विधवा माँ और चाचा का संभोग देखा

मैं कोमल शर्मा हूँ, उम्र 32 साल, हाइट 5’5”, फिगर 38-29-38, रंग गोरा, चुदाई की शौकीन। दिल्ली में रहती हूँ। मेरी शादी हुए करीब 9 साल हो चुके हैं और एक बेटा भी है 8 साल का। आज मैं आपको अपनी रियल स्टोरी सुना रही हूँ। ये बात तब की है जब मैं 18 साल की थी और मेरा पहला पीरियड्स शुरू हुआ था। Devar Bhabhi Sex Fun Story

उस वक्त मैं अपनी मॉम और छोटी बहन के साथ रहती थी। मेरे पापा की डेथ जब मैं 9 साल की थी हो गई थी। मॉम को उनकी जगह जॉब मिल गई। हमारी मॉम ने हमें बहुत प्यार से पाला और सेक्स की और हर बात की जानकारी हमें देती थी, जस्ट लाइक अ फ्रेंड।

हमें नहलाती भी थी और हर अंग का बताती थी। उस वक्त मेरे बूब बहुत छोटे थे और चूत पर बाल आ गए थे। नहाते हुए जब साबुन लगाती तो हम दोनों बहनों की चूत को रगड़-रगड़ कर साफ करती और कभी-कभी उनकी उंगली हमारी चूत में चली जाती। तब बहुत ही अच्छा महसूस होता। एक दिन मैंने मॉम से कहा कि, “आपकी चूत हर टाइम साफ रहती है और मेरी पर बाल आ गए हैं।”

तो उन्होंने हेयर रिमूवर निकाला और चूत पर मल दिया और थोड़ी देर बाद साफ करके बोली अब तो तेरी मेरी चूत हो गई न एक जैसी। मॉम को चुदाई का काफी टाइम हो गया था। वो कभी-कभी मुझसे अपनी चूत चटवाती और मेरी चूत में उंगली डाल कर मुझे भी गरम कर के अपनी जीभ मेरी चूत में डाल देती।

इस तरह हम लोगों का टाइम निकल रहा था कि एक दिन हमारे चाचा कुछ दिनों के लिए हमारे घर आए। मॉम को एक दिन उनसे लिपटते देखा और किस करते भी। चाचा मॉम से कह रहे थे, “भाभी कब तक अपनी जवानी संभालोगी? मेरे पास आ जाओ तुम्हारा पूरा ख्याल रखूँगा और तुम्हारी चूत का भी मजा लूँगा।”

पर मॉम ने मना कर दिया और कहा कि मैं बच्चों के साथ यहीं ठीक हूँ। कभी-कभी तुम आ जाया करो और मेरी चूत हरी कर जाया करो। मैं ये बातें चुपके से सुन रही थी। रात हुई मॉम ने खाना बनाया और सब ने साथ में खाया। मॉम बर्तन रखने किचन में गई तो चाचा की नजर मुझ पर पड़ी और बोले, “अब तो तुम भी जवान हो गई हो।”

और मेरी लेग्स पर हाथ घुमाने लगे और मेरी चुचियाँ दबा दी और गाल पर किस किया। मुझे ये अच्छा लगा। फिर हम लोग, यानी मैं और मेरी सिस्टर अपने रूम में सोने को चले गए। मॉम ने कहा कि मुझे तुम्हारे चाचा से कोई प्राइवेट बात करनी है और वो मॉम के रूम में ही सोने चले गए।

रात को मुझे नींद नहीं आ रही थी और कुछ टाइम बाद मॉम के रूम से कुछ आवाजें आ रही थीं। मैं उठी और मॉम के रूम के पास आ गई। मैंने देखा कि अंदर लाइट लैंप जल रहा है और मॉम ने चाचा का लंड अपने मुँह में लिया हुआ है और चूस रही है।

चाचा मॉम के बूब्स दबा रहे हैं और एक हाथ से उनकी चूत में उंगली डाल रहे हैं। और मॉम आह्ह्ह्ह्हााााा कर रही है और बोल रही, “बहुत दिनों से मेरी चूत को किसी ने चोदा नहीं देवर जी और लंड कैसा होता है मैं तो भूल ही गई थी।” चाचा ने कहा, “भाभी चिंता मत कर। मैं तेरी चूत को खुश कर दूँगा।”

ये देख कर मेरी चूत गीली हो गई और मैंने दो उँगलियाँ अपनी चूत में डाल दी। चाचा का लंड कोई 8 इंच का था और मॉम चूसाई ही जा रही थी। मेरा दिल चाचा का लंड चूसने को करने लगा, पर मजबूर थी। कोई 15 मिनट बाद चाचा के लंड से व्हाइट रंग का वीर्य निकला और मॉम उसको चाट गई। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

और फिर भी मॉम ने लंड को नहीं छोड़ा और चूसती ही गई। चाचा का लंड फिर खड़ा हो गया और फिर उन्होंने मॉम की चूत चाटनी शुरू करी। मॉम कह रही थी, “और चाटो राजा, कब से प्यासी है।” फिर चाचा ने अपना मोटा और लंबा लंड मॉम की चूत में डाल कर धक्के लगाने शुरू कर दिए।

मॉम चिल्ला उठी, “आआ, ऊऊह्ह्ह्हााा फाड़ डालो देवर जी मेरी चूत को।” कोई 15-20 मिनट बाद चाचा ने अपने लंड का पानी मॉम की चूत में उड़ेल दिया और दोनों ने एक-दूसरे को जकड़ लिया। तब तक मेरी चूत भी 3 बार झड़ चुकी थी। ये क्रम कोई 2 बार चला और मॉम बहुत खुश थी।

बोली, “देवर जी आपने मुझे खुश किया है, बोलो क्या चाहिए? जो माँगोगे दूँगी।”

तब चाचा ने कहा, “भाभी अगर बुरा न मानो तो एक बात कहूँ?”

मॉम ने कहा बोलो क्या चाहते हो।

तब चाचा ने कहा कि, “कोमल अब जवान हो गई है मैं उसकी चूत मारना चाहता हूँ, बोलो मारने दोगी?”

मॉम ने कहा, “वो तुम्हारा इतना बड़ा लंड शायद नहीं कर पाएगी। अभी उसकी चूत कच्ची है फट जाएगी। तुम उसको अपना लंड चुसवा दो मैं उसको उठाती हूँ पर चोदना मत।”

जब मैंने ये सुना तो झट से अपने रूम में आ गई। मॉम कुछ देर बाद मेरे रूम में आई और मैं सोने का नाटक करने लगी। तभी मॉम ने मेरी चूत में हाथ रखा और जब उन्होंने मेरी चूत में उंगली डाली तो मेरी चूत गीली हो रखी थी। वो कुछ हैरान हो गई और मुझे उठाया और बोली, “तेरी चूत कैसे गीली हो रखी है?”

मैंने कहा, “मॉम मैंने आपको चाचा से चुदते देख लिया है। आपकी तो प्यास बुझ गई पर मैं गरम हो गई हूँ। मुझे भी चाचा से चुदवा दो प्लीज।”

“बेटा चाचा का लंड बहुत बड़ा है और मोटा भी। तेरी चूत का कचूमर निकल जाएगा। जा सिर्फ चाचा का लंड चूस ले और सारा माल पी लेना।”

“क्यों मॉम?”

“बेटा मर्द का मक्खन पीने से हेल्थ अच्छी रहती है?”

“मॉम अगर चूत में गिरे तो?”

“तो प्रेग्नेंट हो सकती है।”

“तो तुमने तो सारा अंदर लिया है ना?”

“मेरी बात अलग है।”

मैं चाचा के पास जा कर खड़ी हो गई। उन्होंने मुझे चूमा और नंगा कर दिया और अपना 8 इंची लंड मुँह में डालने को कहा। और मैंने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। चाचा ने मेरी चूत में उंगली डाल दी और हिलाने लगे। मैं बहुत ही उत्तेजित हो गई और लंड को जोर से चूसने लगी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

10 मिनट में चाचा का लंड मेरे मुँह में झड़ गया और मैं सब पी गई। चाचा को कहा, “जैसे मॉम को चोदा है मुझे भी चोदो।” उन्होंने कहा कि ये तो अंदर कर पाएगी? मैंने हाँ कहा और फिर चाचा का लंड पकड़ कर मुँह में ले लिया। खड़ा होने पर चाचा ने लंड मेरी चूत की फांक पर रखा और झटका दिया।

“ऊऊह्ह्ह्हो मर गई, इसे बाहर निकालो नहीं तो मैं मर जाऊँगी।”

चाचा ने कहा, “घबरा मत। फर्स्ट टाइम दर्द होता ही है बस। कुछ देर रुक फिर तुम ही कहो कि और चोदो।” चाचा ने अगला झटका दिया कि ऊऊह्ह्ह्ह, आआह्ह्हाा, तब तक मेरी चूत फट चुकी थी और चादर खून से लथपथ हो गई थी। पर चाचा ने धक्के जारी रखे और मुझे मजा आने लगा। “जोर से चोदो चाचा बहुत मजा आ रहा है,” और हिल-हिल कर लंड का मजा लेने लगी। तभी चाचा का झड़ने वाला था तो उन्होंने अपना लंड निकाल कर मेरे मुँह में डाल दिया और अपना पानी मुँह में उड़ेल दिया।

उस दिन मैं चाचा से एक बार और चूदी। पर मॉम को तो उन्होंने सारी रात मेरे सामने चोदा। मॉम चाचा का लंड आप भी चूसती और मुझे भी चुसवाती और कभी चूत को चाटती और मुझे अपनी चूत चटवाती। जब तक चाचा हमारे घर रहे मॉम भी चुदती रही। मुझे चुदवाने का चस्का पड़ गया, और मैंने कई लंड का स्वाद लिया। मेरी मॉम ने मेरी शादी 23 साल की उम्र में ही कर दी, ताकि बदनामी न हो और ससुराल आ गया। यहाँ भी मैं ससुर और देवर से चूदी क्योंकि मेरे हसबैंड ज्यादातर टूर पर ही रहते थे।

Kavya Singh

नमस्ते! मैं काव्या सिंह हूँ - इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री वाली और पिछले 7 साल से हिंदी में इतनी बोल्ड कहानियाँ लिख रही हूँ कि पाठक दोबारा पढ़े बिना रह नहीं सकते। मैं भारतीय समाज के हर छुपे हुए जज़्बात को शब्दों में ढालती हूँ - वो इच्छाएँ, वो चाहतें जो आप दिन में छुपाते हैं लेकिन रात में महसूस करना चाहते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मेरी कहानियों को पुरस्कार मिले हैं और लाखों पाठकों ने मेरी कहानियों से अपनी रातों को गरमाया है। चलो, आज मेरी कहानी में डूब जाओ!

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