जिसने मुझे ठुकराया, वही मुझसे चुदी

ओल्ड फ्रेंड सेक्स कहानी में मैंने अपनी कई साल पुरानी दोस्त को चोदा. उस समय उसने मेरे प्यार को ठोकर मार दी थी. पर भाग्य का खेल कि वह खुद चल कर मेरे बिस्तर पर आई.

दोस्तो, कैसे हैं आप सब … उम्मीद करता हूँ कि आप सब ठीक होंगे और अपने नीचे वाले से खूब मज़े ले रहे होंगे.

मेरी पिछली कहानी थी: अनजान लड़की की चूत चुदाई का मजा अनजान लड़की की चूत चुदाई का मजा मैं एक बार फिर से एक मस्त चुदाई कहानी लेकर आया हूँ. इस ओल्ड फ्रेंड सेक्स कहानी को पढ़ने के बाद आप सब नीचे से पसीना पसीना हो जाएंगे.

पहले मैं आपको अपने और इस कहानी की नायिका के बारे में बता देता हूँ.

मेरा नाम सागर है और मैं जयपुर का रहने वाला हूँ. मेरा कद 6 फुट का है और मैं दिखने में एकदम मस्त हूँ. मेरा लंड काफी लंबा और मोटा है जो किसी भी चूत को फाड़ने के लिए काफी है.

अब बात करते हैं आज की नायिका की. उसका नाम वर्षा है जो इस समय लगभग 29 साल की माल है. लेकिन जब मैंने उसको चोदा था, तब वह 26 साल की थी.

उसके चूचे 36 इंच के, कमर 30 की और उसकी गांड 36 इंच की है. जो भी उसको एक बार देख ले, तो बिना मुठ मारे नहीं रह सकता है.

वर्षा एक भरे बदन की जवान लड़की है. उसका रंग एकदम गोरा, लंबे बाल एकदम कसे हुए चूचे और क्या ही बताऊं यार उसके बारे में … बस जब भी उसको देखता हूँ तो मन करता कि इसकी चूत में लंड पेल कर वापस ही ना निकालूँ.

ये बात कुछ पुरानी है. एक दिन एक फोन आया. उस तरफ से एक लड़की बोल रही थी. लड़की- हैलो! मैं- जी बोलिए मैं आपकी क्या मदद कर सकता हूँ?

लड़की- आप सागर बोल रहे हैं जो प्ले बॉय हैं! मैं- जी हां, आपको क्या काम है?

लड़की- आपसे से तो मुझे सिर्फ़ एक काम हो सकता है! मैं- हां बताइए … कब सेवा में आ सकता हूँ?

लड़की ने एकदम से थोड़ा रोना शुरू कर दिया और वह सिसकती हुई बोली कि मुझे प्रेग्नेंट होना है. मैं- ओके काम हो जाएगा. लड़की- ओके.

मैं- आप अपना नाम बताइए? लड़की- मेरा नाम वर्षा है.

मैं- ओके, आप अपना एक फोटो मेरे नंबर पर सेंड कीजिए.

वैसे मैं किसी की निजी जिंदगी से कोई मतलब नहीं रखता हूँ लेकिन पता नहीं क्यों, वर्षा नाम सुनकर मेरा लंड खड़ा हो गया और मुझे अपनी वर्षा की याद आ गयी. उसने अपना फोटो सेंड किया, तो मैं उस फोटो को देख कर चौंक गया. यह तो वही वर्षा है, जिसको मैं न जाने कब से चोदना चाहता था.

मैंने ये जानने के लिए वर्षा को कॉल की कि वह मुझसे चुद कर मेरे बच्चे की मां क्यों बनना चाहती है.

मैं- हैलो, मैं सागर बात कर रहा हूँ. वर्षा- जी, मैंने आपको फोटो सेंड कर दी है.

मैं- जी, मुझे फोटो मिल गयी है. लेकिन मुझे आपसे एक बात पूछनी है. वर्षा- जी बोलिए!

मैं- आप मेरे साथ सेक्स करके प्रेग्नेंट क्यों होना चाहती हैं? वर्षा- आपको इससे क्या … आप अपना काम करो और पैसे लो.

मैं- जब तक मैं पूरी बात नहीं जान लेता, तब तक मैं काम नहीं करता. इतना कह कर मैंने कॉल काट दी.

अब मैं वर्षा के साथ बिताए पुराने दिन याद करने लगा, जब वह मेरी बेस्ट फ्रेंड थी. यह बात 5 साल पुरानी है. मैं कॉलेज में बीए की पढ़ाई कर रहा था.

एक दिन वर्षा हमारे कॉलेज में आई. उसने उस दिन सफेद रंग की कुर्ती और लैगी पहनी हुई थी. इस ड्रेस में उसकी पिंक ब्रा और पैंटी साफ दिख रही थी.

मैं तो बस उसको देखता रह गया था. फिर मैं बेसुध अवस्था में बढ़ता गया और वर्षा से टकरा गया. जैसे ही उसके चूचे मेरे सीने से स्पर्श हुए, मुझे एकदम से होश आया.

तब तक वर्षा मेरे ऊपर गिर चुकी थी और मेरे दोनों हाथ उसकी गांड पर थे. क्या बताऊं दोस्तो, कितना मज़ा आ रहा था.

वह तुरंत खड़ी हुई और उसने मुझसे सॉरी बोला. मैंने कहा- कोई बात नहीं … क्या तुम इस कॉलेज में नयी आई हो? वर्षा- जी, मैंने आज ही दाखिला लिया है … बीए में.

मैं- ओके, मैं भी बीए में ही हूँ. वर्षा- आप से मिलकर अच्छा लगा.

मैंने हंसते हुए कहा- मुझे भी … और ये मुलाकात मुझे हमेशा याद रहेगी.

फिर उस दिन घर आकर मैंने वर्षा की याद में दो बार मुठ मारी.

अगले दिन कॉलेज में जब मैं क्लास में था, तब वर्षा आई. उस दिन उसने शॉर्ट टॉप और शॉर्ट स्कर्ट पहनी थी. वह मेरी सीट पर आकर बैठ गयी.

उसकी चिकनी टांगें देख कर मेरा हाल बुरा हो रहा था. मैं पसीने पसीने हो गया था.

कुछ समय बाद हम काफ़ी घुल मिल गए थे और एक दूसरे से हर तरह की बात साझा करने लगे थे.

एक दिन मैंने वर्षा से कहा- वर्षा आज तुम मुझसे मिलो. उसने ओके कहा और वह शाम को 5 बजे मेरे घर आ गयी.

मैंने जैसे ही दरवाजा खोला, मैं उसको देखता ही रह गया. उसने लाल रंग का एक लंबा स्कर्ट और पिंक टॉप पहना था. उसका टॉप इतना ज्यादा चुस्त था कि उसके चूचे बाहर निकलने को तैयार थे.

मैंने उसको अन्दर बुलाया और अपने रूम में ले गया.

मैं- वर्षा एक बात बोलूँ, नाराज़ तो नहीं होगी! वर्षा- बोलो सागर.

मैं- पहले वादा करो. वर्षा- ओके वादा.

मैं- वर्षा जबसे तुमको देखा है, मैं तुम्हारा दीवाना हो गया हूँ. मुझे तुमसे प्यार हो गया है. वर्षा कुछ नहीं बोली और वहां से उठ कर एक साइड में खड़ी हो गयी.

मैं भी उठा और अपने दोनों हाथों से वर्षा को पकड़ लिया. वर्षा एकदम से चौंक गयी और बोली- ये क्या कर कर रहे हो, छोड़ो मुझे! मैंने कहा- क्या हुआ?

वर्षा बोली- सागर तुम पागल हो क्या … मैं तुमको सिर्फ़ अपना दोस्त मानती हूँ और कुछ नहीं. मैं किसी और से प्यार करती हूँ. मैंने नहीं सोचा था कि तुम इतना गिर जाओगे. आज के बाद मुझसे कभी बात मत करना. इतना कह कर वर्षा वहां से चली गयी.

लेकिन उसकी ये बात मेरे दिल में बैठ गयी और मैंने उसी दिन से प्ले बॉय का काम शुरू कर दिया.

अगर कोई वर्षा नाम की लड़की मुझसे चुदने आती, तो मैं उसको बड़ी बेरहमी से चोदता क्योंकि वर्षा नाम से मुझे गुस्सा आने लगता था.

अपनी पुरानी यादों को मैं एक बार किसी चलचित्र की तरह देख ही रहा था कि तभी मेरे फोन की घंटी बजने लगी.

यह वर्षा का कॉल था. मैंने फोन उठाया. वर्षा- आप मेरा काम कर दीजिए प्लीज! मैं- जब तक बताओगी नहीं, तब तक नहीं.

फिर जो उसने मुझे बताया, मैं सुनकर चौंक गया. वर्षा- मेरी शादी को 4 साल हो गए हैं, मैं जिससे प्यार करती थी. उससे मैंने शादी कर ली … लेकिन आज तक हम दोनों की कोई संतान ही नहीं हुई.

मैं- क्यों … तुम दोनों में से किसी एक में कमी होगी? वर्षा- हां मेरे हज़्बेंड का वह खड़ा नहीं होता है.

मैं- मेरे साथ खुल कर बात करो. वर्षा- मेरी सुहागरात पर मुझको पता चला कि मेरे हज़्बेंड का लंड खड़ा नहीं होता है क्योंकि वह बिना कुछ करे ही सो गया था.

मैं- तो क्या तुमने शादी से पहले सेक्स नहीं किया था? वर्षा- नहीं, कभी नहीं.

मैंने मन में सोचा कि अगर उस दिन मान जाती तो आज ये दिन ना आता.

वर्षा- प्लीज, मेरे साथ सेक्स करके मुझे प्रेग्नेंट कर दो! मैं- तुम्हारे हज़्बेंड को पता है कि तुम किसी और से चुद कर प्रेग्नेंट हो रही हो? वर्षा- हां, हम दोनों ने ही मिलकर ये फ़ैसला लिया है. क्योंकि घर में हम दोनों को बहुत ताने सुनने को मिलते हैं.

मैं- ओके तुम्हारा काम हो जाएगा लेकिन मैं तुमको तुम्हारे पति के सामने चोदूंगा. वर्षा- ये कैसे होगा. मैं अपने पति के सामने किसी और मर्द के साथ कैसे सेक्स कर सकती हूँ?

मैं- ये तुम जानो कि कैसे करोगी. वर्षा- ओके, मैं उनको मना लूँगी.

मैं- ठीक है, तो फिर आप अपने चूचों का और अपनी चूत का एक एक फोटो मुझको सेंड करो. वर्षा- ओके.

थोड़ी देर बाद उसके फोटो आ गए. उनको देख कर ऐसा लगा कि आज तक इसके बदन को किसी ने छुआ ही नहीं.

अब मेरे अन्दर अपने हुए अपमान का बदला लेने की आग लग गयी. मैंने वर्षा को कॉल की.

मैं- वर्षा आज जब तुम्हारे साथ सेक्स होगा … तब तुम्हारी आंखों पर पट्टी होगी. वर्षा- क्यों?

मैं- ये मेरा नियम है. वर्षा- ओके.

फिर मैंने उससे पूछा कि उसको पीरियड कब हुआ था. उसी के अनुसार मैंने उसको डेट दे दी.

अब मैं वर्षा को चोदने के लिए तैयारी करने लगा.

वर्षा की चुदाई का दिन आ गया. उस दिन वर्षा ठीक रात के 10 बजे मेरे घर आई और उसने दरवाजे की घंटी बजा दी. मैंने अपने घर की सारी लाइटें बंद कर दीं.

वर्षा उस दिन काले रंग की साड़ी पहन कर आई थी. जैसे ही मैंने दरवाजे को खोला, मैं उसको देखता ही रह गया. क्या जिस्म था उसका … आज भी पहले जैसा मादक. मैंने अपने मुँह पर एक कपड़ा बांध कर दरवाजा खोला था ताकि वह मुझे देख कर कुछ कह न पाए.

मैंने उसकी आंखों पर पट्टी बांधी और उसको अन्दर ले आया. मैं- वर्षा अपने पति से बोलो कि मुझे कहे कि मेरी वाइफ को चोद कर उसको प्रेग्नेंट कर दो.

वर्षा- क्यों? मैं- साली, अपने पति से बुलवा वरना मैं तेरी चूत नहीं चोदूंगा.

वर्षा अपने पति से- आप इनको बोल दो कि मुझे चोद दें. वर्षा का पति- सागर जी आप मेरी पत्नी को चोद कर इसे प्रेग्नेंट कर दो.

मैं- ठीक है भोसड़ी वाले. तू यहीं रुक तब तक मैं तेरी वाइफ को चोद कर आता हूँ. मैं वर्षा को अपने रूम में लेकर चला गया.

मैंने कमरे में वर्षा को अपने बेड पर बैठाया और कुछ सोच कर बाहर आ गया.

मैं उसके पति को भी अन्दर ले आया और उससे बोला- तू अपनी बीवी की चुदाई का वीडियो बना बेटा.

वह मोबाईल से वीडियो बनाने लगा.

मैंने वर्षा का हाथ अपने हाथ में लिया और अपने लोवर के ऊपर से अपने लंड पर रख दिया. वर्षा मेरे लंड को सहलाने लगी.

कुछ पल बाद मैंने वर्षा को खड़ा किया और उसकी चिकनी कमर में अपना हाथ डाल कर अपने होंठों को उसके होंठों पर रगड़ना शुरू कर दिया. वर्षा भी मेरा साथ देने लगी.

मैंने वर्षा को दीवार के सहारे खड़ा किया और उसकी साड़ी का पल्लू हटा दिया. उसके चूचे उसकी ब्रा से बाहर आने को बेताब दिख रहे थे.

अब मैं नीचे बैठ गया और वर्षा के चिकने पेट पर किस करने लगा. उसकी नाभि में अपनी जीभ डाल कर उसको चाटने लगा.

वर्षा भी बहुत ज़यादा गर्म हो गयी और वह मेरे बालों को ज़ोर ज़ोर से खींचने लगी. अब मैं खड़ा हुआ और वर्षा के गले और चूचों के बीच में किस करने लगा.

मैंने वर्षा को घुमाया और उसका ब्लाउज खोल दिया. मैं उसकी चिकनी कमर को चाटने लगा.

फिर मैंने वर्षा को नीचे बैठाया और अपने लंड से उसके चेहरे को रगड़ने लगा.

कुछ देर बाद मैंने अपना लंड वर्षा के होंठों पर रख कर कहा- वर्षा, मेरे लंड को अपने मुँह में लो!

उधर उसका पति अपनी पत्नी की चुदाई की वीडियो बना रहा था. वर्षा ने पहले सिर्फ़ मेरे लंड का टोपा मुँह में लिया और उसको चूसने लगी.

मैंने मन में सोचा कि जो लड़की मुझे छूने नहीं देती थी, वह आज मेरा लंड मुँह में ले रही है.

तब मैंने वर्षा के बालों को पकड़ा और ज़ोर से अपने लंड से एक धक्का मारा.

मेरा लंड वर्षा के मुँह में समा गया और उसकी आंखों से आंसू निकल आए.

अब मैं उसके बाल पकड़ कर उसके मुँह को लंड पर आगे पीछे करने लगा. कुछ देर अपना लंड चुसवाने के बाद मैंने वर्षा को गोद में उठा लिया और बेड पर सीधा लेटा दिया.

वर्षा ने अपनी आंखों से पट्टी हटानी चाही लेकिन मैंने मना कर दिया.

फिर मैं बर्फ का एक टुकड़ा लाया और वर्षा के पैरों के पास आ गया. धीरे धीरे मैं वर्षा की साड़ी ऊपर करता गया और बर्फ के टुकड़े को वर्षा की चिकनी टांगों पर रगड़ता रहा. उस पानी को मैं चाटता रहा.

धीरे धीरे मैंने उसकी साड़ी को उसकी जांघों तक उठा दिया और उसकी संगमरमरी जांघों को पागलों की तरह चाटने लगा.

उसने लाल रंग की पैंटी पहनी थी, जिसमें उसकी चूत का उभार साफ दिख रहा था.

वर्षा इतनी गर्म हो चुकी थी कि उसकी आहों से पूरा रूम गर्म हो चुका था.

फिर मैंने वर्षा को उल्टा लेटाया और ब्रा खोल कर उसकी चिकनी कमर को चाटने लगा. साथ ही मैं वर्षा की गांड को दबाने लगा. उसके बाद मैंने वर्षा की पैंटी नीचे की और उसकी गांड को चाटने लगा.

उसकी गांड एकदम गद्दे की तरह थी.

थोड़ी देर बाद वर्षा को वापस सीधा लेटाया और उसकी नाभि पर अपना लंड रगड़ने लगा. वर्षा चुदने के लिए और पागल हो गयी और वह लंड लेने के लिए तड़पने लगी.

मैंने वर्षा के चूचे के एक निप्पल को चूसने लगा, बीच बीच में काटने लगा.

वर्षा के निप्पल एकदम से टाइट होकर खड़े हो गए. वर्षा की चूचियों के निप्पल एकदम गुलाबी थे.

अब मैंने वर्षा से कहा- अब मेरा लंड तुम्हारी चूत में जाएगा. वह बोली- हां जल्दी से पेल दो.

मैंने वर्षा के दोनों हाथों को बेड से बांध दिया और उसकी पैंटी उतार दी. उसकी चूत भी एकदम गुलाबी थी जो उस वक्त किसी गुलाब की पंखुरी की तरह नम लग रही थी.

उसकी चूत देखकर मुझसे भी नहीं रहा जा रहा था. मैंने अपना लंड वर्षा की चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया.

वर्षा भी मचलने लगी और बोली- अब और मत तड़पाओ … प्लीज मेरी चूत में अपना लंड डाल दो.

मैंने वर्षा की चूत पर तेल लगाया अपने लंड को उसकी चूत के छेद पर रख कर एक ज़ोर का धक्का दे मारा. मेरा आधा लंड उसकी चूत की सील को फाड़ता हुआ उसके अन्दर घुसता चला गया.

वर्षा की ज़ोर से चीख निकल गयी. मैं वैसे ही रुका रहा.

वर्षा दर्द से तड़प रही थी. वह बोली- इसको बाहर निकाल लो!

मैंने कहा- दर्द सहन कर लो बेबी … तभी तेरी कामना पूरी होगी. वह चुप हो गई.

कुछ देर तक मैं धीरे धीरे वर्षा की चूत में अपना लंड अन्दर बाहर करता रहा. फिर जब वर्षा की चूत का दर्द कम हुआ, तब मैंने एक तगड़ा धक्का और मारा. मेरा पूरा लंड वर्षा की चूत में घुस गया.

अब मैं वर्षा के दर्द की परवाह ना करते हुए ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत में धक्के देने लगा.

मेरी आंखों के सामने वह सब चल रहा था, जब वर्षा ने मेरे प्यार को ठुकराया था. मैं इतनी ज़ोर ज़ोर से वर्षा को चोद रहा था कि पूरा बेड हिल रहा था.

कुछ देर बाद मैंने वर्षा को डॉगी बनाया और उसके बाल पकड़ कर उसकी चूत में धक्के मारने लगा. वर्षा, मेरी ओल्ड फ्रेंड सेक्स का मज़ा ले रही थी अब! मैं वर्षा के पति के सामने ही उसकी पत्नी को नंगी करके चोद रहा था.

कुछ देर बाद मैंने वर्षा की टांगें अपने कंधों पर रख लीं और उसकी चूत को चोदना शुरू कर दिया. मैं पागलों की तरह उसके चूचों को दबाने लगा.

कुछ टाइम बाद मैंने वर्षा को सीधा किया और उसकी चूत में अपना लंड घुसा दिया. लंड सटाक से अन्दर तक चला गया था और मैं भी तुरंत ही बहुत तेज गति से उसकी चूत पर धक्के मारने लगा.

लगभग आधा घंटा की बिना रुके धकापेल चुदाई के बाद मैंने अपना सारा माल वर्षा के मुँह में निकाल दिया, जिसको वह पी गयी.

मैंने वर्षा के पति से कहा- तेरा काम खत्म हुआ, अब तू जा!

वर्षा की हालत इतनी खराब हो गई थी कि वह उठ भी नहीं पा रही थी.

जब उसका पति चला गया, तब मैंने वर्षा आंखों से पट्टी खोल दी.

वह मुझे देख कर चौंक गयी.

मैंने कहा- क्यों वर्षा, उस दिन तुमने मेरा अपमान किया था और आज तुम मुझसे चुद रही हो. अगर उस दिन मेरा लंड ले लेती, तो आज ये दिन नहीं देखना पड़ता. वह कुछ नहीं बोली.

मैंने कहा- अगर मुझसे प्रेग्नेंट होना है, तो साली मेरे सामने गिड़गिड़ा … क्योंकि मैंने अपने लंड का माल तेरी चूत में नहीं तेरे मुँह पर निकाला है.

वर्षा ने कहा- सागर, उस दिन के लिए सॉरी, अगर मैं उस दिन तुम्हारी बात मान लेती, तो आज ये दिन ना देखना पड़ता.

मैंने कहा- साली, तू आज से मेरी रंडी है. वर्षा बोली- हां, मुझे अपनी रंडी बना लो.

मैंने कहा- मैं आज तुझको जी भरके चोदूंगा और तेरी गोद में अपना बच्चा दूँगा. अब मैंने और वर्षा ने मिलकर फुल नाइट सेक्स किया और सुबह तक मैंने उसकी चूत को सुजा दिया.

वह दो दिन मेरे घर रही और मुझसे खूब चुदी. जब वह अपने घर जा रही थी तो वह सही से चल नहीं पा रही थी.

आज वर्षा छह महीने की गर्भवती है. तो दोस्तो, कैसी लगी मेरी ओल्ड फ्रेंड सेक्स कहानी, अगर अच्छी लगी हो तो मुझे मेल जरूर करें. [email protected]

Priya Sharma

हैंलो जी! मैं प्रिया शर्मा हूँ - दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में डिग्री पकड़ने वाली और पिछले 5 साल से कहानी लेखन में अपना जलवा दिखाने वाली लेखिका। मुझे मानव मनों की चाहतें और इच्छाएँ पढ़ना बड़ा मज़ा आता है। मैं उस तरह की कहानियाँ लिखती हूँ जो आपके मन में छुपे हुए जज़्बातों को बाहर निकाल दें। मेरी कहानियाँ सैकड़ों पाठकों की गर्म रातों को और भी गर्म कर चुकी हैं। चलो, एक साथ मज़े करते हैं - पढ़ते हैं, महसूस करते हैं और जीते हैं!

Read All Stories by Priya Sharma
Disclaimer

इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ पूर्णतः काल्पनिक हैं और केवल वयस्क पाठकों (18 वर्ष से अधिक आयु) के मनोरंजन के लिए लिखी गई हैं। इनका किसी भी वास्तविक व्यक्ति, घटना या स्थान से कोई संबंध नहीं है।

यहाँ प्रस्तुत किसी भी सामग्री को वास्तविक जीवन में अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता। यदि आप 18 वर्ष से कम आयु के हैं, तो कृपया इस वेबसाइट को तुरंत छोड़ें।

इस साइट की सामग्री केवल भारत के कानूनों के अनुरूप वयस्क मनोरंजन हेतु है। कहानियों में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी हैं और वेबसाइट का किसी भी प्रकार से उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।

हमारी साइट का उपयोग करके आप स्वीकार करते हैं कि आपने हमारी Privacy Policy पढ़ और समझ ली हैं।

लिंक कॉपी हो गया!