भाभी ने अपनी चुचियों से दूध पिलाया 2

हेलो दोस्तों मैं विवेक अरोड़ा (उम्र २१ वर्ष ), लंबाई ५ फीट १० इंच, सांवला रंग, कसरती बदन तो चौड़ी छाती साथ ही लण्ङ ९ इंच लंबा. दोस्तों आपने मेरी कहानी का पिछला भाग “ भाभी ने अपनी चुचियों से दूध पिलाया 1 ” पढ़ा होगा. मैं अपनी भाभी नीता से प्यार करने लगा और वो भी मेरे साथ एंजॉय करने लगी, नीता भाभी २४ वर्ष की शादीशुदा महिला, कद ५ फीट ४ इंच, गोरा रंग तो खूबसूरत बदन, लालिमा लिए ओंठ तो चूचियां बड़ी बड़ी और दूध से लबालब, चूतड गोल गद्देदार तो जांघें मोटी और चूत फूली हुईं. Bhabhi XXX Hindi Story

एक शाम जब घर पर दोनों अकेले थे तो हम दोनों के बीच शारीरिक संबंध बना और फिर उस रात तो कुछ संभव नहीं था कारण की मेरे भैया घर पर थे लेकिन अगली सुबह… मैं अपने मॉम और डैड के साथ बैठकर चाय की चुस्की ले रहा था तभी भैया तैयार हुए अपना बैग लिए बाहर आए “बाबू जी मैं दो दिन के लिए टूर पर जा रहा हूं।“

(डैड बोले) ठीक है तो बहु को भी घुमा ला. (भैया बोले) “अगली बार जरूर घुमा दूंगा.” और मैं भैया के टूर से खुश था आखिर भाभी घर में अकेले रहेगी फिर मैं मजा करूंगा. और मैं सुबह पहले तो बागवानी किया फिर स्नान करके नाश्ता किया तो नीता भाभी स्नान करके तैयार थी, गुलाबी रंग की साड़ी, ब्लाउज और पेटीकोट पहन हॉट एंड सेक्सी लग रही थी.

मुझे आलू पराठा और सॉस प्लेट में दी तो मैं उन्हें एक नजर देखा फिर खाने लगा, थोड़ी देर के बाद भाभी किचन में खाना बना रही थी. तो मैं देखा कि मेरी मां और बाबू जी बरामदे पर बैठे हैं और मैं किचन जाकर भाभी को पीछे से दबोच कर गाल चूमने लगा साथ ही उनकी बूब्स को साड़ी पर से पकड़े दबाने लगा.

तो भाभी “ओह देवर जी सुबह सुबह क्या कर रहे हैं छोड़िए ना.” (मेरा लण्ङ भाभी के गांड़ में चुभ रहा था) “क्या हुआ भाभी आप खाना पकाइए ना मै आपको गर्म करता हूं.” और मैं भाभी के स्तन को दबाने लगा साथ ही गाल चूम रहा था तो भाभी सब्जी का छौंका दी और मेरी ओर मूड़ गई तो मैं भाभी के ओंठ चूमने लगा.

तो भाभी मेरे ओंठ चूम मेरे मुंह में ओंठ डाल दी, जिसे मैं चूसने लगा साथ ही उनके गोल गद्देदार गांड़ को सहला रहा था. और फिर भाभी झट से मेरे मुंह में जीभ घुसाई जिसे मैं चूसता हुआ उनके साड़ी को ऊपर उठाने लगा और भाभी मेरे से चिपककर बूब्स को मेरी छाती से रगड़ने लगी.

मै उनके साड़ी को कमर तक उठाए गांड़ सहलाने लगा तो नीता मेरे मुंह से जीभ निकाल बोली “क्या देवर जी सुबह सुबह ही पेलने का मन है.” (मैं भाभी के चूत में उंगली डाल कुरेदने लगा) जरूर लेकिन आपकी इच्छा हो तो. (भाभी हंस दी) “अभी नहीं खाना सबको खिला दूंगी फिर आराम से मजा करेंगे.” और मैं बुर से उंगली निकाल किचन से निकल गया.

थोड़ी देर बाद पड़ोस की एक आंटी आई तो मॉम उनके साथ बैठ बातें करने लगी, भाभी उनके लिए चाय बना रही थी तो मैं किचन गया “भाभी चाय तैयार है.” (भाभी मेरे पैजामा पर से लण्ङ के उभार को पकड़ दबाने लगी) “अपने शेर को थोड़ा संभाल कर रखिए.” और मैं नीता के गॉल चूम लिया. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

फिर चाय का प्याला लिए डाइनिंग हॉल गया और चाय का प्याला रख दिया, वापस किचन आया. तो भाभी खाना बनाने में लगी हुई थी और मैं भाभी के गाल चूम उनकी साड़ी को पकड़े कमर की ओर करने लगा “ये क्या कर रहे हैं देवर जी.” (मैं उनकी साड़ी सहित पेटीकोट कमर तक कर बोला) “प्लीज भाभी कोई देखने वाला नहीं हैं चाटने दीजिए ना.”

(भाभी किचन के स्लैब के सहारे खड़ी थी और साड़ी सहित पेटीकोट को कमर में खोंस ली तो मैं उनकी जांघों को फैलाकर घुटने के बल बैठ गया) “ठीक है आपकी मर्जी देवर जी.” और उनकी जांघों के बीच मुंह लगाए मै उनकी चूत को चूमने लगा, भाभी की चूत गेहुंआ रंग की थी, तो दोनों फांकें मोटी और दरार स्पष्ट तो मैं चूत पर चुंबन देता हुआ जांघें सहला रहा था.

और नीता “आह अआआह उह उई ओह कितनी गुदगुदी हो रही हैं देवर जी आज लगता है ससुर जी दोनों को इस तरह देखेंगे फिर बिना मुझे चोदे नहीं मानेंगे.” (मैं चूत को उंगली की मदद से फैलाया फिर जीभ घुसाए चाटना शुरू किया तो भाभी मेरे बाल सहलाने लगी) “आह ओह विवेक मेरी चूत में कितनी खुजली हो रही है उह आह.”

और मेरा जीभ भाभी की चूत को चाट रहा था, वो किचन के स्लैब के सहारे खड़ी थी. तो जांघें फैली हुई और उनकी चूत में जीभ घुसाए चाटने में मजा ले रहा था कि मेरा लन्ड पैजामा के अंदर फुंफकार रहा था. भाभी “उह आह ओह भैया विवेक अब जीभ निकाल ले.” (मैं चूत से जीभ निकाल लिया फिर उठकर खड़ा हुआ तो भाभी साड़ी सहित पेटीकोट नीचे कर काम करने लगी) भाभी अभी फ्रेश होकर आया.

(भाभी बोली) सो क्या किचन में ही चुदाई करेंगे. (मैं बोला) “पहले लॉलीपॉप चूसना होगा भाभी.” और मैं वाशरूम जाकर मूतने लगा फिर लन्ड साफ कर पैजामा की जगह शॉर्ट्स पहन लिया. वापस किचन आया तो भाभी चावल चढ़ा रही थी और मैं भाभी के नग्न पीठ, चूंकि बैकलेस ब्लाउज पहन रखी थी को चूमते हुए बूब्स पकड़े दबाने लगा.

तो भाभी मुड़कर बोली “थोड़ा धैर्य तो रखिए देवर जी कहीं सासु मां देख ली तो.” (मैं भाभी के नग्न पीठ चूमते हुए चूची को ब्लाउज पर से ही दबाने लगा) “कुछ नहीं होगा भाभी.” और भाभी किचन के कोने में आ गई फिर मुझसे लिपटकर मुझे चूमने लगी तो मैं उन्हें बाहों में भर गाल चूमने लगा.

फिर ओंठ चूमा तो भाभी मेरे मुंह में जीभ घुसाए चुसवाने लगी और मेरा हाथ उनके चूतड पर था. अब भाभी कामुक हो चुकी थी और मेरे शॉर्ट्स को कमर से नीचे करने लगी. तो मैं खुद शॉर्ट्स नीचे कर दिया और नीता मेरे सामने घुटने के बल हुए लण्ङ को पकड़ चूमने लगी.

मेरा लण्ङ टाईट हो चुका था और नीता उसे चूम मुंह में भर कर चूसने लगी और मैं उनके बाल कसकर पकड़ा. फिर उनके मुंह में लण्ङ का धक्का देते हुए मुख्चुदाई करने लगा. नीता मेरे लण्ङ को चूसते हुए झांट में उंगली नचा रही थी और मैं उसके मुंह में लण्ङ डाले खड़ा था.

भाभी मुंह से लण्ङ निकाल जीभ से चाटने लगी और मैं “आह अआआह उई ओह अब बर्दास्त नहीं हो रहा है भाभी.” (भाभी बोली) “बस दो मिनट रुकिए फिर ओखली में मूसल डाल दीजियेगा.” मै झट से शॉर्ट्स पहन लिया और किचन से निकल गया, उधर मॉम पड़ोस की आंटी के साथ बातें कर रही थी। “Bhabhi XXX Hindi Story”

मैं अपने बेडरूम आकर लेट गया फिर थोड़ी देर बाद भाभी की आवाज सुनाई दी “देवर जी जरा इधर सुनिए.” (मैं उठकर किचन की ओर गया तो भाभी) “ऐसा है सासु मां पड़ोस वाली आंटी के यहां गई हैं और ससुर जी बाहर बैठे हुए है.” मै भाभी के इशारे को समझ उनके साथ उनके बेडरूम आया तो भाभी बिस्तर पर लेट गई.

और मैं उनके साड़ी सहित पेटीकोट कमर तक उठाए अब अपना शॉर्ट्स खोल दिया, मैं उनकी जांघों के बीच लण्ङ पकड़े बैठा था फिर सुपाड़ा को उनके चूत की दरार में रगड़ने लगा. सुपाड़ा सहित आधा लन्ड उनकी चूत में था तो मैं भाभी के कमर पकड़े धक्का दिया फिर उनकी चूत में धक्का देता हुआ चुदाई करने लगा. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

भाभी साड़ी के लिबास में लेटी हुई थी सिर्फ उनके साड़ी और पेटीकोट को कमर तक किए मैं चुदाई कर रहा था. अब उनके बूब्स दबाने लगा तो वो पल्लू हटाए बूब्स दबवाने लगी. मेरी भाभी बिल्कुल ही रसमलाई थी जिनके खूबसूरत बदन पर लेटकर मै चुदाई करने लगा तो भाभी मेरे ओंठ चूम बोली “बिना कपड़ा उतारे चुदाई.”

(मैं धकाधक चोदने लगा) “तो क्या हुआ भाभी रात को आराम से आपकी चुदाई करूंगा.” और मेरा लण्ङ गपागप अंदर बाहर हो रहा था तो भाभी मेरे कमर पर हाथ रखे चूतड उछालने लगी, साली साल दो साल से चुदाई करा रही थी फिर भी चुदाने की कला में निपुण थी. “Bhabhi XXX Hindi Story”

मै भाभी के ओंठ मुंह में भर चूसने लगा तो भाभी चूतड स्थिर किए चुदाने में लीन थी फिर मै ओंठ मुंह से निकाल दिया और भाभी की चुदाई करने लगा तो वो “आह अआआह ओह उह उई विवेक मजा आ रहा है और तेज चोद चोदकर मुझे पेट से कर दे.” (मैं नीता की चुदाई करता हुआ मस्त था) “अच्छा तो फिर भैया क्या करेंगे.”

और मैं उनकी रसीली चूत में धक्का देता हुआ मस्त था, मेरा लण्ङ गर्म हो चुका था फिर भी मैं धक्का देने में मस्त था. और भाभी अब चूतड उछाल उछालकर चुदाने लगी तो मैं उनके चूत की आग बुझाने में लगा हुआ था “आह ओह विवेक अब और तेज चोदो न.”

(मैं उनके गाल चूम लिया) अच्छा तो कितने देर तक चुदाई का मजा लेना है (वो मेरे गाल चूम ली) “जितनी देर आपका पेनिस टिकेगा देवर जी.” मै तो भाभी को ६-७ मिनट से चोद रहा था और मेरा लण्ङ कभी भी सुस्त पड़ सकता था, मै अब पूरे गति से चुदाई करने लगा.

तो भाभी भी चूतड उछालने में लीन थी फिर मै बोल पड़ा “आह अआआह उई ओह मेरा निकला.” तो मेरे लण्ङ से वीर्य स्खलित होकर भाभी की चूत को गिला कर दिया,.मैं उनके बदन पर लेटा रहा तो भाभी मेरे गाल चूम ली “मजा आ गया देवर जी” फिर मैं उनके बदन पर से हटा, फ्रेश हुआ और बेडरूम जाकर आराम करने लगा।

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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