पड़ोसन भाभी को दिया असली मजा

पोर्न वेब साइट्स की शौक़ीन भाभी मेरे पड़ोस में रहती हैं और मैं उनकी सुंदरता के कारण चोदना चाहता था. एक बार मैंने उनके फोन में अन्तर्वासना और दूसरी सेक्स साईट खुली देखी थी.

मेरा नाम सोनू है. उम्र 27 साल है.

मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूं।

वैसे तो मैं हरियाणा से हूं परंतु मुंबई में सरकारी नौकरी कर रहा हूं. मुझे यहाँ आए 6 महीने हो गए।

अभी कुछ महीने पहले विरार में फ्लैट लिया है और मैं अकेला रहता हूं.

पड़ोस में एक भाई रहते हैं, उनकी उम्र करीब 35 साल होगी। उनकी पत्नी 32 साल की हैं और उनके 2 बच्चे हैं. उनका नाम नीलम (बदला हुआ) है.

भाभी दिखने में सांवली हैं, उनका फिगर 34-28-36 का है.

जब से मैंने भाभी को देखा है तभी से मैं उनका दीवाना हो गया हूं, उनकी याद में रात को मुठ मारकर रोता हूं.

भैया रात को पीकर आते हैं और उन दोनों की ‘तू तू मैं मैं’ होती रहती है. मेरे यहां तक आवाज सुनाई देती है।

कभी कभी मैं दिन में भाभी को बोल देता- क्यूं लड़ाई करते हैं भैया? भाभी बोलती हैं कि इनका यही चलता रहता है.

दोस्तो, जब से मुंबई आया हूं तब से कोई चूत का जुगाड़ नहीं हुआ बस मुठ मारकर काम चलाना पड़ता था.

तो इसी चक्कर में नीचे पार्क में एक लड़की आती थी, उस पर लाइन मारनी शुरू कर दी कि कहीं तो जुगाड़ हो.

भाभी अक्सर उस लड़की को ताड़ते हुए मुझे देख लेती तो मुस्करा देती.

मैं अक्सर भाभी की चूचियों और गांड ताड़ता था और भाभी को भी पता थी यह बात!

एक दिन शाम को व्हिस्की पीने का मन हुआ। तो मैं ठंडा पानी लेने भाभी के फ्लैट में चला गया.

भाभी बोली- क्या प्रोग्राम है आज? मैं बोला- भाभी पीने का मन है. आप पानी दे दो! भाभी बोली- देवर जी, दूध पिया करो. क्या रखा है इसमें!

मैं भी मौका देख कर बोला- भाभी, कोई होनी भी चाहिए पिलाने वाली।

भाभी बोली- क्यों उस लड़की से बात नहीं हुईं अब तक? मैं बोला- कहाँ भाभी जी, हो जाती तो नजारा कुछ और ही होता!

तब मैं बोला- भाभी, आप करवाओ ना उससे बात! भाभी बोली- चलो देखते हैं.

उसके बाद मैं आ गया.

एक दिन बाद जब मैं ऑफ़िस जा रहा था, तब भाभी बोली- मेरे फोन में एक एप्लीकेशन डाउनलोड कर दो, स्पेस की वजह से मुझसे हो नहीं रही!

मैं रुककर भाभी का फोन देखने लगा. मैंने यों ही फोन की हिस्ट्री चेक की तो पोर्न वेब साइट्स खुली थी. मैं समझ गया कि पोर्न वेब की शौक़ीन हैं भाभी!

फिर मैंने एप डाउनलोड की और चला गया.

थोड़े दिन बाद मैंने रात को ज्यादा पी ली और अगले दिन लेट उठा. तो ऑफिस से छुट्टी ले ली.

हैंगओवर था तो मैंने सोचा कि बगल वाले भैया से गोली ले लूं.

जाकर बेल बजाई तो थोड़ी देर तक कोई नहीं आया.

थोड़ी देर बाद भाभी ने गेट खोला. उस समय भाभी नहा रही थी. मैंने पूछा- भैया कहाँ हैं? भाभी बोली- काम पर चले गए. और बच्चे स्कूल चले गए!

उस समय भाभी ने सिर पर तौलिया बांधा था और उनकी चूचियां दिख रही थी. मेरी नजर उन पर थी.

भाभी मुझे टोकती हुई बोली- कैसे आना हुआ देवर जी? मैंने कहा- गोली चाहिए थी. भाभी ने गोली दी और बोली- चाय पियोगे?

मैं हैंगओवर में था तो मैं उनकी चूचियों की ओर देखते हुए बोला- दूध पिला दो! भाभी बोली- वो भी पिला देंगे. पहले चाय तो पियो.

तो भाभी किचन में चाय बनाने चली गई.

मैं उनका हिंट समझते हुए उनके पीछे चला गया.

पीछे से जाकर भाभी को हग कर लिया.

भाभी बोली- क्या कर रहे हो? गलत है ये सब! मैं समझ चुका था कि भाभी बस झूठा नाटक कर रही हैं. मुझे उनके शरीर की गर्मी महसूस हो रही थी.

मेरा लड उनकी गांड में चिपटा हुआ था.

मैंने भाभी की गर्दन पर किस करना शुरु कर दिया और मेरे हाथ भाभी की चूचियों को दबाने लगे.

थोड़ी देर बाद मैंने भाभी को लिप किस करना शुरु कर दिया और हाथों से भाभी के चूतड़ दबाने लगा.

कुछ ही देर बाद भाभी के हाथ मेरे लंड पर आ गए.

10 मिनट तक किस करने के बाद मैंने भाभी के कपड़े उतार दिए और भाभी ने मेरे!

जैसे ही मैं भाभी की चूचियों को मसलने लगा, चूसने लगा, भाभी बोली- बेडरूम में चलो! मैंने भाभी को उठाया और ले आया बिस्तर पर और उनकी चूचियों को पीने लगा.

5 मिनट बाद भाभी ने मुझे 69 की अवस्था में आने कहा. मैं समझ गया कि पोर्न वेब साइट्स की शौक़ीन भाभी ने इन्टरनेट से सब सीखा है.

हम 69 अवस्था में आ गए और भाभी जोर जोर मेरा लंड चूसने लगी. चूस चूस के मेरा लंड लाल कर दिया उन्होंने!

मैंने भाभी की चूत में 2 उंगली डाल दी.

थोड़ी देर बाद मैंने भाभी को खड़ा किया. उनका बदन एकदम चमक रहा था.

भाभी के लंबे बाल उनकी गांड तक आते थे, उनको पकड़ कर मैंने लंड को पूरा मुंह में भर दिया. वे भी मेरा लंड लोलीपॉप की तरह चूस रही थी.

मैं सातवें आसमान पर पहुंच गया. 10 मिनट बाद मेरा पानी निकलने लगा और भाभी पूरा पी गई.

फिर भाभी बोली- देवर जी, नीचे आ जाओ! और मैं उनकी चूत चूसने लगा.

भाभी जोर जोर से बडबडा रही थी- ओ यस … जोर से करो! कितने साल में मजा आया है … तुम्हारे भैया तो 2 मिनट में डाल कर खत्म हो जाते हैं. 5-7 मिनट बाद भाभी का पानी निकल गया.

फिर भाभी ने चाय बनाई.

चाय पीने के 5 मिनट बाद भाभी ने फिर मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया. भाभी भी पूरी गर्म हो गई.

और फिर भाभी नीचे लेट गई और बोली- जल्दी से मेरी आग बुझा दो!

मैं कोई जल्दीबाजी नहीं करना चाहता था, पूरा निचोड़ना था भाभी को!

फिर मैं भाभी की चूत पर अपने लंड को रगड़ने लगा. 2 मिनट बाद भाभी बोली- बेनचोद डाल दे अंदर!

भाभी के पांव अपने कंधे पर रख कर लंड को चूत पर रख हल्का शॉट मारा.

तो भाभी को दर्द हुआ, वे बोली- मोटा ज्यादा है तेरा … आराम आराम से डाल!

जैसे ही लंड चूत में घुसा, ऐसा लगा किसी गर्म भट्ठी में डाल दिया हो! और फिर शॉट पर शॉट!

भाभी बड़बड़ा रही थी. साथ में उन्होंने अपने नाखून मेरी पीठ में गड़ा दिए.

10 मिनट बाद मैंने भाभी को उठाया और घोड़ी बना दिया. मेरा इरादा उनकी मस्त गांड मारने का था.

जैसे ही मैंने गांड पर लंड लगाया, भाभी बोली- इधर नहीं! मैंने कभी गांड नहीं मरवाई. बहुत दर्द होता है वहां! फिर कभी ट्राई कर लेना.

उसके बाद मैंने डोगी स्टाईल भाभी की चूत में लंड डाल दिया और उनकी चूचियों को मसलने लगा.

तभी मैंने एक हाथ से भाभी के चूतड़ पर थप्पड़ मारा. भाभी सिसक उठी.

हम दोनों पूरे पसीने में लबालब थे. भाभी बोल रही थी- अब से पहले कहाँ थे? कब से मैं हिंट दे रही थी! मैंने लंड को और अंदर तक डालते हुए कहा- फल के पकने का इंतजार कर रहा था.

भाभी पोजीशन बदल मेरे ऊपर आ गई और जोर जोर लंड पर कूदने लगी.

और फिर थोड़ी बाद मैंने कहा- भाभी, निकलने वाला है. कहाँ निकालूं? वे बोली- अंदर ही निकाल दे सोनू! सेफ टाइम है. मैं भी 2 बार निकल चुकी हूं.

उसके बाद मैंने भाभी को नीचे लिया और 5-7 शॉट लगाने के बाद भाभी की चूत में अपना माल छोड़ दिया. फिर मैं भाभी के ऊपर पड़ा रहा.

तब भाभी ने बताया- तुम मुझे जब आए थे तब से ही मुझे पसंद आ गए थे. तुमने बहुत टाइम लगा दिया मुझे लिटाने में! मैंने कहा- भाभी, आप अगर कुछ बोल पड़ती और खेल उलट हो जाता तो?

फिर उसके बाद मैंने कहा- भाभी, मुझे आपकी गांड भी मारनी है. भाभी बोली- एक तो तुम्हारा मोटा ज्यादा है और स्टेमिना भी ज्यादा! ऊपर से मैंने कभी मरवाई नहीं! फिर कभी करेंगे कोशिश! अभी 2 बच चुके हैं. बच्चों के आने का टाइम भी हो गया.

उसके बाद मैंने भाभी को किस किया और अपने फ्लैट में आकर सो गया.

उसके बाद मैंने भाभी की गांड मारी और भाभी ने उस लड़की को पटवाने का वादा किया. वो सब मैं बाद में लिखूंगा.

मेरी पोर्न वेब साइट्स की शौक़ीन भाभी की यह पहली कहानी आपको कैसी लगी? मुझे जरूर बताना मेल और कमेंट्स में! [email protected]

Priya Sharma

हैंलो जी! मैं प्रिया शर्मा हूँ - दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में डिग्री पकड़ने वाली और पिछले 5 साल से कहानी लेखन में अपना जलवा दिखाने वाली लेखिका। मुझे मानव मनों की चाहतें और इच्छाएँ पढ़ना बड़ा मज़ा आता है। मैं उस तरह की कहानियाँ लिखती हूँ जो आपके मन में छुपे हुए जज़्बातों को बाहर निकाल दें। मेरी कहानियाँ सैकड़ों पाठकों की गर्म रातों को और भी गर्म कर चुकी हैं। चलो, एक साथ मज़े करते हैं - पढ़ते हैं, महसूस करते हैं और जीते हैं!

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