पड़ोसन भाभी की चूत में लंड का हमला

हॉट MILF फक़ कहानी मेरे पड़ोस की भाभी की है. मैंने उनको बच्चे को दूध पिलाती देखा तो मैंने भी दूध पीने की इच्छा प्रकट कर दी. भाभी हंस पड़ी. उसके बाद चुदाई की बात कैसे बनी?

दोस्तो, मेरा नाम राहुल सिंह है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र अभी 21 साल है. मेरी हाइट साढ़े पाँच फुट की है और मेरा लंड 7 इंच का है.

मेरा शरीर जिम करने की वजह से काफ़ी गठीला है इसलिए लड़कियां मुझ पर बहुत जल्दी आकर्षित हो जाती हैं.

यह हॉट MILF फक़ कहानी मेरी ओर मेरी पड़ोसन भाभी की है. हमारे मोहल्ले में कुछ वक़्त पहले एक भाभी रहने आई थीं, उनका एक लड़का भी था.

मैं पूरी गली में सबसे ज्यादा पॉपुलर लड़का था तो मेरी और भाभी की बातें जल्द ही होने लगीं. वे अपने घर का सारा सामान लाने के लिए मुझे ही बुला लेतीं.

मैं खुद भी जब बोर होता, तो भाभी के घर जाकर भाभी से बातें करने लगता.

एक बार भाभी ने मुझे बुलाया और कहा- राहुल मेरे लिए नहाने का साबुन ला दो. मैंने कहा- भाभी मुझे थोड़ा काम है, तो मैं आधा घंटा बाद तक लौटूँगा.

भाभी ने कहा- ठीक है, पर याद से ले आना. मैं हां में सर हिलाता हुआ वहां से चल गया.

आधा घंटा बाद जब मैं साबुन लेकर आया और गेट खोला तो देखा भाभी आँगन में नंगी नहा रही थीं और अपने चूचों को मसल रही थीं. उनका बच्चा दूसरी तरफ चारपाई पर सो रहा था.

भाभी मुझे देखकर शर्मा गईं और बोलीं- साइड में रख दो. जब मैंने भाभी की तरफ देखा तो उन्होंने हल्की सी स्माइल पास की और वापस शर्माने लगीं.

मैंने साबुन रखा और वहां से चला गया.

अगले दिन में घर पर खाली बैठा था तो मैंने सोचा कि भाभी के घर ही चला जाए. जब मैं भाभी के घर पहुंचा तो उस वक्त भाभी अपने बच्चे को दूध पिला रही थीं.

मुझको देखकर हॉट MILF ने अपना चूचा थोड़ा छिपा लिया. मैंने भाभी से पूछा- भाभी, इसमें दूध आता कैसे है?

इस पर भाभी हंस पड़ीं और कहने लगीं- दूध का तो पता नहीं कि कैसे आता है. पर बहुत मीठा आता है. मैंने भी कह दिया- भाभी, ऐसे कैसे मान लूँ कि मीठा आता है. आप एक बार मुझे पिलाओ, तब मैं भी जान सकूँ कि कितना मीठा है.

भाभी हंस कर कहने लगीं- हट पागल … यह तो मेरे बच्चे के लिए है. मैंने कहा- आप मुझे भी अपना बच्चा समझ कर ही पिला दीजिए.

भाभी हंसने लगीं और बोलीं- पिला तो दूँगी, पर एक शर्त है! मैंने कहा- बताओ क्या शर्त है? भाभी बोलीं- अगर तू मुझे पूरी तरह सॅटिस्फाइ करके चोद दे तो मैं तुझे रोज़ दूध पिलाऊंगी.

हॉट MILF फक़ की बात सुनकर मेरी आंखें और मुँह एकदम से खुले ही रह गए. चुदाई के लिए इतना साफ साफ बोला गया था और यदि अब भी कुछ न करता तो शायद मुझसे बड़ा कोई नामर्द न होता.

मैंने भी बिना कुछ सोचे भाभी पर झपट्टा मार दिया और उन्हें चूमने लगा. भाभी ने अपने बेबी को एक ओर लिटाया और मेरी बांहों में खुद को सौंप दिया.

मैंने भाभी को चूमना चालू किया और वो भी मेरा साथ देने लगीं. हम दोनों ही एकदम बेकाबू होकर चूमाचाटी कर रहे थे.

भाभी की मादक आंहें और कराहें मेरे कुंवारे लौड़े को एकदम लोहे का सरिया बना रही थीं.

मैंने उन्हें चूमते हुए कहा- भाभी, न जाने कितने दिन से आपकी जवानी को चखना चाह रहा था. भाभी बोलीं- हां राहुल, मैं भी बहुत प्यासी हूँ. आज मुझे कुचल कर रख दो. मेरी चूत में बहुत आग लगी है.

मैंने मस्ती करते हुए पूछा- क्यों भाभी, भैया की लकड़ी आपके चूल्हे में नहीं जलती है क्या? वो बोलीं- उनकी लकड़ी की गर्मी खत्म हो गई है राहुल. बेबी होने के बाद तो जैसे उनकी लकड़ी ठंडी पड़ गई, उसमें जान ही नहीं बची. ये कह कर भाभी रूआंसी हो गईं.

मैंने उन्हें अपने सीने में भर लिया और उन्हें चूमते और सहलाते हुए शांत करने लगा. कुछ ही देर में पुन: उत्तेजित होने लगा और मैंने एक एक करके भाभी के सारे कपड़े उतार दिए.

कुछ ही देर में भाभी मेरे सामने बिल्कुल नंगी थीं. भाभी के मस्त भरे हुए 36 नाप के चूचे देख कर मेरे मुँह में पानी आने लगा.

भाभी ने मेरा लंड देखा, तो बोलीं- तेरा लंड तो बहुत मोटा है. ये तो आज मेरी चूत को फाड़ ही देगा. मैंने कहा- क्या भाभी, आप भी मजाक कर रही हो. आपने अपनी चूत में से बेबी बाहर निकाला है तो उसके सामने मेरे लंड की हैसियत ही क्या है?

भाभी मुस्कुरा कर अपनी चूत के ऊपर की तरफ एक चीरा का निशान दिखाती हुई कहने लगीं- ये देखो मेरे भोले देवर जी. बेबी को इधर से निकाला गया है, न कि चूत में से निकाला है. मेरी चूत अभी भी पुरानी पोजीशन में ही है और इसमें सिर्फ तुम्हारे भैया का पतला वाला लंड ही घुसा है. अब बताओ कि मैं मजाक कर रही हूँ क्या?

मैंने कहा- अगर ऐसा है भाभी, तब तो आज मुझे भी अपने लंड की सील तुड़वाने में मजा आने वाला है! भाभी मेरी बात सुनकर एकदम से खुश हो गईं- क्या बात है मेरे भोले देवर जी … आपका मतलब है कि आज तुम्हारे लौड़े की ओपनिंग सेरेमनी है? मैंने कहा- हां मेरी प्यारी भाभी … इसीलिए आपको आज बहुत मजा आने वाला है और मुझे दर्द होने वाला है.

भाभी हंस दीं और बोलीं- तुम फिर गलत हो राहुल. तुम्हारे मोटे लवड़े से मुझे भी दर्द होगा, ये तय है. अब बकचोदी छोड़ो और जल्दी से चुदाई का खेल शुरू करो. मैंने कहा- खेल तो चुसाई से शुरू होगा मेरी प्यारी भाभी जान! वे बोलीं- हां हां तो मैंने कब मना किया है. आ जाओ 69 में, फिर मेरे मुँह का भी कमाल देखो.

इसके बाद हम दोनों 69 में आ गए और एक दूसरे के लंड चूत को चाटने लगे.

करीब 15 मिनट बाद भाभी ने कहा- अब मुझसे रहा नहीं जाता राहुल, मेरी चूत फाड़ दो.

भाभी के ये कहते ही मैंने अगले सेकेंड ही में पोजीशन चेंज की और भाभी की चूत पर अपना लंड रख कर रगड़ना शुरू कर दिया.

भाभी काफी उत्तेजित हो चुकी थीं और वो अपनी गांड उठा कर लंड को अपनी चूत में लील लेना चाह रही थीं.

उन्होंने गाली देते हुए कहा- राहुल साले भोसड़ी के … क्यों सता रहा है, जल्दी से अन्दर पेल ना मादरचोद!

मैंने उनके मुँह से गाली सुनी तो मैं भी भभक उठा और मैंने भी भाभी की इज्जत की मां चोदते हुए उन्हें गाली देना शुरू कर दी- ले भैन की लौड़ी साली रंडी लंड खाने को मचल रही है कुतिया … ले खा ले मेरा लौड़ा … आह.

तभी मैंने एकदम तेजी से धक्का दे मारा.

भाभी की चूत एकदम से चिरती चली गई और वो बहुत तेज आवाज में चिल्ला दीं, उनकी आंखों से आंसू आने लगे. वे कलप कर बोलीं- आंह … बाहर निकाल लो … मैं मर जाऊंगी. भाभी रोने लगीं.

इधर मेरे लौड़े का हाल भी बुरा था. मेरे लंड का धागा टूट गया था, जिस वजह से मुझे भी काफी दर्द हो रहा था. मगर मैं चीख ही नहीं पाया था क्योंकि जैसे ही भाभी की दर्द भरी आवाज आई तो मैं अपना दर्द भूल गया था और भाभी को चुप कराने का प्रयास करने लगा था.

मेरा लंड भाभी की चूत में जितना घुसा था, मैंने उसे उतना ही घुसा रहने दिया और उन्हें चूमने सहलाने लगा.

फिर मेरे लंड की जलन कुछ कम हुई तो मैंने धीरे धीरे उतने ही लंड को आगे पीछे करना शुरू किया.

कुछ देर में भाभी भी नॉर्मल हो गईं और वो मेरे धक्कों से अपनी गांड हिलाने लगीं. ये देखते ही मैंने अपनी चुदाई की स्पीड बढ़ा दी और भाभी की चूत फट कर मजा देने लगी थी.

भाभी ने कमर चलाते हुए कहा- तेरे भैया तो अब मुझको चोदते ही नहीं हैं. जब कभी मेरे उकसाने पर चोदते भी हैं, तो 2 ही मिनट में झड़ जाते हैं. पर तेरे लंड में तो जादू है.

कुछ देर बाद भाभी ने आसन बदलने का कहा.

मैंने लंड बाहर निकाल और सीधा लेट गया. भाभी मेरे लंड पर बैठ गईं और उछल उछल कर बहुत तेज तेज धक्के मारने लगीं.

पूरे कमरे में फॅक फॅक की आवाजें आने लगीं और हमारी चुदाई की आवाज़ से कमरे में मदहोशी का आलम छा गया.

कुछ मिनट के बाद मैंने भाभी को घोड़ी बनने को कहा. भाभी के चूतड़ 40 साइज़ के थे. वे घोड़ी बन गईं और भाभी की गुलाबी चूत मटकने लगी.

वो नजारा देखकर ही मैं चूत का दीवाना हो गया. मैंने कहा- भाभी, आपकी इतनी गुलाबी चूत है … देख कर मजा आ गया. भाभी ने कहा- गुलाबी चूत होने का भी क्या फायदा, तेरे भैया तो डालते ही झड़ जाते हैं. आज पहली बार है, जब मैं किसी गैर मर्द से चुदवा रही हूँ.

यह सुनते ही मैंने घोड़ी बनी भाभी को चोदना शुरू कर दिया और दोनों हाथों से भाभी के चूचों को भी निचोड़ना शुरू कर दिया.

भाभी- आआह आअहह चोद दे … फाड़ दे मेरी चूत … आह अपनी इस रंडी भाभी की चूत को फाड़ दे … आज मैं तेरी हूँ राहुल … आआह. भाभी ऐसी आवाजें निकालने लगीं.

मैंने भाभी की चूत से लंड निकालकर उनकी लपलप करती हुई गांड में पेल दिया.

भाभी एकदम से चिल्ला उठीं- उई माँ मर आई … आह भोसड़ी के … चूत मरवा तो रही हूँ … मेरी गांड भी फाड़ेगा क्या आआह निकाल बाहर हरामी चोदे … आह दर्द दे रही है भोसड़ी के. मुझे उनकी गालियां सुनकर गुस्सा आ गया और मैं बिना कुछ सुने पिल पड़ा. मैं और तेज धक्के मारने लगा.

भाभी की गांड बहुत टाइट थी. ऐसा लग रहा था कि मैंने अपना लंड हीटर के अन्दर पेल दिया है.

कुछ ही देर में भाभी गांड मरवाने में मजा लेने लगीं.

फिर जब मैंने भाभी की गांड से लंड निकाला तो भाभी ने मेरा लंड अपने मुँह में भर लिया और अच्छे से चूसने लगीं.

भाभी बिल्कुल रंडी की तरह मेरा लंड चूस रही थीं. वो अपनी धमाकेदार चुदाई से आज इतनी खुश लग रही थीं मानो भाभी ने पहले कभी लंड देखा ही ना हो. कुछ देर ऐसे ही चूसने के बाद मैं और भाभी अलग हुए और बाथरूम में आ गए.

हम दोनों एक दूसरे को साफ करने लगे. एक दूसरे को साबुन लगा कर बॉडी से बॉडी को मसला और एक दूसरे को अच्छे से नहलाया.

भाभी ने मुझे तौलिया से साफ किया और मैंने उनको साफ किया.

नहाने के बाद भाभी और मैं रूम में आ गए और एक दूसरे के जिस्म पर तेल मालिश करने लगे. तेल मालिश के बाद भाभी जैसे ही मुझे कपड़े पहनाने लगीं.

मैंने भाभी को गोद में भर लिया और भाभी को गोद में उठा कर वापस बाथरूम में ले जाकर शॉवर के नीचे खड़ा कर दिया. शॉवर ऑन किया तो भाभी भीगने लगीं.

मैं भाभी को चाटने लगा, उनके मम्मे चूसने लगा. उसमें से दूध आने लगा तो मैं मस्त हो गया.

कुछ 5 मिनट बाद भाभी भी गर्म हो गईं और मेरे लंड को मसलने लगीं.

कुछ देर तक ऐसे ही मस्ती चलने के बाद मैंने भाभी की टांग को उठा कर बेसिन पर रखा और उनकी चूत पर अपने लंड का सुपारा लगा दिया. एक जोरदार धक्के के साथ पूरा लंड उनकी चूत में घुसा दिया.

भाभी फिर से चिल्ला उठीं- आहह आहह मां … मर गयी … आज तो मैं असल की रंडी बन चुकी हूँ. मैंने उनकी एक नहीं सुनी और धकापेल चुदाई करता रहा.

कुछ मिनट के बाद मैं उनकी चूत में ही झड़ गया. भाभी भी अब तक 3 बार झड़ चुकी थीं.

इसके बाद तो मैं हर रोज़ ही भाभी के घर जाकर उनको चोदने लगा था.

तो दोस्तो, यह थी मेरी सच्ची सेक्स कहानी! आपको यह हॉट MILF फक़ कहानी कैसी लगी? मुझे ईमेल करें ताकि में आपके लिए और भी सेक्सी कहानियां लिख सकूँ. [email protected]

Priya Sharma

हैंलो जी! मैं प्रिया शर्मा हूँ - दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में डिग्री पकड़ने वाली और पिछले 5 साल से कहानी लेखन में अपना जलवा दिखाने वाली लेखिका। मुझे मानव मनों की चाहतें और इच्छाएँ पढ़ना बड़ा मज़ा आता है। मैं उस तरह की कहानियाँ लिखती हूँ जो आपके मन में छुपे हुए जज़्बातों को बाहर निकाल दें। मेरी कहानियाँ सैकड़ों पाठकों की गर्म रातों को और भी गर्म कर चुकी हैं। चलो, एक साथ मज़े करते हैं - पढ़ते हैं, महसूस करते हैं और जीते हैं!

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