Bahan Ki Gand Fadi Apne Lund Se

मैं कितना बड़ा गांडू हु आपको मेरी कहानी पढ़कर ही पता चल जायेगा, पर मैं करूँ क्या, मुझे गांड मारना बहुत अच्छा लगता है, मैंने अपने जवान खूबसूरत बहन को किस तरह से राजी किया गांड मरने के लिए तब बी वो कह रही थी भैया गांड मत मारो प्लीज दर्द होता है, पर मैं छोड़ने बाला नहीं था मुझे बूर में चोदना अच्छा नहीं लगता है, मैं आपको पूरी कहानी सुनाता हु. Bahan Ki Gand Fadi Apne Lund Se.

मैं मोंटी दिल्ली का पंजाबी मुंडा हु, मैं दिन भर मस्ती करता हु, रात को डिस्को पार्टी पब यही मेरा काम है, मेरे घर में मैं मेरी अठारह साल की बहन और मेरी माँ हम तीन जन रहते है पापा कनाडा में जॉब करते है हम तीनो अपने बाप के पैसे से खूब मस्ती करते है माँ भी चुदक्कड़ है वो भी शाम होते ही अपने आशिक के पास चली जाती है मेरी बहन काफी अच्छी है वो आज तक किसी से चुदी नहीं है, वो बड़ी ही हसीन नैन नक्स की लड़की है, बूब बड़ा बड़ा गांड चौड़ी, गोरी, गाल गुलाबी.

उसके दीवाने तो बहुत है पर वो ज्यादा किसी को भाव नहीं देती, मैं कामयाब रहा अपने बहन को गांड मारने में, एक दिन की बात है, मैं और मेरी बहन दोनों घर पे थे, माँ बोली आज रात को नहीं आउंगी मैं अपने दोस्त के यहाँ जा रही हु उसके यहाँ फंक्शन है तुम लोग पिज़्ज़ा मंगवके खा लेना, और माँ चली गयी, हम दोनों बहन भाई ने प्लान बनाया की आज रात को बियर पिएंगे और तंदूरी चिकिन खाएंगे, रात को करीब १० बजे खाना खाया और बियर पि, मैंने बियर में थोड़ा सा व्हिस्की भी मिला दी थी, व्हिस्की कभी कभी मम्मी पीती है, मैंने जितना व्हिस्की निकली उतना पानी डाल दिया ताकि माँ को शक ना हो की हम लोगो ने उनकी व्हिस्की पि.

मेरी बहन ने कहा भैया आज का बियर तो काफी स्ट्रांग है मुझे तो काफी नशा आ गया, मैंने कहा हां लग तो ऐसे ही रहा था, वो उठी और बाथरूम जाने लगी वैसे ही वो लड़खड़ा कर गिरने लगी मैंने उसको संभाला, पर उसी कर्म में बहन का गोल गोल बड़ा बड़ा बूब मेरे हाथो में आ गया, बहन झूमते हुए बोली “हम्म्म्म नॉटी भाई, क्या किया तुमने” “Bahan Ki Gand Fadi” मैं: कुछ भी तो नहीं बहन: तो ऐसे ही मेरे बूब दब दया मैं : अरे यार तो क्या हुआ, गलती से दब गया बहन: तो जोर से क्यों नहीं दबाया मैं : जोर से? क्यों तुम्हे अच्छा लगेगा क्या? बहन: अभी आती हु तुम्हे गिफ्ट दूंगी, आज तो खुश कर दिया बियर पिला के, और हां सिगरेट है अभी आती हु वाशरूम से जला के रखना.

मेरी बहन वाशरूम में गयी और वापस पेशाव कर के आई मैंने सिगरेट जला के उसे दे दिया, वो कस पे कस लगाने लगी, मैं भी कस लगा रहा था, उसके बाद बोली, आज मजा आ गया. तो मैंने कहा मजा तो आ गया चिकन भी था, बियर भी था, पर वो नहीं रहने की वजह से मजा थोड़ा फीका हो गया, तो मेरी बहन बोली क्या है यार साफ़ साफ़ बोल. आज तुम्हे सब कुछ मिलेगा, मैंने कहा क्या आज हम दोनों सेक्स कर सकते है किसी को पता भी नहीं चलेगा.

तो मेरी बहन बोली नहीं यार, ये मेरे से नहीं होगा, मैंने आज तक सेक्स नहीं किया है. तो मैंने कहा नहीं किया तो आज कर लो तुम तो मस्त माल हो गयी है, अभी तुमको चुदने में काफी अच्छा लगेगा, आज तो मौका ही, अगर तुम आज मेरे से नहीं चुदी तो आने बाले समय में किसी और से चुद जाएगी क्यों ना घर का माल घर में रह जाये. “Bahan Ki Gand Fadi”

मेरी बहन तैयार हो गयी, बोली देख भाई मैं तुम्हे चूत में घुसाने नहीं दूंगी क्यों की मैं अपनी वर्जिनिटी मैं अपने बर्थडे में खोना चाहती हु, तू चाहे तो गांड मार ले, मेरा तो ख़ुशी का ठिकाना ना रहा क्यों की मुझे तो गांड मारना ही पसंद है, फिर क्या था हम दोनों एक दूसरे को बाहों में झूमते हुए बैडरूम में गए और मैंने अपने बहन का एक एक कर के सार कपडा उतार दिया, वो गजब की हॉट लग रही थी, बड़ा बड़ा चूच मस्त गोरी शरीर पिंक होठ, चूत के पास हलके हलके बाल, गांड गोल गोल उभरा हुआ चलती तो दोनों तरफ चूतड़ एक दूसरे को सहलाते हुए चलती, वो लेट गयी.

मैंने अपने बहन के होठ को चूसना सुरु किया फिर बूब दबाना, मजा आ गया दोनों निप्पल को जब बारी बार से अपने दांत से दबा रहा था वो तो बस आआह्ह आआआहह आआआहह उफ्फ्फ्फ्फ़ कर रही थी, वो बार बार अंगड़ाई ले रही थी, फिर मैंने चूत को चाटना सुरु किया पर बहन बोली आज नहीं तू बर्थडे पे चाट लियो, तू ही मेरी वर्जिनिटी का मालिक रहेगा, और वो पेट के बल लेट गयी, “Bahan Ki Gand Fadi”

मैंने उसके कंधे से पीठ से चूतड़ से जांघ से निचे पैर तक चाटना सुरु किया और फिर गांड को चाटने लगा दोनों हाथ से चूतड़ को अलग अलग किया, और गांड के छेद पे जीभ रखा और जीभ को लकपकाने लगा वो तो इतनी कामुक हो गयी यार की बता नहीं सकते वो तो ऐसे ऐसे आवाज निकाल रही थी कभी तो लग रहा था उसे दर्द हो रहा था कभी लग रहा था उसे ठण्ड लग रही है कभी तो लग रहा था किसी ने पेट में चुति काट ली, फिर मैंने अपने लैंड पे ऊपर थोड़ा थूक लगाया और अपने बहन से गांड में पेल दिया.

वो कराहने लगी और आँख में आंसू आ गए जब की अभी तक मेरे लैंड का सुपाड़ा ही अंदर गया था, मैंने उसको सहलाया और फिर से कोशिश की चार पार झटके में पूरा लण्ड अंदर चला गया, मेरी बहन बार बार कह रही थी भैया गांड धीरे से घुसाओ प्लीज दर्द होता है, मैंने भी कहा रुकने बाला मैं जोर जोर से उसके गांड में अपना लण्ड घुसा रहा था, दोनों नशे में चूर चूर थे और फिर थोड़े देर बाद वो भी गांड उठा उठा के गांड मरवाने लगी, रात भर में करीब ६ बार मैंने अपने बहन को गांड मारी, सुबह जब उससे देखा तो वो ठीक से चल नहीं पा रही थी, आपको मैं अपनी बहन की वर्जिनिटी की कहानी बताऊंगा उसका बर्थडे अभी ३ दिन बाद है. “Bahan Ki Gand Fadi”

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

Read All Stories by Ritu Agarwal
Disclaimer

इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ पूर्णतः काल्पनिक हैं और केवल वयस्क पाठकों (18 वर्ष से अधिक आयु) के मनोरंजन के लिए लिखी गई हैं। इनका किसी भी वास्तविक व्यक्ति, घटना या स्थान से कोई संबंध नहीं है।

यहाँ प्रस्तुत किसी भी सामग्री को वास्तविक जीवन में अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता। यदि आप 18 वर्ष से कम आयु के हैं, तो कृपया इस वेबसाइट को तुरंत छोड़ें।

इस साइट की सामग्री केवल भारत के कानूनों के अनुरूप वयस्क मनोरंजन हेतु है। कहानियों में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी हैं और वेबसाइट का किसी भी प्रकार से उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।

हमारी साइट का उपयोग करके आप स्वीकार करते हैं कि आपने हमारी Privacy Policy पढ़ और समझ ली हैं।

लिंक कॉपी हो गया!