बहन का फिगर देख कामुक हुआ भाई 1

मेरा नाम शुभम है और आज मैं आपको अपनी अंतरवासना की सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हु हमारे फैमिली में हम 4 लोग है.. मेरे पापा सरकारी स्कूल में टीचर है और मेरी माँ एक हाउस वाइफ है.. ये कहानी मेरे व मेरे बहन के बिच का है! यह बात करीब दो साल पहले की है ! जब भी मैं उस कहनी को सोचता हु तो मेरा लंड गुल्ली की तरह खड़ा हो जाता है.. Brother Sister Sex Stories

और मैं अपने लंड को मसलकर मुठ मरने लगता हु.. तो चलिये समय न बर्बाद करते हुआ कहानी पर आगे बढ़ते है ! यह कहानी की शुरुआत स्कूल से होती है मेरी बहन कक्षा 12 पास करके कोलेज की एंट्रेंस की तैयारी करने लगी और मैं कंपटीशन की तैयारी कर रहा था !

हमारे घर के बगल में चाचा की लड़की की शादी की तैयारी चल रही थी! हम लोग दिन भर शादी का कार्ड बाटने से लेकर शादी का सामान बैल की तरह काम करते रहते करते रहते साला समय का कुछ पता ही नहीं चला 17 को तिलक को लिए हम लोग तैयारी के लिए हम लोग निकल गए.

वहा पर मैंने अपनी बहन को बहुत करीब से देखा तो पता चला की जन्नत क्या होता है, मेरी बहन लाल साडी में एकदम में मतलब एक झक्कास माल लग रही थी ! उसके चुची एकदम से झलक रही रही थी माँ कसम उस दिन अपने बहन के फिगर को देखकर मैं उसको चोदने का प्लान बनाने लगा..

उस दिन पता चला की मेरी बहन की मेरी बहन बहुत ही हॉट माल है.. फिर हम तिलक में पहुचे तिलक का कार्यकम संपन्न हुआ ! फिर हम खाना खाने के लिए बैठ गए.. हम लोग खाना खाकर शाम तक वह से रवाना हो गए. मैं यात्रा करके थक चूका था मैं अपने कमरे में सोने चला गया बहन अपने कमरे में चली गयी..

पता नहीं क्यू रात को मेरी नींद खुल गया. मुझे कुछ आवाज सुनाई दे रहा था… उह उह आह आह आह मैं बहन के कमरे में जाकर देखा तो दंग रह गया, मेरी बहन ब्लू फिल्म लगा कर अपने चूत में अपना अंगुली डालकर सहला रही थी..

तभी उसने मुझे देखा तो वह उठकर खड़ी हो गयी और अपने आप को छिपाने लगी.. मैं यह देख कर बाहर आ गया फिर मैंने उसको चोदने के लिए प्लान बनाने लगा. अगले दिन शुबह नास्ते के लिए सभी लोग (मम्मी पापा मैं ) थे..

वह नज़रे नहीं मिला पा रही थी मुझसे फिर मम्मी को मामा के वहा जाना था उन्होंने पापा से बोला की आप मुझे मायके छोड़ दो.. उन्हें तो अपना जॉब देखने जाना था तो वह माँ को लेकर अपने ससुराल चले गए.. उस दिन मेरी बहन ने कहा की “सोरी भैया वह गलती से मैंने बहुत थक चुकी थी.”

मैंने उसे गले लगाकर कहा की कोई बात नहीं ऐसा हो जाता है आखिर हम लोग की उम्र ही यही हो रही है.. यह कहकर मेंने अपने बहन को गले लगा लिया और अपना हाथ उसके पीछे से मलने लगा फिर वह छुड़ाने की कोशिश करने लगी..

बहन बोली ”भैया ये क्या कर रहे हो छोड़ो मुझे.”

वह जबरदस्ती छुड़ाने की कोशिश करने लगी.. मैं अपनी बहन को किश करने लगा उसकी भी सासे तेज सी हो गई तब मैं बहन की गर्दन पर अपने होंठों से किस करने लगा। अपने दोनों हाथों को मैंने उसकी टीशर्ट के नीचे डालकर उसकी ब्रा के ऊपर से बहन की चूचियाँ दबाने लगा.

मेरी बहन ने कहा- भइया, आप मेरे भाई हैं. किसी को पता चल गया तो कितनी बदनामी होगी।

मैंने कहा- मैं तो किसी से नहीं बताऊंगा. क्या तुम बताओगी?

तो उसने कहा- नहीं।

फिर हम हमलोग खुलकर एक दूसरे को किश करने लगे. मेरी बहन भी मेरा खुलकर साथ देने लगी. मैंने उसके हाथों को ऊपर उठाकर बहन की टीशर्ट को उठाकर निकाल दिया। बहन की नंगी पीठ पर हाथ फिराते हुए मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल कर ब्रा भी निकाल दी।

तब मैंने अपना टीशर्ट और बनियान निकाल दिया। उसके होंठों को अपने होंठों में लेकर चूसने लगा. वो भी मेरा साथ देने लगी। कुछ देर उसके होंठों को चूसने के बाद मैं झुककर बारी बारी बहन की दोनों चूचियाँ को चूसने लगा. वो आँखें बंद कर मेरा सर सहलाते हुए चूचियाँ चुसवाने का मज़ा ले रही थी।

फिर मैं उसको उठाकर किस करते हुआ अपने रूम पर लेकर गया वह पर मैंने उसे लेटकर उसके बूब्स को दबाने लगा. वह एकदम मदहोस में रहने लगी बिस्तर पर लिटा दिया. और फिर मैं वह पर मैं बहन की दोनों टाँगों को फैलाकर उनके बीच घुटनों के बल बैठ गया।

मैंने अपनी बहन की बुर पर लंड सेट किया और बहन की बूर पर थोड़ा सा थूक लगाकर लंद को सेट किया और बोला.. मैं तुमसे प्यार करता हो प्यारी बहना बोलकर घुसा दिया मेरी बहन चिल्ला पड़ी. . उसके बूर से खून निकलने लगा शायद उसकी पहली बार सील टूटी थी.

वह दर्द के कारण चिल्लाने लगी, मैं अपनी बहन को किश करने लगा और अपना लंड निकला और पूरा घुसेड़ दिया… वह छटपटाने लगी और बोली भैया जल्दी निकालो.. मैं बिस्तर को खून से लथपथ देखा मेरा लंड भी खून में सना था. फिर हम लोग रोक गए खून को साफ किया.

मैंने उसके कहा की दुबारा दर्द कम होगा, फिर लंड सेट किया और दुबारा दबाकर पेल दिया मैंने उसके चूत पर लंड सेट किया और आराम से अंदर जाने दिया मानो मज़े का लेवल अलग था. उससे मज़ा आने लगा वह लगातार लंड के झटके खाये जा रही थी.

उसके मुँह से आह !आह !आह की आवाजे निकल रही थी. मेरी बहन ने कहा भैया मिठा दर्द हो रहा है.. मैं अपनी बहन को लगातार चोदे जा रहा था, उसको उठाया और मैं निचे लेट गया और अपनी बहन को लंड को बिठाकर कूदने लगा.

उसके बाद बहन को दीवाल पर खड़ा किया उसके बाद तो मानो उसका एक पैर अपने कंधे पर लेकर लंड को उसकी बूर में सेट किया, माँ कसम उतना मज़ा जिंदगी में कभी नहीं आया.. फिर मैं निढाल होकर मैं और मेरी बहन गिर गयी.

फिर हम नंगा होकर सो गए रात को मैंने रात को 4.. 5 बार जमकर चोदा, फिर सुबह मैं उठा तो देखाी की मैं थक चूका था. मैं उठा और बाहर आकर देखा की बहन किचन में चाय बना रही थी.. मैं पीछे से जाकर उसको पीछे से पकड़ लिया.

और उसको गर्दन पर किश करने लगा उसके बूब्स को दबने लगा, फिर क्या वह फिर अपने आप को छुड़ाने लगी. मैंने उसकी एक ना सुनी. वह बोली… वह बोली भैया कोई देख लेगा… फिर माँ ने अचानक दरवाजे पर आ गयी और हम दोनों को किश करते देख लिया.. आगे की कहानी अगले भाग में…. कहानी कैसे लगी कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे.

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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