Bhai Behan Ka Pyar Aur Sath Me Mummy Ka Izehar

Hindi Sex Story हैलो फ्रेंड्स , मै राहुल और मेरे घर में पापा ,एक कार्यरत अधिकारी तो मेरी मां ,एक घरेलू औरत तो मेरी बड़ी बहन एक कालेज की छात्रा तो मम्मी निशा और दीदी प्रियंका के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाकर मैंने एक अनैतिक ,घृणित कार्य किया लेकिन कोई पछतावा नहीं क्योंकि दीदी तो खुद ही मुझे मालिश करने को बोली थी तो मेरे छुअन ने उसे कामुक किया और फिर दोनों संभोग सुख लेने लगे लेकिन मेरी गंदी सोच मेरा ध्यान उसपर ले गया जोकि मुझे जन्म दी थी लेकिन क्या मैंने सेक्स उसे बेहोशी में करना चाहा तो होश में वो मेरा विरोध की ,नहीं तो दोनों के बीच शारीरिक संबंध बना. Bhai Behan Ka Pyar Aur Sath Me Mummy Ka Izehar.

और फिर पड़ोस कि आंटी शीला और मेरे पापा की छोटी बहन सुनयना ,कुल चार चुत चूची का जोड़ा और चूतड़ का स्वाद ले चुका हूं तो अब हस्तमैथुन करने की जरूरत नहीं रही और १८ साल का छोकरा अब चुदाई के लिए तड़पना छोड़ उसे ही तड़पा रहा है ।मेरी बहन प्रियंका कॉलेज जाने के क्रम में ही अपनी मंशा जता दी तो दिन में शीला आंटी को दो बार चोदा ,फिर वापस घर शाम को आया तो आज रात प्रियंका की चुत कुटाई करनी थी.

वो भी उसके बिस्तर पर और घर के अंदर मां को भी चोद रहा हूं तो बहन को भी लेकिन दोनो इससे अंजान है की राहुल प्रियंका को चोद रहा है और निशा को भी ।आज दिन का क्लास शीला आंटी के साथ बिस्तर पर हुआ तो समझिए कि दीदी प्रियंका मुझे रात को चुदाई का न्योता दे चुकी थी और ऐसे आमंत्रण को ठुकराना मेरे लंड को मंजूर नहीं तो शाम को घर से टहलने के लिए निकल रहा था कि डायनिंग हॉल में दीदी को बैठे देखा ,ब्लैक रंग की लेगिंग्स और टॉप्स पहने सेक्सी दिख रही थी.

तो मै उसको घूरता हुआ अपना सैंडल पहना और वो “मुझे भी मार्केट में कुछ काम है ,(मै)तो तुम अकेले जाओ ,(इतने में मम्मी रूम से निकली) तुम भी तो उधर ही जा रहे हो ,साथ लेते जाओ (मै)ठीक है लेकिन दीदी को तो चाट ,गोल गपपे खाने के बाद भी कितना काम होता है कि आने में देर हो जाती है और तुम गुस्सा करने लगती हो (मम्मी मुस्कराने लगी)ठीक है ८:०० बजने तक आ जाना और कुछ “तो प्रियंका और राहुल दोनों घर से निकल पड़े ,बाहर निकलते ही दीदी बोली “बाईक तो ले लो (मै)पैदल चलने में क्या दिक्कत वैसे भी बाईक को सर्विसिंग चाहिए “और दोनों पैदल ही घूमने निकल पड़े ,प्रियंका अपने मॉडर्न ड्रेस में सेक्सी लग रही थी तो सोसायटी का इलाका पार करने के बाद वो मेरा हाथ पकड़कर चलने लगी तो मै उसके बूब्स को घूरता हुआ पूछा”पार्क में चलना है (दीदी)जरूर लेकिन ऐसी गर्मी में ठंडी बियर लेकर (मै मुस्कुराया)ओह अब समझा वैसे तू इस ड्रेस में मस्त दिख रही है (प्रियंका हंसने लगी)वो तो है ,मेरे फिगर को कुछ लोग समझ पाएंगे और (मै)अच्छा तो अपना फिगर और साईज दिखाने के लिए लेगिंग्स टॉप्स पहनी हो. “

तो प्रियंका कुछ नहीं बोली फिर दोनों मार्केट पहुंचे तो दीदी एक चाट के स्टाल पर रुकी तो मै वाईन शॉप की ओर चला गया ,दो केन बियर और सिगरेट खरीद चाट के स्टाल पर आया तो दीदी चाट खा रही थी “क्या चाट खाना है (मै) नहीं तुम्हीं खाओ “फिर दोनों मार्केट से पार्क की ओर निकल पड़े ,एक प्रेमी युगल की तरह लेकिन मेरे हाथ में प्लास्टिक बैग जिसमें बियर के केन लेकिन प्रियंका का ड्रेस आज सेक्स के लिए उपयुक्त नहीं था ,दोनों पार्क के अंदर घुसे तो आज प्रियंका मुझे पार्क के आखिरी छोर की ओर ले गई और ये पार्क का सबसे सुनसान जगह था ।मै बियर की केन को घास पर रख ज्योंहि बैठने के लिए झुका दीदी मुझे पीछे से दबोच ली ,मै बैठने की जगह सीधा खड़ा हुआ और उसके मुलायम बूब्स का आनंद पीठ पर लेता हुआ दीदी का किस्स का मजा ले रहा था।प्रियंका मुझे पकड़कर गर्दन चूमने लगी तो चूची को पीठ से रगड़कर मेरे चेहरा को थोड़ा पीछे की ओर घुमाई तो मेरे गाल चूमते हुए वो अपना हथेली मेरे लंड के उभार पर घुमाने लगी तो मै अब उसकी ओर घूमकर उसको अपनी बांहों में लेकर ओंठ चूमने लगा ,अभी तो बियर पीना बाकी था.

लेकिन जो नशा प्रियंका के जिस्म में था वो कहां किसी नशे में तो मै ओंठ को अपने मुंह में लेकर चूसता हुआ उसके गोल चूतड़ पर हाथ फेरने लगा और मुझे उसके चूची का दबाव छाती पर मिल रहा था तो प्रियंका मेरे मुंह से अपना ओंठ निकाल जमीन पर बैठ गई तो मै उसके सामने बैठकर बियर की केन निकाला फिर दोनों बियर पीने लगे तो दीदी खुद ही सिगरेट सुलगाकर फूंकने लगी , वाकई मस्त माल दिख रही थी तो मै उसके सामने बैठे बियर पीता हुआ अपना हाथ उसके चूची पर लगा दिया और धीरे धीरे उसके स्तन दबाने लगा तो प्रियंका मुस्कुराने लगी “आज तो यहां तुम मुझे सिर्फ गरम कर सकते हो (मै)क्यों ,मै पैंट उतार सकता हूं तो तू क्या अपनी लेगिंग्स नहीं खोल सकती (वो सिगरेट मुझे देते हुए)और अगर कोई देख लिया फिर मेरा रेप कर दिया तो (मै सिगरेट फूंकता हुआ)रेप ,अरे पगली अलग आनंद मिलेगा लेकिन देखने के बाद कोई तुझे चोद ही देगा जरूरी तो नहीं “तो वो मेरे जींस का चैन खोल रही थी ,लंड अंदर टाईट हो चुका था.

तो बियर का नशा काफी हद तक मुझे ताकत देने लगा आखिर दिन में एक ३५-३६ साल की औरत को चोदा था तो दूसरे राउंड में गान्ड तक मारा था ,अब प्रियंका के हाथ में मेरा लंड था तो मै जींस का बटन खोल थोड़ा अपने उस हिस्से को रिलैक्स कर दिया। दीदी लंड को पकड़ धीरे धीरे हिलाने लगी और पल भर बाद वो बियर के नशे में झूम रही थी तो मै उसके चूची को टॉप्स पर से ही मसल रहा था और वो मेरे लंड को पकड़ उपर नीचे करते हुए मुझे गरम कर रही थी ।एक पार्क में शाम के ०६:४५ बजे थोड़े अंधकार में प्रियंका और राहुल मजे ले रहे थे तो मै चूची दबा दबाकर उसको कामुक कर रहा था तो वो मेरा लंड टाईट कर चुकी थी अब वो मेरे थोड़े करीब खिंस्की और मेरे गोद में बैठ गई ,उसका गोल गुंबदाकार चूतड़ मेरी जांघों पर था तो वो अपना दोनों पैर मेरे कमर से लपेट काम – आसन में थी ,अब मेरा लन्ड दोनों के कमर के बीच था तो वो मेरे गर्दन में हाथ दिए मेरे चेहरा और ओंठ को चूमने लगी. “Bhai Behan Ka Pyar”

मै उसके पीठ पर हाथ फेरता हुआ ब्रा के स्ट्रिप्स को छू पा रहा था ,तो प्रियंका मेरे ओंठ पर चुम्बन देने लगी फिर मेरा जीभ मुंह से निकल उसके ओंठ को चाटने लगा तो दीदी भी अपना जीभ बाहर निकाल मेरे जीभ से टकराने लगी ,दोनों एक दुसरे के जीभ को चाट रहे थे तो काम कला में दोनों अब अनुभवी होने लगे थे ,तभी प्रियंका अपना जीभ मुंह में ले ली और फिर मेरा जीभ अंदर लेकर चूसने लगी ।मेरे गोद में चिपककर बैठे हुए चूची को छाती से रगड़ रही थी तो मै उसके पीठ पर हाथ फेरता हुआ उसके टॉप्स को उपर की ओर उठाया ,फिर नग्न पीठ को सहलाता हुआ दीदी के मुंह में जीभ भरे चुसवा रहा था अब तो तन में आग लग चुकी थी तो लंड दहाड़ मार रहा था ,पल भर बाद मै अपना जीभ बाहर करके उसको गोद से नीचे उतारा तो वो मेरे लंड को पकड़ बोली “इसको चूसती हूं फिर तुम समझो (मै)फिर क्या तुझे यहीं नंगा करके चोदूंगा ” मै उठकर खड़ा हो गया तो मेरा जींस और कच्छा पैर पर था.

और प्रियंका घुटने के बल बैठ मेरे लंड का चमड़ा हटाई फिर सुपाड़ा को अपने ओंठ पर रगड़ते हुए मुझसे नज़रें मिला रही थी तो मै अब इधर उधर देखता हुआ अपना लंड उसकी मुंह में जाने का सुखद अहसास पा रहा था फिर मेरा हाथ उसके बाल को पकड़ा तो प्रियंका मेरे कमर में हाथ लगाए मुखमैथुन करने लगी ,उसके मुंह की तेज रफ्तार और मेरा मूसल लंड उसके गले तक जा अटक रहा था तो मै खड़े खड़े उसके बाल को कसकर पकड़े जोर जोर से अब लंड से उसके मुंह को ही चोदने लगा तो उसका गोरा मुखड़ा लाल हो चुका था और आंखें बंद थी तो उसकी सेक्सी आवाज “उह आह उई “मुझे उग्र करने लगी और मन तो कर रहा था कि उसको अभी यहीं पटककर चोद दूं ,चुदाई तो करूंगा बस स्थान का फर्क होगा तो अब मै उसके चेहरा को पीछे कर लंड को मुंह से निकाल लिया तो थूक से गीली लंड को जीभ से प्रियंका चाटने लगी ,मै लंड की गर्मी और अपने बदन में लगे आग को जल्द बुझाना चाहता था.

तभी मेरी नजर दो तीन लोग पर पड़ी जो हमलोग की तरफ ही आ रहा था तो मै झट से जींस पहना और दोनों वहीं एक दूरी बनाए बैठ गए ।कुछ देर बाद दोनों पार्क से निकल पड़े ,मेरा टाईट लंड जींस के अंदर कच्छा में चुत के लिए तरस रहा था तो अब देर रात ही प्रियंका को चोद पाता ,दोनों घर की ओर जा रहे थे तो मुझे देखते हुए प्रियंका बोली ” मूड भी खराब हो गया और अंदर पैंटी भी (मै )ओह मतलब मेरी रानी ने छोड़ा पानी क्या (वो एक हाथ मेरे चूतड़ पर लगा दी) अब रात को ही मेरे बेडरूम आ जाना फिर मस्ती करेंगे (मै)तो वो दवाई रखी हो की नहीं “तो वो सर हिलाकर हामी भरी फिर घर पहुंचकर अपने अपने रूम गए और मै कपड़ा बदलने लगा तो लंड थोड़ा शांत पड़ चुका था ,तभी मै वाशरूम जाकर मूतने लगा फिर बेड पर लेटकर अपने मन और तन को शांत करने लगा । “Bhai Behan Ka Pyar”

फिलहाल २ -३ घंटे तक रुकने की जरूरत थी तो मैं बिस्तर पर लेटा हुआ आंखें बंद कर लिया ,शॉर्ट्स और बनियान पहन रखा था तो मई की गर्मी से सर दर्द हो रहा था लेकिन बियर के नशे ने कुछ हद तक दिमाग को ठंडा रखा था और आधे घंटे के बाद मम्मी मेरे रूम में आई तो मुझे लेटे देखकर बोली “क्या हुआ ,तबियत ठीक तो है (मै)ठीक हूं थोड़ी गर्मी लग रही है (मम्मी)तो मेरे रूम में ए सी चलाकर लेट जाओ या फिर दीदी के रूम में (मैं) ठीक है आज रात सोच रहा हूं कि जमीन पर ही बेड लगाकर दीदी के कमरे में सो जाऊं (मम्मी)ठीक है वैसे भी प्रियंका के रूम का बेड किंग साईज है आराम से दोनों सो जाना “फिर मम्मी चली गई तो मै काफी खुश था लेकिन दीदी क्या मुझे अपने बेड पर मुझे साथ सोने देती ,समझ में नहीं आ रहा था.

फिर मै डायनिंग हॉल घुसा तो दीदी सोफ़ा पर बैठे टी वी देख रही थी ,उसके नग्न चिकने जांघों को देख मन तड़प रहा था तो वो शॉर्ट्स पहने अपने जांघ पर जांघ चढ़ाए बैठी हुई थी ।मै उनके बगल में बैठकर बोला “दीदी गर्मी बहुत है (वो मुझे घूरते हुए बोली) धीरे बोल कहीं मम्मी सुन ना ले (मै)ओह तुम बात समझ नहीं रही हो ,आज तेरे ही बेड पर सोऊंगा ए सी ऑन करके (वो मुझे देख मुस्कुराई)ओह तो चुप तो कर छुपकर मिलना है घंटे भर के लिए (मै)मम्मी से पूछ लिया हूं की तेरे रूम में साथ सो सकता हूं (वो)तेरा दिमाग खराब हो गया है (मै उसके जांघ को सहलाने लगा)इजाजत मिल चुकी है मम्मी से ,जमीन पर बेड लगाकर सो जाऊंगा लेकिन मम्मी बोली किंग साईज बेड है (वो मेरा हाथ पकड़ जांघ पर से हटा दी)ठीक है तो अभी से ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है “तो प्रियंका के बदलते तेवर को देख मै उठकर बालकनी की ओर चला गया और वहीं कुर्सी पर बैठकर वक़्त का इंतजार करने लगा ,दीदी बहुत ही गुस्सैल और मुड़ी किस्म की लड़की है. “Bhai Behan Ka Pyar”

तो मुझे उसके बातों से बुरा लगा और रात ०९:३० बजे सब खाना खाने बैठे तो मै एक बार भी प्रियंका की ओर देखा तक नहीं और जब पापा खाना खाकर उठ गए तब मम्मी बोली “प्रियंका ,गर्मी बहुत है तो सोच रही थी कि राहुल भी तुम्हारे कमरे में ही सो जाता (वो बोली)ठीक है कोई दिक्कत नहीं बेड कि दो लोगों के लिए है”तो मै दीदी की बात सुनकर दंग रह गया वैसे भी पार्क में दोनों काफी देर तक चुम्बन और दीदी तो मुखमैथुन तक का मजा ली थी लेकिन मेरा लन्ड अब शांत पड़ चुका था तो खाना खाकर मै अपने रूम चला गया.

और दरवाजा सटाकर नाईट बल्ब ऑन कर बेड पर लेट गया ,सोच रहा था कि अब प्रियंका को एक बेबस लड़की कि तरह अकेले छोड़ दूंगा और फिर देखूंगा कि आखिर वो मेरे सामने आकर टांग फैलाती है या मै उसको चोदने के लिए तड़प उठता हूं । मै बेड पर सो गया तो ध्यान उसकी गोल गोल चूचियां और नग्न जांघों पर ही था ,कुछ पल बाद मम्मी मेरे रूम में आकर पूछी “अरे क्या हुआ ,यहीं सो रहा है (मैं) हां ,लगता है दीदी को सोने में प्रॉबलम होगा (मम्मी)ठीक है ज्यादा गर्मी लगे तो चले जाना “तो मम्मी दरवाजा सटाकर चली गई ,फिलहाल रात के १०:१५ बजे थे तो एक ओर मेरे लंड कि तड़प तो दूसरी ओर प्रियंका के चुत की खुजली , पता नहीं कौन किस पर हावी होगा . आगे की कहानी अगले भाग में…

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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