Kirayedaar Ne Mummy Ko Chod Kar Chut Dhila Kiya 3

Hindi Sex Story आप सभी का स्वागत करता हूं अपनी कहानी Kirayedar Ne Mummy Ko Chod Kar Chut Dhila Kar Diya के अगले भाग 3 में। आप सभी ने पिछली कहानी में पढ़ा कि किस प्रकार से दीपक अंकल ने मेरी मम्मी के साथ धोखा किया और मम्मी को किसी बाजारू रण्डी की तरह अपने बॉस रमन जी से चुद वा दिया और अपना प्रोमेशन और ट्रान्सफर पक्का करवा दिया। तो अब मम्मी की समझ में नहीं आ रहा था कि उनके साथ क्या हुआ।तो चलिए आगे की कहानी की ओर चलते हैं…। Kirayedaar Ne Mummy Ko Chod Kar Chut Dhila Kiya 3.

तो बॉस ने कहा कि दीपक तूने मेरा काम किया अब मै तेरा काम कर दूंगा तेरा ट्रांसफर और प्रमोशन दोनों पक्के। दीपक अंकल- ठीक है बॉस ये सुनते ही मम्मी के चेहरे के भाव एकदम बदल गए और बॉस अपने घर चले गए फिर अंकल और मम्मी का झगड़ा हुआ कि मम्मी ने कहा कि तुमने मेरा इस्तेमाल किया हैं और अब जब तुम्हारा काम हो गया और मेरे से मन भर गया तो तुम मुझे छोड़ कर जा रहे हो मुझे धोखा देकर जा रहे हो।

लेकिन अंकल मम्मी को कुछ समझाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन मम्मी सिर्फ रो रही थी और जोर जोर से अंकल पर चिल्ला रही थी तो मैं घर आ गया तब मम्मी मुझे आते देख चुप हो गई। फिर अंकल मुस्कुराते हुए ऊपर चलें उन्होंने कहा कि बाद में बात करते है। फिर जब मैंने मम्मी से पूछा कि क्या हुआ तब मम्मी ने कहा कुछ भी नहीं अंकल अनु आंटी के बारे में कुछ बात कर रहे थे लेकिन मम्मी के चेहरे पर कुछ अलग ही भाव थे आंखो से आंसू पोंछे हुए लग रहे थे मुझे लगा कुछ तो गड़बड़ हुई है।

जो मम्मी मुझे बताना नहीं चाहती फिर हम अपने काम में लग गए। उसके बाद 5 दिन तक अंकल घर आए ही नहीं मम्मी के चेहरे पर भी उदासी छाई रहती थी लेकिन मम्मी ने कुछ बताया नहीं (वो बात भी थी कि अब मम्मी अपने अफेयर की बात मुझे क्यों बताएंगी) फिर एक दिन अंकल आए और मम्मी को समझाया कि उनका मकसद सिर्फ प्रोमोशन का था ट्रान्सफर कंपनी ने किया हैं लेकिन मम्मी मानने को तैयार नहीं थी वो सिर्फ रो रही थी और उन्हें अपनी सोच पर यकीन था कि उनके साथ धोखा हुआ है।

उसके बाद मम्मी और अंकल की कोई बात नहीं होती थीं। फिर एक रोज़ अंकल ने ऊपर से रूम खाली कर दिया और चले गए अब मम्मी और भी ज्यादा उदास और दुःखी होकर रहने लगीं। मैं समझ नहीं पा रहा था कि मम्मी से पूछा कैसे जाएं और कैसे उन्हें समझाया जाए क्योंकि मुझे लगा कि मम्मी अंकल के जाने से उदास रहती हैं। फिर एक दिन अचानक मम्मी को उल्टी हुई और चक्कर आए तो मुझे लगा उदास और भूखी रहने की वजह से चक्कर आए हैं तब मैं अपनी मम्मी को डॉक्टर के पास ले गया डॉक्टर ने चेक किया लेडी डॉक्टर कमाल की हसीना थी मैं तो देखते ही बहक गया मेरे मुंह से सिर्फ यहीं निकला की वाउ सो क्यूट, फिर मैंने खुद को कंट्रोल किया.

और मम्मी को डॉक्टर को दिखाया तो मम्मी को नाम और उम्र पूछी (कीर्ती 38 साल)और बाकी बाते भी पूछी तब उन्होंने 2-3 टेस्ट लिख दिए और बोला ये टेस्ट करने होंगे और मुझे बाहर जाने का बोल दिया मम्मी से कहा कि 1 घंटे में आपकी रिपोर्ट भी आ जायेगी फिर ही मैं आपको दवाई दे सकती हूं फिर मम्मी ने कहा ठीक है। फिर एक घंटे बाद डॉक्टर वापस हमें बुलाया और मम्मी को कहा कि ये कौन है मम्मी ने कहा कि मेरा बेटा है तो फिर डॉक्टर मुस्कुराई और कहा ठीक है। डॉक्टर – कीर्ती जी बधाई हो आप 2 महीने की प्रेग्नेंट हो आपके सारे टेस्ट पोजिटिव आए हैं।

लेकिन ये सुनते ही मम्मी के चेहरे का रंग उड़ गया और ये देख मैंने मज़ाक में डॉक्टर से कहा कि भाई आयेगा या बहन। डॉक्टर ने हसकर कहा कि वो तो भगवान की इच्छा होगी वो आयेगा लेकिन मैं बहुत खुश हुआ। फिर डॉक्टर ने कहा कि बाकी कोई प्राब्लम नही है बस आपकी उम्र की दिक्कत है आप इस उम्र में बच्चा चाहते हैं या नहीं। लेकिन शायद आपकी प्रेगनेंसी के दौरान आपको उम्र की दिक्कत हो सकती हैं बाकी ऊपर वाले की इच्छा होगी तो सब ठीक रहेगा।

मम्मी ने कहा ठीक है फिर हम दोनों वहां से निकल आए फिर रास्ते में मैंने मम्मी से कहा कि मैं पापा को बता दू की डॉक्टर ने खुशखबरी दी है। मम्मी ने कहा मैं खुद पापा को बता दूंगी। फिर हम घर आ गए और मम्मी अभी तक बहुत उदास थी उन्हें बिल्कुल भी खुशी नहीं थी कि वो एक बार फिर मां बनने वाली हैं फिर वो रूम में और कपड़े चेंज करके उन्होंने एक नाईटी पहन ली और पलंग बैठ गई और कुछ सोचने लगी और मम्मी की आंखों से आंसू निकल रहे थे.

मैंने कई बार पूछा कि आपको क्या हुआ आप क्यों रो रही हो लेकिन मम्मी ने कुछ नहीं कहा और खड़ी होकर कांच में खुद को देखने लगी तो मैंने कहा कि मैं आपके लिए पानी लेकर आता हूं जब मैं पानी लेकर आया तो देखा मम्मी कांच के सामने खड़ी होकर ज़ोर ज़ोर से रो रही है और अपने पेट पर हाथ से मुक्के मार रही है फिर जल्दी से मैंने जग एक तरफ रख कर मम्मी के हाथ पकड़े और मम्मी को पिछे से पकड़ कर उन्हें बेड पर बिठाया और बोला की आप पागल हो गई हो क्या ये क्या कर रही हो फिर 1 मिनट बाद मम्मी मुझे धक्का देकर वापस अपने पेट पर मारने लगी.

तो मुझे कुछ समझ नहीं आया और मैंने एक जोर से थप्पड़ मम्मी को मार दिया और उनको अपने गले से लगा लिया फिर मम्मी लगातार रो रही थी लेकिन मैंने उन्हें कहा कि मम्मी आप को मेरी कसम है अगर आपने कुछ भी ग़लत किया तो जाने वाले चले गए अब आपको अपनी ज़िन्दगी फिर से शुरू करनी होगी मेरी लिए इस बेबी लिए फिर मुझे भी रोना आ गया और हम दोनों रोने लगे 10 मिनट बाद जब मम्मी थोड़ी सी चुप हुई तो मैंने उन्हें बेड पर बैठाया और मम्मी को कहा कि मुझे पता है कि आपकी और दीपक अंकल की दोस्ती हो गई थी.

लेकिन अब वे चले गए है अब आपको अपने बारे में सोचना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए तभी मम्मी ने रोते हुए कहा कि कहा कि ये बच्चा दीपक अंकल का हैं और दीपक ने मुझे धोखा दिया है मुझे इस बच्चे से कोई लेना देना नहीं है मुझे ये बच्चा नहीं चाहिए। ये सुन कर मेरी हालत ख़राब हो गई ऐसा लगा जैसे मेरे दिमाग ने काम करना बंद कर दिया है लेकिन मैंने खुद को संभाला और सोचा कि यही मौका है हीरो बनने का यहीं एक रास्ता है अपने मकसद को पूरा करने का इससे अच्छा मौका नहीं मिलेगा।

फिर मैंने भोला बनकर मम्मी से पूछा कि आप क्या कह रहे हो मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा और फिर मम्मी ने रोते हुए मुझे शुरू से आखिर तक पूरी बात बताई कि कैसे अंकल ने मम्मी को अपने प्यार के जाल में फंसाया और खुद का मन भरने के बाद उनका इस्तेमाल किया और दीपक अंकल ने मम्मी को अपने फायदे के लिए अपने बॉस को खुश करने को कहा और अपने बॉस का बिस्तर गरम करवा दिया। और अब मम्मी को प्रेग्नेंट करके मम्मी को धोखा देकर हमेशा हमेशा के लिए चले गए। फिर एक बार और मम्मी ने मुझे अपने सीने से लगा लिया और जोर जोर रोने लगी और बोलने लगीं बेटा मुझे माफ़ कर दो मुझसे गलती हो गई।

फिर मैंने भोला बनकर अपनी मम्मी से कहा कि आपसे कोई गलती नहीं हुई है मैं हमेशा आपके साथ हूं। तभी मम्मी ने कहा कि मुझे ये बच्चा नहीं चाहिए फिर मैंने कहा कि नहीं मम्मी इसमें इस मासूम का कोई दोष नहीं है ये बच्चा सिर्फ आपका हैं दीपक अंकल का इससे कोई लेना देना नहीं है। और प्लीज़ आप खुद को और इस बच्चे को दोषी मत मानो। ये सब बातें सिर्फ आपके और मेरे बीच की है पापा को कभी भी पता नहीं चलेगा। फिर मम्मी चुप होने लगी फिर मैंने मम्मी को पानी पिलाया और मुस्कुराते हुए। “Kirayedaar Ne Mummy Ko”

मम्मी को बोला की वैसे भी मुझे भी एक भाई या बहन तो चाहिए ही जिसके साथ मै खेल सकु फिर मम्मी भी मुस्कुरा दी और बाथरूम जाकर आई और पापा को फोन किया और कहा कि कैसा होता कि हमारे दो बच्चे होते तो पापा ने कहा कि आज क्या हुआ ये बार बार बच्चो की बातें क्यों कर रही हो तब मम्मी ने कहा कि वे डॉक्टर के पास गई थी और एक बार फिर मां बनने वाली हैं पापा ये सुन कर बहुत खुश हुए और कहा कि मैं तो आउट ऑफ इंडिया हूं और 1 महीने बाद आऊंगा और तुम अपना ख्याल रखना और मुझे भी फोन पर कहा कि अपनी मम्मी का अच्छे से ख्याल रखना।

मैंने भी कहा की मैं मम्मी का अच्छे से ध्यान रखूंगा। फिर मैं धीरे धीरे में घर के सारे काम करने लगा और मम्मी को खुश रखने लगा और रात को मम्मी के साथ ही पलंग पर सोता था और मम्मी के पैरों की, कमर की, बदन की मालिश करता था और उन्हें खुश रखने की कोशिश करता था 1 महीने बाद जब पापा आए तो वो बहुत खुश थे 5दिन पापा ने देखा कि मैं घर का सारा काम करने लगा हूं तो वो और भी खुश हुए फिर पापा वापस काम पर चले गए।

फिर मैं धीरे धीरे मम्मी के और भी करीब आ गया और मम्मी को किचन में पीछे से पकड़ कर उनके गालों को चूमता तो कभी उनके पीछे खड़े होकर उनके पेट पर हाथ रखकर उनको प्यार करता। डॉक्टर के पास ले जाकर चेक अप करवा कर लाता ।रात को सोते समय दवाई दे कर पैरों की और सिर की मालिश करता तो मम्मी को भी अच्छा लगता फिर धीरे धीरे मम्मी के गालों की जगह अब मम्मी के होंठो पर किस्स करता तो मम्मी भी मुस्कुरा देती और कभी कभी शरमा जाती।

फिर 6 महीने ऐसे ही चला मम्मी अब 8 वा महीना चल रहा था और मम्मी अब और भी अधिक खूबसूरत लग रही थी उनके बूब्स अब पहले से ज्यादा बड़े और भारी हो गए थे मम्मी की गान्ड में अब और भी ज्यादा उभार आ गया था। गान्ड का आकार देखते ही लौड़े में करंट दौड़ने लगता था पांव भारी हो गए थे रात को मम्मी के पैरों की मालिश करता था तब मम्मी की जांघों को मसलता हुआ उनकी चूत के भी दर्शन हो जाते थे क्योंकि अब मम्मी ब्रा और पैंटी नहीं पहनती थी। “Kirayedaar Ne Mummy Ko”

कभी कभी जब मम्मी की मालिश करते समय वो अपनी टांगों को चौड़ा करती और उनकी चूत दिखाईं देती तो वो मेरे सामने देख कर मुस्कुाने लगती और फिर मुझे अपनी बांहों में भर कर मेरे होंठ चूसने लगती और बाहों में ले कर सो जाती।फिर रात को जब बेबी मम्मी के पेट में लात मारता तो मम्मी को बहुत तकलीफ होती थी वो इस कारण सो नहीं पाते थे। फिर आखिर वो दिन आया जब मम्मी को लेकर हॉस्पिटल गया मेरे पास कोई नहीं था इसलिए मुझे बहुत डर लग रहा था.

लेकिन पापा ने कहा कि वे 4-5 दिन बाद आ जायेंगे तू डर मत सब अच्छा ही होगा फिर डॉक्टर ने कहा कि आपके भाई हुआ है थोड़ी देर बाद मम्मी और भाई से मिल सकते हैं फिर मम्मी को अलग रूम में शिफ्ट किया। जब मैं अंदर गया तो देखा मम्मी बेड पर बैठी थी मुझे देख कर मुस्कुराई और बोली ये रहा तुम्हारा भाई अब खेलो इसके साथ…. फिर मैं भी हसने लगा हमारे रूम में कोई नहीं था तो मैंने मम्मी को अपनी बाहों में भर लिया और मम्मी को 5 मिनट तक एक लम्बा किस्स किया और मम्मी ने भी मेरा साथ दिया.

फिर 3 दिन बाद डॉक्टर ने अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया और पापा भी आ गए हमने बेबी का नाम जय रखा। फिर वो 15-20 दिन हमारे साथ रहने के बाद पापा वापस काम करने चले गए। फिर 6 महीने बाद जब जय दूध कम पीने लगा तो एक रात मम्मी के बूब्स में दर्द हो रहा था तो दूध बूब्स से अपने आप ही बाहर निकल रहा था और मम्मी की पूरी नाईटी उपर से दूध गीली हो गई थी तब मम्मी ने कहा कि ये दूध नहीं पी रहा और मेरे बूब्स में दर्द हो रहा है. “Kirayedaar Ne Mummy Ko”

फिर मम्मी ने नाईटी नीचे की ओर दोनों बूब्स को मेरे सामने ही पकड़ कर जोर जोर से दबाने लगी लेकिन फिर भी इतना दूध नहीं निकल पाया तब मम्मी ने मुझे कहा कि तू चूस चूस कर थोड़ा दूध पी लें। मैं तो इसी इंतजार में था कि कब मम्मी हा बोले फिर मम्मी लेट गई और मैं राइट बूब्स से दूध पीने लगा और लेफ्ट वाले को धीरे धीरे दबाने लगा फिर 10 मिनट बाद मैंने लेफ्ट वाले बूब्स को मुंह में डाल दिया और पीने लगा मम्मी धीरे धीरे सिसकियां भरने लगी.

फिर मैं अपने एक हाथ से मम्मी की नाईटी को ऊपर उठाने लगा और एक हाथ को मम्मी की चूत पर रख दिया और मौका देखकर धीरे धीरे मम्मी की चूत को मसलने लगा फिर मैंने अपनी 2 उंगली चूत में डालने लगा तभी अचानक मम्मी ने मेरा हाथ पकड़ लिया फिर मैं मम्मी के बूब्स को छोड़कर उनको होंठो पर किस्स करने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी फिर मैं धीरे धीरे मम्मी की चूत को अपनी उंगलियों से चोदने लगा 15 मिनट बाद मैं उठा और मम्मी की टांगों को चौड़ा किया.

और अपना पजमा उतार कर टांगो के बीच आ गया मेरे लौड़े का आकार 9 इन्च लम्बा और 3 इन्च मोटा था मम्मी को देखने लगा फिर मम्मी ने अपनी आंखे खोली और सिर हा में हिलाकर इशारा करते हुए कहा कि अब मत रुको प्लीज……. फिर मैंने लौड़े को पकड़ कर चूत पर रखा और धीरे से धक्का लगाया तो वो फिसल गया फिर मम्मी ने अपने हाथ से पकड़ कर चूत के मुंह पर रखा और मैंने धक्का लगाया तो मेरा आधा लौड़ा लगभग 4 इंच मम्मी की चूत में घुस गया फिर एक झटका और दिया. “Kirayedaar Ne Mummy Ko”

और मेरा पूरा लौड़ा मम्मी की चूत को चीरता हुआ अन्दर घुस गया और मैंने मम्मी को चोदना चालू किया मम्मी धीरे धीरे सिसकारियां भरने लगी फिर मैंने चोदने की गति को और तेज किया और 25 मिनट बाद मम्मी ने मुझे कस कर अपनी बाहों में भर लिया जड़ गई।15-20 धक्कों के बाद मैंने भी मम्मी की चूत में सारा माल भर लिया और मम्मी के ऊपर लेट गया। फिर मैं उठा और पास में लेट गया और मम्मी से कहा कि अब आप पहले से ज्यादा खूबसूरत हो गई हो आई लव यू मम्मा।

मम्मी ने कहा आई लव यू टू बेटा। (आखिर मैंने मम्मी को अपना बना ही लिया और अपने प्लान में कामयाब हो गया / 1 साल सेवा करने के बाद मैंने मेवा खा ही लिया) फिर आधे घंटे बाद मम्मी मेरे लौड़े को हाथ में पकड़ कर मसलने लगी और मैंने लौड़े को मम्मी के मुंह में डाल मुंह चोदने लगा 10 मिनट बाद मम्मी को घोड़ी बना कर पीछे से कमर को पकड़ कर उनकी चूत में लन्ड डाल कर 1 बार और चोदा फिर मम्मी को अपनी बाहों में भर कर सो गया। अब मम्मी और मेरा प्यार और भी ज्यादा गहरा हो गया था । लेकिन अब यहां पर ये कहानी खत्म नहीं हुई है आगे बताऊंगा कि कैसे रमन अंकल वापस मम्मी से मिले और उन्होंने एक बार फिर मम्मी को चोदा। मुझे मेल जरूर करना कि कहानी कैसी लगी [email protected]

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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