंगी उसके ऊपर उछल उछल कर चुदवा रही थी.

उसके लम्बे बाल बिखरे थे, गोल गोल चूचियां झटके दे दे कर हिल रही थी. उसकी चूतड़ हिल रही थी साली गजब की लग रही थी। सहेलियों आज मैं साक्षात् सनी लिओनी देखि थी. वैसे ही लग रही थी। मुझे बहुत गुस्सा आया लेकिन भाई और बहन की चुदाई देखने के बाद मुझे लगा क्यों ना दोनों बहन मिलकर इसका आनंद लें। और फिर मैं अंदर घुस गई और कुंडी लगा के बोली दिशा क्या कर रहे हो तुम वो दोनों हड़बड़ा गए। और दिशा तुरंत भाई के ऊपर से उतर गई अब छोटे भाई का लंड खड़ा था ओ भी अपनी बहन की बुर से नहाया हुआ तभी दिशा रोने लगी मैं मैं दिशा से बोली रिलैक्स बहुत रात हैं सब सुन लेंगे तब दिशा सांत हुई मैं धीरे से पूछी कब से चल रहा है।

सच सच बताना दोनों सांत थे तभी मैं बोली दिशा मैं भी तो देखु ये कितना बहनचोद हैं तभी मेरा भाई बोला भगवान् सबको तुम जैसी दीदी दे और मेरी बहन भी बोली हां दीदी ऐसी दीदी तो नसीब बालों को ही मिलता है। आज मैं तो खूबसूरत लग ही रही थी अब भाई मेरे ऊपर टूट पड़े गोरे गोरे गाल चूमने लगे लंबे लंबे बाल को सहलाने लगे। भाई मेरी साड़ियां बड़े प्यार से खोलने लगा जैसे की मैं उसका पत्नी हूँ थोड़ी देर में मेरी सारी निकाल दिया अब मैं पेटिकोट और ब्लाउज पर आ गई अब भाई की निगाहें बड़ी कातिल हो गईं वह मुझे घूर के देख रहे थे नीचे से ऊपर तक ऐसा लग रहा था वह हमें आज कचा खा जाएगा और हुआ भी ऐसा भाई तुरंत ही मेरी ब्लाउज खोल दिया। और ब्रा के हुक खोल दिया मेरे दोनों चूचियां बाहर आ गई मेरे दोनों चूचियां क्रिकेट के बाल की तरह टाइट हैं।

मैं अपनी हाथ से छुपा पाती उससे पहले भाई अपनी हाथ रख दिया और धीरे धीरे दबाने लगा और मुझे अपने ऊपर खींच लिया अब मेरी निप्पल को मुहँ में डाल के पिने लगा। मेरी आह निकल रही थी मैं काफी ज्यादा कामुक हो गई थी मैं बेड पर लेट गई तभी भाई मेरी पेटीकोट खोल दिया , और मेरी पेंटी को भी उतार दिया मै कुछ समझ पाती उससे पहले मेरी चुत चाटने लगा। मेरी होठ लाल लाल थे खूब सजी हुई थी ऐसा लग रहा था की बस सुहागरात ही है। भाई मुझे काफी गरम कर दिया मैं भी कोई कसर नहीं छोड़ी, और भाई की लंड को पकड़ के सीधे मुहँ में निगल गई और अंदर घुसा के धीरे धीरे चूसने लगी , अब भाई को खूब गरम करती रही फिर क्या था भाई को लगा कि अब उसकी दीदी उसकी वीर्य निकाल के ही मानेगी तभी मेरी बुर में एक उंगली डाल दिया और धीरे से मेरी मुह से लंड खींच लिया और बोला क्या बात है दीदी लगता है आइसक्रीम निकाल दोगी.

और मुझे अपने ऊपर खींच लिया अब मेरी बुर पर अपनी लंड सटा दीया और मेरी होठो को चुसने लगा तभी दिशा लंड को पकड़ के सीधे मेरी बुर में डाल दी और भाई जोर से लंड अंदर घुसा दीया मेरी आह आह मर गईं की आवाज जोर से निकल गई माँ तो ऊपर के फ्लोर पर थी और मेरी बहन मेरे बगल में थी अब मैं बिना किसी के परवाह किये चुदवाने लगी. मुझे भाई कभी निचे तो कभी ऊपर कर के कभी घोड़ी बना कर खूब चोदने लगा मैं दो बार झर गई थी। लेकिन भाई मुझे छोड़ने का नाम नही ले रहा था अब मेरी बुर छील गई थी लेकिन भाई अपनी वीर्य निकालने में लगा था मैं तीसरी बार झरने वाली थी. “Didi Ka Pahla Karwachauth”

तभी भाई भी बोला दीदी लो मै भी आया और फिर दोनों थोड़े देर में ढेर हो गए। अब दोनों लेटे रहे और मुझे हलकी हलकी नींद आने लगी तभी मेरे भाई मेरी बुर से लंड खींच के बोले दीदी अभी बाथरूम से आ रहा हूँ। मैं बोली अब मैं काफी थक गईं हूँ और मै अपनी बहन दिशा को अपने से सटा ली और उसके चूचियों को पिने लगी. थोड़ी देर बाद भाई आया और मुझे अपने ओर खींच लिया मै बोली शुभम अब दिशा को चोद ले नही तो कल सबसे पहले माँ मेरी क्लास लगा देगी अब भाई दिशा को पकड़ के अपनी ऊपर खींच लिया और धीरे धीरे चोदने लगा दिशा उझल कूद कर के अपनी बुर चदवा रही थी.

लेकिन भाई अपनी मुँह को मेरी चूत पर रख के चाटने लगा और दिशा मेरी चूची को पकड़ के चुसने लगी दोनों बहन और भाई तीनों आपस में जुड़ गये थे भाई निचे मेरी चूत पर अपनी मुँह रख के चुसने लगा और मेरी बहन भाई के लंड पर बैठ कर मेरी चूची को पकड़ के चुसने लगी यह गजब का माजरा था। सहेलियों सच बताऊँ तो इसको कहते हैं असली कर्वाचोथ मेरी और मेरी बहन की एक साथ और मेरी भाई का तो लाटरी लग गईं थी इस तरह से कितनी बहन और कितना भाई जो ऐसा करने लगी हैं या करने को सोच रही है कॉमेंट ज़रूर करना बाय.

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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