भाभी के चूत का झांट छिल कर पेला देवर ने

मेरा नाम कंचन है, मैं 28 साल की बहुत ही खूबसूरत महिला हु, मुझे लोग घूर घूर के देखते है, मेरा फिगर काफी अच्छा है, मेरे फिगर की साइज ३४-३२-३४ है, मेरी एक आदत है मैं हमेशा डिज़ाइनर ब्रा और पेंटी पहनती हु, अपने फिगर को मेन्टेन करने के लिए योगा भी करती हु, ताकि मैं जवान दिखूं. Devar Bhabhi Blue Film

इसी के उलट मेरा पति है, बिलकुल भी अपने शरीर पे ध्यान नहीं देता है, चौक में दूकान है, बिलकुल भी नहीं लगता है की नए जवानी का इंसान है, बस पुरखो का दिया हुआ सब कुछ है उसी को सम्हालता है. पर मेरा देवर बड़ा ही रंगीला है, जिम जाता है, मूवी जाता है, नए नए मोबाइल रखता है, दिन भर इंटरनेट पे चैट करता है.

मैं काफी प्रभाबित थी अपने देवर से, मुझे ऐसा ही पति चाहिए था, पर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था इस वजह से मुझे ऐसा पति मिला, खैर गांड मराये पति मेरा, मैं तो फंसा ली देवर को. मैं अब कहानी पे आती हु. मैं बहुत ही चुदक्कड़ स्वभाव की हु, जब मैं जवान हुई तभी से मैं आज तक किसी ना किसी से चुदती आई हु.

मैं शादी के पहले खुश थी की मैं ससुराल जाके पति से खूब चुदवाउंगी, मजे करुँगी कोई बंधन नहीं होगा कोई टाइम नहीं होगा जब चाहे लंड अपने चूत में डलवा सकुंगी, पर हो गया उल्टा, कमीना रात को दूकान से आता, और आके भी वो खाता और बही ही देखते रहता और सुबह होते ही फ़ोन पर लग जाता, माल आया माल गया, मेरा तो दिमाग खराब कर दिया था इसने.

मैं एक दिन बाथरूम में नहा रही थी, दरवाजा लगाना भूल गई थी, घर में देवर था वो अचानक ही अंदर आ गया मैं नंगी बाथरूम में थी, सारे कपडे उतार में मैं चूत शेव कर रही थी, उसने मुझे चूत शेव करते हुए देख लिया मैं अवाक् रही गई मैं सोची भी नहीं थी की वो आ जायेगा.

वो खड़ा होकर मुझे निहार रहा था मैं और बोला “क्या चीज हो भाभी” क्या मस्त लग रही हो, काश… मैं थोड़ी शांत हो गई और बोली चलो हो गया अब जाओ बाहर, तो देवर बोला नहीं भाभी प्लीज बाहर मत भेजो, तो मैंने कहा फिर क्या करेगा, तो बोला मैं शेव करूँगा आपकी…

मैंने कहा क्या आपकी… वो बोला आपकी चूत की शेव करूँगा मैं, मुझे ऐसा लगा की इससे अच्छा मौक़ा नहीं मिलेगा, देवर को पटाने के लिए, मैंने कहा ठीक है करो शेव मेरे चूत पे कही लगना नहीं चाहिए, वो निचे बैठ गया और मेरे चूत के बाल को साफ़ करने लगा.

वो तो बस पागल हो गया था, उसका लंड तन गया था, बस मुह से सिस्कारियां ही निकल रही थी, मेरी भी हालत ख़राब हो चुकी थी, मेरे तन बदन में आग लग गई थी, मेरी वासना भड़क गई थी, मैं अब पागल हो रही थी लंड लेने के लिए मैं भी बेक़रार थी, पर देवर बड़ा कमीना था.

उसने बोला अब बगल(कांख) की बाल को भी साफ़ करूँगा और मैं हाथ उठा दी ऊपर वो मेरी कांख के बाल साफ़ करने लगा, उसके बाद तो खेल शुरू हुआ दोस्तों. मेरी चूचियों को दबाने लगा, मुझे पीछे से पकड़ लिया और अपने कपडे खोल दिए, उसका मोटा लंड मेरे गांड पे रगड़ खा रहा था.

वो कभी चूच दबाता कभी मेरी नाभि में ऊँगली डालता कभी चूत में ऊँगली डालता, मैं परेशान हो गई, चूत मेरी गीली हो गई थी, मैं वापस घुमी और उसका लंड पकड़ ली और बैठ गई, मैं उसके लंड को चूसने लगी, ऐसा लगा रहा था जन्मो जन्मान्तर से मैं प्यासी हु थी लंड की.

मैं चूसे जा रही थी, देवर मेरा बाल पकड़ के अपने लंड को मेरे मुह में अंदर बाहर करने लगा, और गाली देने लगा, कह रहा था रंडी है तुम, मैं कब से चाह रहा था तुम्हे चोदने को आज मौका मिला है जानेमन आज तो तेरी चूत मैं फाड़ डालूँगा, आज तो भाई भी नहीं है वो सूरत गया है.

उसके बाद मेरा देवर मुझे गोद में उठा के बैडरूम में ले आया और पैर अलग करके मेरी चूत को चाटने लगा, मेरे मुह से तो बस आह आअह आअह आअह आअह ही निकल रहा था, उसके बाद उसने अपने लंड के मेरे चूत के ऊपर रखा और एक से दो झटके में मेरे चूत में उसने मोटा काला लंड पेल दिया.

उसके बाद क्या बताऊँ दोस्तों लैपटॉप में उसने कामसूत्र मूवी लगा दिया, और वो मुझे अलग अलग पोज में चोदने लगा, कभी बैठा के कभी खड़ा करके कभी पीछे से कभी आगे से, कभी पीछे से भी चूत में डाल रहा था लंड तो कभी एक पैर उठा के कभी दीवाल में सत्ता के कभी गोद में उठा के.

कभी 69 की पोजीशन में हो रहा था, ऐसा लग रहा था की कोई योग का क्लास चल रहा हो, मुझे खूब चोदा उसने मैं पूरी तरह से संतुष्ट हुई थी, आज तक मैं इतनी अच्छी तरीके से आज ही चुदी थी, अब तो मैं चाहती हु की पति घर ना आये, मैं खूब चुद रही हु और काफी खुश हु अपने इस ज़िंदगी से.

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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