अचानक मिली सेक्सी भाभी की चुदाई

गरम चूत Xxx मजा दे गयी मुझे जब मैंने एक भाभी की मदद की किसी ऑफिस में उसका काम करवाने में! वह मेरे गले लग गयी मुझे धन्यवाद देने के लिए!

मेरा प्यार का नाम प्रिंस है. मैं दिल्ली के पास फरीदाबाद का रहने वाला हूँ.

मैं अन्तर्वासना का पुराना पाठक हूँ व लेखक भी हूँ.

मुझे अपनी सेक्स कहानियों की अच्छी सफलता और आपके प्यार की वजह से आज मैं अपनी पांचवी सेक्स कहानी लिख रहा हूँ. दोस्तो, मैं सच कह रहा हूँ कि इस बार आप सभी ने ही मुझे सेक्स कहानी लिखने के लिए प्रेरित किया है.

मेरी एक कहानी लॉकडाउन में मिली सेक्सी भाभी की चुदाई को लाखों लोगों ने पढ़ा और सराहा।

यह गरम चूत Xxx मजा कहानी शुरू करने से पहले एक बार मैं फिर से अपने बारे बताना चाहता हूँ.

मेरी उम्र 26 साल है, कद 5 फुट 8 इंच है. मैं दिखने में अच्छा और रंग गोरा है. साथ ही राष्ट्रीय खिलाड़ी होने की वजह से बहुत चुस्त और फिट हूँ. मेरा लंड इतना है कि किसी भी आंटी, भाभी या लड़की की प्यास बुझाने हेतु एकदम सटीक काम करता है.

समय पास करने के लिए और कुछ अतिरिक आमदनी के चलते मैं बाइक टैक्सी चलाता हूँ।

यह कहानी दिसंबर की ठण्ड के मौसम की है. उस वक्त बहुत ज्यादा धुंध थी जिसके कारण बहुत कम सवारी चल रही थी.

अचानक एक भाभी ने मुझे लिफ्ट के लिए रोका, मैंने बाइक रोक ली और उन्हें बिठा लिया.

उन्हें बहुत जरूरी काम था. उनको अपने बच्चे का एड्मिशन के लिए इनकम सर्टिफिकेट बनवाना था.

मैंने उन्हें ऑफिस तक छोड़ दिया. पर उन्हें पता नहीं था कि इनकम सर्टिफिकेट आदि कैसे बनेगा और उसके लिए कहां जाना है. इसी वजह से उन्होंने मुझे रोक लिया.

मैं उनके साथ ऑफिस में अन्दर गया, पर वहां उनका काम नहीं होगा, ऐसा कह दिया गया. वे बहुत दुखी हो गईं और रोने लगीं.

मैंने उन्हें चुप करवाया और काम करवाने का कह दिया- मैं करवा दूंगा परेशान ना हों आप! भाभी ने कहा- करवा दो, जो कहोगे वह दूँगी!

उस भाभी के बारे में मैं आपको बता दूँ. उनकी 5 फुट 5 इंच की लम्बाई थी और गोरा रंग. उनकी चूचियों के बारे में तो मैं क्या ही तारीफ करूँ … एकदम छोटे छोटे खरबूजे जैसे दूध थे.

मैंने एक दोस्त को बुलाकर भाभी का काम एक घण्टे में ही करवा दिया और उनके बेटे का फॉर्म भी भरवा दिया.

अब भाभी बहुत खुश हुईं और मेरे गले लग क़र कहने लगीं- आज तुम नहीं होते … तो काम नहीं होता! उनके गले से लगने से अचानक से मेरे लंड में हलचल होने लगी और भाभी ने भी सब महसूस क़र लिया.

वे हंस कर बोलीं- कहां चलना है पार्टी के लिए … बताओ क्या खाओगे? मैंने मना क़र दिया- भूख नहीं है.

वे जोर देने लगीं- मुँह को भूख नहीं है … और किसी को है! मैं ताव में आकर हाँ कहने लगा. मुझे लगा कि वे शायद कुछ और कह रही थीं.

पर वे तो सच में कहने लगीं- जब गले लगी थी, तो सब महसूस हो गया था. तुम बहुत अच्छे हो, मुझे प्यारे लगे … तुम्हारी गर्लफ्रेंड है क्या? मैंने मना क़र दिया. तो कहने लगीं- चलो होटल में चलते हैं. यहां कोई देख लेगा. वहां बातें और खाना दोनों खा लेंगे.

थोड़ी दूर के एक होटल में आ गए. उधर मैंने रूम ले लिया और खाना आर्डर कर दिया कि कमरे में ही भेज देना.

भाभी कमरे में आकर मेरे गले से लग गईं. अब मैं भी शुरू हो गया. मैंने किस करना शुरू क़र दिया.

लगभग 20 मिनट तक हम दोनों का किस चला. भाभी मदहोश हो गईं.

धीरे धीरे मैं भाभी के कपड़े उतारने लगा. कुछ ही पल बाद भाभी सिर्फ ब्रा और पैंटी में आ गई थीं. उन्होंने लाल रंग की ब्रा पहनी हुई थी, जिसमें भाभी कहर ढा रही थीं.

मैंने उनकी चूचियों को चूसना शुरू क़र दिया और चूत में उंगली डाल दी. भाभी अपनी चूत में उंगली लेते ही एकदम से चिहुंक उठीं और ‘अअअ अअहअ अअआ’ करने लगीं.

दस मिनट बाद हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए.

भाभी क्या मस्त लंड चूस रही थीं … जैसे मलाई वाली कुल्फी खा रही हों.

कुछ मिनट बाद हम दोनों झड़ गए और एक दूसरे से चिपक कर लेट गए. रानी भाभी एकदम खुश दिख रही थीं.

वे कह रही थीं- मेरे पति ने आज तक इतना खुश नहीं किया. अब मैं हमेशा आपके साथ रहूंगी.

कुछ देर बाद उन्होंने पुनः लंड चूसना शुरू किया और जल्द ही मेरा लंड उनकी चुदाई के लिए तैयार हो गया.

मैंने धीरे धीरे लंड चूत में पेलना शुरू क़र दिया. अभी लंड का सुपारा ही चूत की फाँकों को फैला कर घुसा था कि वे दूर हटने लगीं और कहने लगीं- बहुत दर्द हो रहा है. मेरे पति ने बहुत महीनों से नहीं चोदा है.

मैंने उन्हें समझाया और प्यार से लंड अन्दर डालने लगा. धीरे धीरे कुछ मिनट में मैंने उन्हें कसके पकड़ा और पूरा लंड अन्दर डाल दिया.

उन्हें बहुत दर्द हुआ, पर मैंने उसके होंठ अपने होंठों में ले रखे थे तो ज्यादा आवाज नहीं आई.

अब मैं धीरे धीरे लंड को अन्दर बाहर करने लगा. मेरे लंड को भी लज्जत मिलने लगी और थोड़ी देर बाद उन्हें भी मजा आने लगा.

अब वे मजे से कहने लगी थीं- ओह आह्ह … और तेज तेज पेलो आह मजा आ गया.

कुछ 20 मिनट की चुदाई में वे दो बार झड़ गई थीं.

अब मैं भी झड़ने वाला था तो वे कहने लगीं कि अन्दर ही डाल दो माल … आज मेरे कुंए में बहुत महीनों बाद पानी गया है. तभी मैंने कहा- रोज भर देंगे कुंए को … आप परेशान क्यों होती हैं!

वे खुश हो गईं. चुदाई के बाद खाना खाक़र हम दोनों फिर से चुदाई में लग गए.

अबकी बार मैंने भाभी को घोड़ी बना लिया और पीछे से चोदने लगा, मैं उनके गोरे गोरे चूतड़ों पर चांटें भी लगा रहा था. उन्हें बहुत मजा आ रहा था.

अब मैंने भाभी को हवा में उठा उठा क़र चोदना शुरू क़र दिया. कुछ 5 मिनट के बाद वे झड़ गईं.

अब मैंने उनको बेड पर लिटाया और दोनों पैर अपने कंधों पर रख कर तेज तेज चुदाई शुरू कर दी.

भाभी काफी थक गईं और कहने लगीं- जरा जल्दी कर लो … तुमने तो आज चलने लायक नहीं छोड़ा.

लगभग 15 मिनट बाद मैं उनकी चूत में झड़ गया और वे मुझसे चिपक कर लेट गईं.

मैंने देखा कि भाभी की चूत सूज गयी थी. वे उठीं तो सही से चल नहीं पा रही थीं.

मैंने दर्द की दवाई मँगवा कर उन्हें खिलाई.

अब रानी भाभी बहुत खुश थीं और अपने घर जाना नहीं चाहती थीं. पर उनकी मजबूरी थी.

उन्होंने मुझे गले से लगाया और नंबर लेकर जल्दी मिलकर साथ में चुदाई का प्लान बनाने का बोला. ऐसे पूरे दिसंबर भर मैंने रानी भाभी की घमासान चुदाई की, मुझे गरम चूत Xxx मजा मिला.

अब उनके पति का ट्रांसफर केरल में हो गया तो वे चली गईं. रानी भाभी की मैंने बहुत चुदाई की थी और उन्हें बहुत खुश रखा था.

मेरी वजह से किसी को इतनी ख़ुशी मिली, यह मेरे लिए सौभाग्य की बात थी.

आप इस सेक्स कहानी पर अपनी राय अवश्य दें. अगर इस सेक्स कहानी ने आपकी बुर में उंगली घुसवा दी, आपकी चूत से पानी निकल गया, तो आपके उरोजों पर मेरे हाथों का अहसास करते हुए मुझे ईमेल में यह सब जरूर लिख डालें.

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Priya Sharma

हैंलो जी! मैं प्रिया शर्मा हूँ - दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में डिग्री पकड़ने वाली और पिछले 5 साल से कहानी लेखन में अपना जलवा दिखाने वाली लेखिका। मुझे मानव मनों की चाहतें और इच्छाएँ पढ़ना बड़ा मज़ा आता है। मैं उस तरह की कहानियाँ लिखती हूँ जो आपके मन में छुपे हुए जज़्बातों को बाहर निकाल दें। मेरी कहानियाँ सैकड़ों पाठकों की गर्म रातों को और भी गर्म कर चुकी हैं। चलो, एक साथ मज़े करते हैं - पढ़ते हैं, महसूस करते हैं और जीते हैं!

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