अंकल को मेरे लन्ड से प्यार हो गया

मेरा नाम पंकज है, मेरी उमर 38 साल की है, मैं देखने में अच्छा लगता हूँ। बात उन दिनों की है जब मैं 21 साल का था, मेरे घर के पास एक अंकल रहते थे जो बिजली बोर्ड में नौकरी करते थे।

एक दिन वो पास की दुकान पर कुछ लेने आए तो मैं भी वहाँ पर था, ऐसे ही बात हो गई, उन्होंने मेरे बारे में पूछा, मैंने उसको बता दिया कि मैं कॉलेज़ में पढ़ता हूँ। उन्होंने बताया कि मैं पास में रहता हूँ और बिजली बोर्ड में नौकरी करता हूँ। मैं अपने घर आ गया।

कुछ दिनों बाद मेरे घर की बिजली खराब हो गई, मुझे याद आया कि अंकल को लेकर आता हूँ। मैं उनके घर चला गया, जब मैं उनके घर गया तो मैंने देखा घर में वो अकेले थे था और उनके बदन पर केवल कच्छा था। उन्होंने मुझे देखा, बोले- अंदर आ जाओ! मैं अंदर गया तो उनको बताया कि हमारी बिजली खराब हो गई है, आप ठीक कर दो। उन्होंने कहा- मैं ठीक कर दूंगा पर मेरी एक इच्छा है कि शाम को तुम और मैं बियर पिएँगे, तुम शाम को यहाँ पर आ जाना। मैंने कहा- आपके घर वाले किधर हैं? उन्होंने बताया- मैं अकेला रूम किराए पर लेकर रहता हूँ, बाकी सब गाँव में रहते हैं।

उन्होंने बिजली ठीक कर दी और मैं शाम को उनके घर गया तो वो मेरा इंतज़ार कर रहे थे। उन्होंने दो गिलास उठाए और बियर डाली, हम दोनों ने पी ली। ऐसे ही हमने दो बियर पी ली, मुझे बियर से नशा हो गया था। अब उन्होंने मुझे कहा- आज गर्मी है, तुम अपने कपड़े निकाल दो। मैंने निकाल दिए और उन्होंने भी निकाल दिए, हम दोनों अब सिर्फ़ कच्छे में थे।

वो मेरे पास आए और कहने लगे- तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो! मैं चुप था। फिर उन्होंने मेरे लंड को हिला दिया, मुझे अच्छा लग रहा था। उन्होंने थोड़ी देर हिलाने के बाद मेरा लंड अपने मुँह में लिया और चूसने लगे। मुझे अच्छा लग रहा था।

उन्होंने अपने मुँह से मेरे लंड को ऐसे चूसा, मेरा निकालने वाला था। मैंने उनको बताया- मेरा निकलने वाला है। उन्होंने कहा- मैं अपने आप निकाल दूँगा। और वो मेरा सारा माल अपने अंदर ले गए और मेरा लंड अच्छे से उन्होंने अपने मुँह से साफ कर दिया। उसके बाद उन्होंने और मैंने एक एक बियर और पी और वो मेरे लंड को हिलाते रहे।

कुछ देर बाद मेरा लंड दोबारा खड़ा हो गया, अब वो कहने लगे- अब मेरा गांड मरवाने का दिल कर रहा है, तुम मारोगे? मैंने ना कर दी। उन्होंने कहा- मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और तुम्हें अपने वाइफ की भोसड़ी भी दिलवाऊँगा। मैं मान गया। मैं उनकी जोर के गांड मारी और वो बहुत खुश थे, उन्होंने मुझे कहा- मैं अब अपनी वाइफ की चूत तुझे दिलवाऊँगा। मैंने कहा- ठीक है।

कुछ दिनों बाद वो मुझे मिले, उन्होंने बताया- कल मेरी वाइफ आ रही है, तुम मेरे घर शाम को आ जाना! अगले दिन मैं उनके घर गया तो मैंने देखा कि उनकी वाइफ अंदर थी, उसको देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया।

तभी वो वॉशरूम से आए और उन्होंने अपनी वाइफ से मेरी पहचान करवा दी, उन्होंने कहा- यह मेरा भाई जैसा है, तू नमकीन दे, हम दोनों भाई बियर लेंगे। अंकल मुझ से बोले- ये मेरी वाइफ़ है, इसे तू अपनी भाभी समझ ! उन्होंने नमकीन दे दी और बाहर कपड़े धोने चली गई। हमने बियर पी, वो बोले- आज मैं तुझे इसकी फुद्दी दिलवाऊँगा। मैं खुश हो गया।

उन्होंने बोला- पहले अपना लंड तो खड़ा करवा ले! और उन्होंने मेरा लंड पकड़ कर अपने मुँह में ले लिया, कुछ देर चूसने के बाद उन्होंने कहा- अब उसको बुलाता हूँ… वो मना करे तो घबराना मत! उन्होंने अपनी वाइफ को अंदर बुलाया, कहा- मेरे भाई के हार्ट मैं दर्द हो रहा है, तो ज़रा इसको पाउडर लगा दे। वो बोली- ठीक है। मैं चारपाई पर लेट गया और वो मेरे सीने पर पाउडर लगाने लग गई और अंकल कहने लगे- मैं मार्केट से फ्रूट लेकर आता हूँ। वो चले गए। जब वो मेरा पाउडर लगा रही थी तो मैंने देखा कि उनका हाथ नीचे जाता है तो मेरा लंड ज़ोर से खड़ा हो जाता है। वो देख कर आँखें नीचे कर लेती थी।

मैंने कहा- आज बहुत गर्मी है, मैं कपड़े उतार देता हूँ। उन्होंने कुछ नहीं कहा और मैं सिर्फ़ कच्छे में लेट गया। अब वो जैसे ही पाउडर लगाती, मेरा लंड साफ दिखता। एक बार उसका हाथ मेरे लंड को छू गया, वो शर्मा गई। मैंने कहा- भाभी, मेरा लंड खड़ा हो गया है, ज़रा उसको भी हिला दो! उन्होंने कहा- नहीं, मैं ऐसा नहीं कर सकती।

मैंने उनका हाथ पकड़ अपने लंड पर रख दिया और बोला- इसको हिलाओ! अब वो हिलाने लगी। मैंने देखा कि अब वो गरम हो रही थी, मैंने कहा- भाभी, इसको मुँह में ले लो! उन्होंने ना कर दी। फिर मैंने कहा- भाभी, तेरी फुद्दी लेने को दिल कर रहा है मेरा। उन्होंने फिर ना कर दी, उन्होंने कहा- तेरे भाई मुझे माफ़ नहीं करेंगे। मैंने कहा- उनको पता है कि मैं उनका छोटा भाई हूँ, एक ही बात है।

मेरे बहुत समझने पर वो मान गई। फिर मैंने भाभी की फुद्दी मारी, उन्होंने कहा- आज ले ली तो ले ली… आगे से मैं ऐसा काम नहीं करूँगी। मैंने बोला- ठीक है।

थोड़ी देर बाद अंकल भी आ गये, भाभी बाहर चली गई, अंकल ने पूछा- क्या हुआ? मैंने बता दिया, अंकल भी खुश हो गये, अंकल ने कहा- अभी यह और 2-3 दिन रहेगी, जब दिल करे, आ जाना! मैंने कहा- ठीक है, अब मैं जाता हूँ। वो बोले- ठीक है, एक बार जाने से पहले अपना लंड तो दिखा दे! मैंने अपना लंड उनको दिखाया और उन्होंने फिर उसको मुँह में डाल कर चूसा। मैं बाहर आया तो भाभी कपड़े धो रही थी, मैंने उनको बाय किया और मैं घर आ गया।

उस दिन मुझे बहुत मज़ा आया और अगले दिन मैं कॉलेज़ से आकर फिर भाभी के पास गया, पहले तो आंटी ने ना की, बाद में मेरे से ज़बरदस्त चुदाई करवाई। अब उन्होंने ने मेरे शहर में ही घर बना लिया है और मैं आज तक भाभी की चुदाई कर रहा हूँ और उनके पति भी मेरा लंड अपने मुँह में डाल कर नजे लेते हैं। [email protected]

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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