झांट छिल कर पेलवाया खाला की बेटी ने

मेरा नाम बाबर है और उम्र 18 साल है। खाला की बेटी की उम्र 25 साल है और नाम रजिया है। खाला के दो बेटे थे जो मुल्क से बाहर दुबई रहते थे। खाला, खालू और उनकी बेटी रजिया घर पर रहते थे। हमारा घर खाला के घर से थोड़ी दूरी पर था। खाला मुझे दोपहर को अपने घर बुला लेती थी क्योंकि मैं भी घर पर अकेला होता था और रजिया व बाकी सब ड्यूटी पर चले जाते थे। पर ज्यादा आना-जाना नहीं था। Cousin Showing Pussy

एक दिन मैं दोपहर को खाला के घर गया तो रजिया ने मुझसे कहा, “जाओ सब्जी ले आओ।” मैं सब्जी लेकर जल्दी से आ गया और दरवाजा खटखटाया। काफी देर बाद दरवाजा खुला क्योंकि शायद वो कपड़े बदल रही थी। जब रजिया ने दरवाजा खोलने के बाद कमीज ऊपर करके नाड़ा खोलकर टाइट करने लगी तो मैं भी चोरी-चोरी देखने लगा।

उसकी नाभि दिख रही थी और सलवार थोड़ी नीचे बंधने की वजह से उसके प्यूबिक हेयर थोड़े-थोड़े दिख रहे थे यानी चूत के बाल। बाद में हम सब्जी तैयार करने लगे। अचानक मेरी नजर रजिया की सलवार पर पड़ी तो देखा उसकी सलवार फटी हुई थी, तकरीबन 2-3 इंच, और कमीज ऊपर उठी हुई थी।

उसकी चूत साफ दिख रही थी पर बाल काफी ज्यादा थे। लगता था जैसे बेचारी ने कभी सफाई ही नहीं की। इस दौरान मेरा लौड़ा सख्त डंडी बन गया पर अंडरवियर की वजह से कुछ कंट्रोल कर पाया। बाद में रजिया ने मुझसे कहा, “जाओ हेयर रिमूवर क्रीम ले आओ।”

फिर मैंने मजाक में कहा, “क्यों रजिया बाजी, आप अपनी बालों की सफाई करो?”

वो शर्माती हुई बोली, “शैतान जा, जल्दी ले आ।”

मैंने बड़ी मुश्किल से दुकानदार से कहा, “भाई जान हेयर रिमूवर क्रीम देना।”

मुझे शर्म आ रही थी और फटाफट वहाँ से भागा। फिर रजिया बाथरूम में गई। मुझे पता था कि अब साली अपनी सफाई करेगी। मुझे मेरे लंड पर खारिश होना शुरू हो गई। फिर मुझे तरकीब आई कि क्यों न बाथरूम के ऊपर से देखा जाए। क्योंकि ऊपर से थोड़ी सी जगह थी जहाँ से हम अंदर झाँक सकते थे और सारा नजारा देख सकता था।

फिर मैं फटाफट कुर्सी लेकर आया और कुर्सी पर खड़ा होकर देखने लगा। पर तब तक बाल साफ कर लिए थे। और जो नजारा मुझे देखा मैं चौंक गया। देखा कि रजिया अपनी चूत में उँगलियाँ कर रही थी। मैंने दिल में कहा, “साली की चूत को मेरे लंड की जरूरत है।” फिर वो झड़ गई और मेरा लौड़ा झूम रहा था। जब वो कपड़े पहन रही थी तो मैं वहाँ से हट गया।

और मेरे पास आकर कहने लगी, “बहुत मजा आया आज नहाने में।”

मैंने कहा, “क्यों रजिया बाजी, आज आपकी चूत से बाल जो साफ हो गए हैं।”

मेरे मुँह से कैसे अल्फाज निकले मुझे खुद समझ नहीं आया पर उसने कुछ नहीं कहा। दोपहर का खाना खाने के बाद हम टीवी देखने लगे। कोई इंग्लिश चैनल लगा हुआ था जिसमें लड़का-लड़की होंठों से किस कर रहे थे। मैंने हिम्मत करके कहा, “रजिया बाजी, आओ हम भी ऐसे करते हैं जैसे ये कर रहे हैं।”

उसने कहा, “चलो।” हम नीचे क्लीन पर ही किस करने लगे। साली बहुत एक्सपर्ट थी। मेरे तो होंठ ही खा गई। मैंने भी ज़ोर-ज़ोर से उसके मम्मे दबाए। उसके मुम्मे ऐसे जैसे कोई लोहे जैसे थे।

मैंने कहा, “अब अपनी कपड़े उतार।”

उसने जल्दी से कपड़े उतारे और कहने लगी, “चल जल्दी, मेरे अंदर डाल अपना रोल।”

मैंने कहा, “रोको, रोल भी डल जाएगा।”

मैंने एक दफा ट्रिपल फिल्म देखी थी इसलिए मैं उस पर वो सीन करना चाह रहा था। मैंने कहा, “चल मेरा रोल मुँह में ले।”

कहने लगी, “ऐसे नहीं करते।”

मैंने कहा, “एक बार तो ले, मजा आएगा।”

बहुत फोर्स करने के बाद मान गई और टोपी को चूसने लगी। थोड़ी देर बाद उसे मजा आने लगा। मैंने कहा, “साली जैसे मेरे होंठ चूस रही थी वैसे चूस।” वो ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी और मेरा झटका निकलने वाला था पर मैं मस्त रहा क्योंकि मैं अपना जूस उसके मुँह में डालना चाहता था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

अगर उसे पहले बता देता तो बाहर निकाल देती। अचानक जूस उसके मुँह में चला गया और थोड़ा सा उसके हलक में चला गया। वो भागी बाथरूम की तरफ और उल्टी कर दी। मैंने उसे लेमन खिला दिया। थोड़ी देर बाद फिर मैंने उसके मम्मे दबाने लगे और फिर किस करने लगा।

उससे कहा, “चल एक बार लंड को चूस, फिर मैं तेरी चूत चूसूँगा।”

नखरे करने लगी पर मनाना तो था ही। उसको दोबारा उसने घबराते हुए मेरे लौड़े को चूसने लगी।

मैंने कहा, “चल सीधी हो अब मैं तेरी बिना बालों वाली चूत चाटूँगा।”

उसकी चूत पर ज़बान मारने लगा और वो मस्त होकर मुझसे चिपट पड़ी।

मैंने कहा, “चल लेट जा।”

उसकी चूत में उँगली डाली तो पता चला कि अभी सील ही है।

मैंने उससे पूछा, “रजिया तूने कैसे कंट्रोल किया इतने साल?”

कहने लगी, “क्या करती, कोई रोल ही नहीं मिल रहा था पर अब तो तू ही न मेरी चुदाई करने वाला।”

मैंने उसकी चूत के मटर को दाँतों से लिया और चका-काटा। इस पर वो आवाजें निकलने लगी, “ब्ब्ब्बााा… बास्स्श्!” फिर उसकी गांड पर थोड़ा थूक लगाकर उँगली आगे-पीछे करने लगा। उसे मजा आ रहा था, अपने मम्मे दबा रही थी।

मैंने कहा, “चल साली अब रोल खाने के लिए तैयार हो जा।”

मैंने कहा, “तेल है।”

कहने लगी, “हाँ मैं लाती हूँ।”

वो किचन से कुकिंग ऑयल ले आई।

मैंने कहा, “काम चलेगा।”

वो नंगी चली। बहुत अच्छी लग रही थी।

फिर मैंने कहा, “रजिया एक बार सामने से चक्कर लगा कर आ।”

वो नजारा करवा रही थी। अपने मम्मे उछाल-उछाल कर चलकर मेरे पास आई। मैंने उसकी चूत पर ऑयल लगाया और चूत के सुराख पर अपना मस्त 7 इंच का लौड़ा तना हुआ था। बड़ौक की तरह। फिर एक ज़ोरदार शॉट दिया पर लौड़ा ऊपर उछल गया।

ज्यादा ऑयल लगने की वजह से और ऊपर से साली वैसे भी चिकनी थी। अब मैंने मजबूती से लौड़ा पकड़ा और शॉट दिया। 2 इंच अंदर चला गया और एक और कसकर शॉट दिया। उसकी चूत ने ब्लड छोड़ दिया और चीखने लगी, “आआमीी!”

मैंने कहा, “साली रो मत, अभी ही रोने लग पड़ी है। अभी तेरा गांड में भी अपना लौड़ा एंटर कराना है।”

मैंने उसके दुपट्टे से ब्लड साफ किया और दोबारा ऑयल लगाकर कस-कसकर शॉट लगाए। मुझे जोश चढ़ पड़ा। वो रो रही थी। फिर आहिस्ता शॉट दिए। वो कराहती रही। फिर साली को चोदने लगा और अंदर ही अपना पानी छोड़ दिया और ठंडी हो गई। मैं भी छूटने वाला था। एक-दो झटके मारकर उसकी कमर पर गिरा दिया। सारा जूस और उसके साथ उसकी गांड की मसाज करने लगा। 1 घंटे बाद हम फिर एक दूसरे को शुरू हो गए।

मैंने कहा, “चल जल्दी चूस क्योंकि खाला का आने का टाइम हो गया था।”

फिर उसकी गांड पर ऑयल लगाया और आहिस्ता-आहिस्ता अंदर करने लगा। रजिया बर्दाश्त कर रही थी, “म्म्म्ह्ह” कर रही थी। अचानक ज़ोर से फुल पावर से झटका मारा और पूरा रोल अंदर। इस पर वो कहने लगी, “मुझे डंडा तो नहीं दे दिया?” मैंने उसकी गांड में एक-दो मिनट लौड़ा रखा और ज़ोर-ज़ोर से झटके मारता, कभी स्लो। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

फिर वो कहने लगी, “मेरी चूत में भी डालो वरना मेरा पानी नहीं निकलेगा।”

मैंने कहा, “अच्छा।”

उसकी चूत में लौड़ा डाला और ऑयल की जरूरत ही नहीं पड़ी पर ऑयल के साथ ज्यादा मजा आता है। ऑयल लगाकर चुदाई शुरू की। गोप-गोप की आवाजें आने शुरू हो गईं। फिर इस बार पहले मेरा पानी छूटा और मैंने उसके मामों पर गिरा दिया और उसे उँगलियों से चोदने लगा। थोड़ी देर बाद वो भी झड़ गई और बाथरूम में साथ नहाने चले गए।

मैंने कहा, “रजिया तू झांटे बहुत साफ-साफ करती हो, मेरी भी कर दिया करो।” और मुझसे पूछने लगी, “तुझे कैसे पता?” मैंने कहा, “मैंने तुझे ऊपर से देखा था, तेरा सारा नजारा भी देखा था।” कहने लगी, “शैतान, अपनी बाजी को नहाते देखता है!” मैंने कहा, “अब कैसा शर्माना, मैं ही अब तेरी रोजाना गर्मी दूर किया करूँगा।” और हँसकर मेरे साथ चिपक पड़ी। हमने कपड़े पहन लिए और टीवी देखना शुरू हो गया। चुदाई की वजह से रजिया चल भी नहीं पा रही थी। इतनी देर में खाला भी आ गई और कहने लगी, “रजिया जा पानी लेकर आ।”

मैंने कहा, “रजिया बाजी आप बैठो, मैं लाता हूँ। आखिर मुझे भी तो खाला जी की खिदमत करनी ही है।” खाला ने कहा, “नहीं बेटा तुम बैठो, रजिया लाती है।” रजिया बड़ी मुश्किल से उठी और पानी लाई। वो देख रहा था कि वो ठीक से चल भी नहीं पा रही थी। खाला ने पूछा तो रजिया ने कहा, “पाँव में मोच आ गई है।” फिर वो अपने ब्लड वाले कपड़े धोने चली गई। उस दिन के बाद मैंने उसकी चूत और गांड के मजे लेना रोजाना का हमारा खेल बन गया था।

Kavya Singh

नमस्ते! मैं काव्या सिंह हूँ - इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री वाली और पिछले 7 साल से हिंदी में इतनी बोल्ड कहानियाँ लिख रही हूँ कि पाठक दोबारा पढ़े बिना रह नहीं सकते। मैं भारतीय समाज के हर छुपे हुए जज़्बात को शब्दों में ढालती हूँ - वो इच्छाएँ, वो चाहतें जो आप दिन में छुपाते हैं लेकिन रात में महसूस करना चाहते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मेरी कहानियों को पुरस्कार मिले हैं और लाखों पाठकों ने मेरी कहानियों से अपनी रातों को गरमाया है। चलो, आज मेरी कहानी में डूब जाओ!

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