चूत की चुदास से परेशान ममेरी बहन को लंड दिया

में हर्ष आज आपको एक दम सच्ची सेक्स की कहानी बताने जा रहा हूं जो मेरे साथ 2021 जून में हुई थी..शनिवार मैं अपने गांव अपने मामा के घर गया हुआ था,जब मैं वहा पहुंचा तो सब खुश थे। मेरे मामा को 2 बच्चे है एक नीरज(बदला नाम)और एक श्वेता(बदला नाम).. Bathroom Bra XXX

नीरज काफी छोटा है तकरीबन 6/7 साल का…पर श्वेता 17 साल की है.. मैं 2 साल बाद मामा के घर गया था और श्वेता को भी 2 साल बाद ही देखा था तो मेरी आखें उसको देख के फटी ही फटी रह गई. उसके चूचे काफी बड़े और एक दम गोलाकार के हो गए थे, उसकी जांघें भी मस्त हो गई थी और कमर तो मतलब क्या ही बोले..

अब मैंने खुद को काबू किया मामा मामी के पैर छू कर अपना समान रखा और सीधा नहाने चल दिया… नहाते वक्त मैने नोट किया की मेरी बहन श्वेता की ब्रा पैंटी वहा पड़ी है… तो मेरे मन में लालच आया और मैं उसकी पैंटी सूंघने लगा..

उसकी पैंटी सूंघने ही मुझे अलग सी खुशबू आई और मेरे रोंगटे और लंड दोनो खड़े हो गए… मेरा हाथ अपने आप मेरे 8 इंच के लोड़े पे चला गया और मैं इतना मगन हो गया की 2 मिनट में ही मेरा वीर्य निकल गया जो मैने उसकी ब्रा पे झाड़ दिया.. अब मैं नहा के बाहर आ गया..

मैं सीढ़ियों से नीचे आ रहा था तो मैंने देखा कि मेरी बहन टॉवल ले कर ऊपर नहाने जा रही थी तो मुझे पता चला कि उसने वो ब्रा नहाने के बाद पहननी थी.. वो ब्रा पिंक कलर की थी जिसपे मैं अपना माल झाड़ आया। मैं नीचे आ के चुप चाप खाना खाने बैठ गया..

मामा के घर में 3 कमरे है और फिर तीसरे कमरे में जा के सो गया। शाम को जब मैं उठा तो मैने देखा मेरी ममेरी बहन श्वेता के चेहरे पे एक अलग सी स्माइल थी मैं कुछ समझा नहीं.. फिर मैं टीवी देखने बैठ गया.. अब रात के खाने के समय मेरी बहन श्वेता ऊपर वाले बाथरूम में थी तो मैं इसके कमरे में उसकी खाने के लिए बुलाने गया.

तो मैंने देखा की अलमारी खुली है मैने वहा देखा तो उसकी ढेर सारी ब्रा पेंटी मेरी आखों के सामने थी फिर मैने अलमारी का दूसरी साइड खोला तो नीचे एक लॉकर था लाकर खोला तो उसमें (सेक्स टॉय वाइब्रेटर या नकली लंड) पड़े थे वो भी 2… मैं फटाफट बाहर आ गया..

अब मैं सोचता रहा की श्वेता को कैसे चोदा जाए तो मेरे पास एक आइडिया आया.. मैने कहा रात को इसको लंड दिखायेंगे। अब रात को मामी आई और बोली तेरा भाई नीरज आज तेरे साथ सोएगा.. एक तो मुझे ऐसा कमरा मिला था जो घर के बिलकुल आखरी कोने में था.. ऊपर से नीरज मेरे साथ सो रहा था…

तो मैंने ज्यादा कुछ न सोचते हुए कमरे की लाइट बंद की ओर से गया… करीबन 1/1:30 बजे मेरी आंख खुली तो मैं जान करके नीचे वाले टॉयलेट में पेशाब करने गया जहा का दरवाजा सही नही था और जाते मैने गौर किया की मामा के रूम से कुछ आवाज आ रही है ।

मैं देखने गया तो गेट हल्का सा खुला था मैंने देखा तो मेरे होश उड़ गए,48 साल के मेरे मामा का लंड भी मेरे जितना ही 8 इंच का था और वो मामी की चूत को ताबड़तोड़ चोद रहे थे… मामी भी मामा को हल्की हल्की गालियां दे रही थी ‘चोद साले मेरी चूत… चोद ले रख दे भोसड़ा बना दे इसका…अपने माल से पानी पानी कर दे इसको…

ये सुनके मामा को जोश आ गया उन्होंने धक्के तेज किए और अपना माल मामी की चूत में गिरा के सो गए.. मामी भी नंगे बदन पे चद्दर ओढ़ कर सो गई। अब मैं सीधा टॉयलेट चला गया और मैं ये नहीं देखा की श्वेता दीवार के पीछे है…

मुझे लगा की रात में कौन ही देखेगा तो मैने गेट खुला छोड़ दिया और अपना लंड हाथ में लेकर मूतने लगा.. अब मुझे बाहर से बिलकुल हल्की आवाज आई मैंने तिरछी आंख से देखा तो श्वेता मुझे देख रही थी अब मैंने जान कर के लंड उसको पूरा दिखाया ऊपर नीचे किया और फ्लश किया तो वो भाग गई.

अब अगले दिन भी मैने यही किया लेकिन इस दिन मुझे पेशाब नही आया तो मैं मामी की चुदाई देखने में लग गया.. मुझे किसी के आने की आवाज आई लेकिन मैं पीछे नहीं मूड़ा और देखता रहा मुझे पता था श्वेता ही होगी अब मैने मामा मामी की पूरी चुदाई देखो और फिर लंड निकाल के हिलाने लगा..

जैसे ही मामा झड़े और मामी से गई मैं पीछे घूमा और देखा तो वहां श्वेता दीवार के सहारे खड़ी हो कर अपनी चूत में उंगली कर रही थी। उसकी आंखें बंद थी तो मैं अपना लंड बाहर निकाल के उसके पास गया,उसकी चूत में जहा उंगली थी वहां अपना लंड लगाया.. “Bathroom Bra XXX”

उसके हाथो का स्पर्श होते ही मेरे लंड में कम्पन हुई और वो आखें खोल के पीछे मुड़ गई। मैने धीरे से उसके कान में बोला मुझे पता है तेरे अंदर भी हवस की आग है तभी तू कल मुझे पेशाब करते समय देख रही थी.. कल जब मैं मामा मामी की चुदाई देखने आया तो मैंने तुझे छुपते हुए देख लिया और मुझे ये भी पता है कि तू (नकली लंड) से अपनी प्यास मिटाती है.

श्वेता बोली- भैया मेरी चूत में अभी तक कोई असली लंड नहीं गया. जरा आराम से पेलियेगा.

फिर मैंने धीरे धीरे अपना लंड श्वेता की चूत में घुसाने लगा. श्वेता की चूत बहुत टाइट थी अभी तक बिलकुल कुंवारी थी उसकी चूत. फिर मैंने तेज धक्के लगाने शुरू किये. श्वेता अब दर्द से हलकी हलकी चीखने लगी, मैंने तुरंत उसके होंठो को चूसने लगे जिससे उसकी चींखे बंद हो गई. फिर हमने आधे घंटे तक चुदाई की और एक साथ झड गए.

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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