विधवा भाभी ने अपने रसभरे चूचो को चुसाया

दोस्तो मेरा नाम सोनू (बदला हुआ नाम ) है और 20 साल का हूं. मैं दिल्ली से हूं. मैं अभी कॉलेज कर रहा हूं. मेरे लंड का साइज 8 इंच है. आज में आपको अपनी जिंदगी की एक सच्चाई बताने जा रहा हूं। मेरे रिश्तेदारी में एक मोसी है, वह मेरी सगी मोसी नही कही दूर की मोसी है। Kamvasna Sex Kahani

उनके घर में सिर्फ मोसी के अलावा उनकी एक बेटी जो 18 साल की है और उनके बेटे की बीवी यानी उनकी बहू है। उनका नाम दया (बदला हुआ नाम) है। अब में आपको भाभी के बारे में बता दू भाभी 30 साल की है और बहुत ही सेक्सी लगती है। उनके चूचे बहुत ही बड़े है एक दम मजा आ जाए उन्हे देखकर, अब मैं कहानी पर आता हूं।

यह बात उन दिनों की है जब मैं मोसी के घर आना जाना शुरू हुआ था भाई का स्वर्गवास तो पहले ही हो गया था फिर उनके साथ साथ कुछ महीने बाद मौसा भी गुजर गए थे। हम वहा जाया करते थे भाभी अक्सर मुझे अलग नजरो से देखती थी। पहले मैं ज्यादा ध्यान नहीं देता था इस बात पर सब कहते की यह बहू गलत औरत है पर मुझे विश्वास नहीं होता था क्योंकि मुझे लगता था की उनके 3 बच्चे है वो ऐसे कैसे गलत हो सकती है।

एक दिन मैं उनके घर गया। मैं वही बैठा था तभी भाभी ने कहा देवर जी आप जरा मेरी मदद कर दोगे सामने वाली कमरे की सफाई करने में क्योंकि उनके चाचा सुसर वो कमरा खाली करके चले गए थे। मोसी को धूल मिट्टी से दिक्कत थी इसलिए वो नही आई और हम वहा चले गए।

काम करते करते वो मुझे देख जा रही थी तो मैने देख लिया की वो मुझे देख रही है। मैने काम करते करते फिसलने का नाटक करने लगा तभी उन्होंने मुझे पकड़ लिया पर में उन पर ही गिर गया। तभी हमारी सांसें एक दूसरे से टकराई और वो मेरे ज्यादा करीब आ गई और मुझे चूमने लगी।

मेरा भी हाथ उनकी सलवार में कब चला गया मुझे पता नहीं चला तभी मुझे उनकी चूत की गर्मी अपने हाथ पर महसूस हुई वह भट्टी की तरह तप रही थी। करीब 5 मिनट तक हमारा चुम्मा चाटी का प्रोग्राम चालू रहा तभी भाभी अचानक से दूर हुई और सॉरी बोलते हुए घर में। चली गई।

उस दिन के बाद भाभी के लिए मेरी सोच बदल गई। अगले दिन मैं वहा गया तो भाभी थोड़ा असहज महसूस कर रही थी और मुझसे नजरे भी नही मिला रही थी। तभी मोसी ने कहा कि बाहर से कुछ सामान ला दे और दया को साथ ले जा यह भी कुछ सामान लाएगी।

मोसी ने मुझे पैसे दिए और सामान की लिस्ट बनाकर दे दी की यह सामान ले आना। हम सामान लेने बाहर निकले हम बाजार मैं जाना था सामान लेने और बाजार घर से बहुत दूर लगता था। एक घंटा आना जाने में लग जाता है। हम बाजार में उतरे और सामान लिया और घर के लिए निकलने लगे. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

तभी मैने भाभी से कहा कि कुछ खा लेते है, आस पास एक पिज्जा की दुकान थी, हम वहा गए। मैने पिज्जा, बर्गर ,कोल्ड ड्रिंक ऑर्डर करी। हम वहा बैठे और मेने भाभी से कल के बारे में बात करी। मैने कहा कि कल वाली बात से आप नाराज तो नही होना वो थोड़ा गलती से हो गया था।

तभी भाभी बोली की कोई बात नही देवर जी होता है। मैं सोच में पड़ गया को क्या कहूं फिर हमने पिज्जा खाया और दुकान से बाहर निकले और घर जाने लगे। रास्ते मैं भाभी ने पूछा की देवर जी आपकी कोई गर्ल फ्रेंड है। तो मैने कहा कि नही है भाभी कोई अच्छा ही नहीं लगा जिसे गर्ल फ्रेंड बनाऊं।

फिर भाभी ने पूछा की मैं आपको कैसी लगती हूं अच्छी या बुरी तो मैने कहा कि आप मुझे बहुत अच्छे लगते हो। फिर भाभी ने बोला की कल जो कुछ भी हमारे बीच हुआ उसकी वजह से मैं कल रात सो नहीं पाई पर ऐसा अहसास पहले कभी नहीं हुआ तो में पूछ की भाभी आपको अच्छा लगा।

तो भाभी ने कहा कि बहुत अच्छा लगा पर मुझे मन मारना पड़ता है, मैं भी चाहती थी कि मेरा पति मेरी यह इच्छा पूरी करे पर वो तो चले गए मुझे छोड़ कर पर वो जिंदा थे तब भी कुछ नहीं करते थे उनका छोटा था पर काम चल जाता था पर जबसे तुम्हारा देख है ना तब से मन कर रहा है की करू तुम साथ और जी लू अपनी जिंदगी पर डरती थी की कही गलत न हो जाए बदनाम ना हो जाऊ।

तभी मैने कहा की अगर आप चाहो तो मैं आपकी यह इच्छा पूरी कर सकता हु। तो वो मान गई फिर हम घर आ गए। अगले दिन मोसी और उनकी बेटी को दो दिन के लिए बाहर जाना था तो उन्होंने भाभी की जिमेदारी मुझे दी की ध्यान रखना और जो कहर लाकर दे देना। फिर वो चले गए।

उनके जाने के बाद एक घंटे बाद हमने अपना काम चालू किया। भाभी ने खाना बनाया और में घर पर फोन करके बोल दिया था की आज थोड़ा देर से आऊंगा कही जा रहा हु। फिर हमने खाना खाया और भाभी ने बच्चो को सुला दिया और हम दूसरे कमरे मैं आ गए। कमरे में जाते ही मैंने भाभी को चूमना शुरू किया।

फिर मैने उनकी सलवार और कमीज उतारी और उनकी ब्रा के उपर से ही उनके बड़े बड़े चूचों को दबाने लगा , फिर मैने उन्हे पूरा नंगा कर दिया और उनके रस भरे चूचों को चूसने लगा। फिर भाभी को मैने अपना लन्ड चूसने को बोला और वो मेरा लन्ड चूसने लगी।

मैं भाभी के मुंह मैं जोरदार धक्के लगाने लगा और भाभी भी पूरे जोश के साथ मेरा लन्ड चूस रही थी फिर हम 69 की पोजीशन में आ गए और मेने पहली बार उनकी चूत का स्वाद चखा और ऐसे ही करते करते हम दोनो झड़ गए और एक डिस्क पर निढाल पड़ गए। कुछ समय बाद भाभी फिर से गर्म हो गई और उन्होंने मेरे लन्ड को पकड़कर हिलाना चालू कर दिया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

कुछ ही समय में मेरा लन्ड फिर से खड़ा हो गया और हम फिर शुरू हो गए फिर मेने भाभी के पैर खोले और भाभी की चूत में लन्ड सेट किया और एक जोरदार धक्का मरा भाभी तो खेली खाई खिलाड़ी थी इस लिए उनकी चूत में लन्ड आराम से चला गया और मैं भाभी को मजे लेकर चोदता रहा सच बताऊं तो मुझे ऐसा लगा की मैं जन्नत में हूं। भाभी आ आ आ आ आ आ आ की आवाज निकल रही थी. “Kamvasna Sex Kahani”

भाभी :- देवर जी और तेज करो आज फाड़ डालो मेरी चूत बहुत प्यासी ही मैं कितनी महीनो से आज बुझा दो मेरी प्यास.

मैं :- जरूर भाभी आज मैं आपकी चूत का भोसड़ा बना दूंगा।

भाभी :- बना दो फिर मेरी चूत का भोसड़ा आज से मैं सिर्फ तुम्हारी ही हूं चोदो मुझे आ आ आ आ आ आ आ आ आ.

भाभी की चूत मेरे लन्ड को अपने अंदर खींच रही थी हम कामवासना में इतने डूब गए की अब हमे कुछ नही बस अपनी मंजिल पानी थी। कम से कम 10-15 धक्के देने के बाद मैं भाभी के अंदर ही झड़ गया और हम अब जब भी मौका मिलता है चुदाई कर लेते है। और एक बार मेने भाभी ननद यानी मेरी बहन को भी चोदा कहानी आपको अगले भाग मैं बताऊंगा, Thanks [email protected]

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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