भाभी की चूत चाट कर मज़ा दिया

हैलो फ्रेंड्स.. मैं फर्स्ट टाइम अन्तर्वासना पर स्टोरी लिख रहा हूँ.. हमारे घर में हम 2 भाई.. एक बहन और माँ हैं.. मेरे पापा आर्मी में हैं.. भाई की शादी को एक साल हो गया है, बहन बी.कॉम के फर्स्ट ईयर में स्टडी कर रही है। मैं 12 वीं में हूँ।

मेरी भाभी बहुत ही सेक्सी है.. 36-28-36 की बहुत ही सेक्सी फिगर है उसकी.. मैं रोज रात को भाभी की चूत के बारे में सोच कर मुठ्ठ मारा करता था।

एक दिन मॉम और मेरी बहन एक शादी में चले गए.. उस वक्त भाई भी जॉब पर गया हुआ था। जब मैं स्कूल से घर आया तो पता चला कि भाभी घर में अकेली है। भाभी ने मुझे खाना दिया और नहाने चली गई.. मैं खाना खाने के बाद जब उठा तो मैंने देखा कि भाभी नहा कर बाहर निकल आई थी और अपने कमरे में बैठी हुई अपने बाल सुखा रही थी!

वो इस वक्त बहुत सेक्सी लग रही थी, उसने नीचे ब्रा नहीं पहनी थी.. उसके मम्मे ऊपर से ही साफ़ दिख रहे थे। यह देख कर मुझसे रहा नहीं गया और मैं अपने कमरे में आकर मुठ्ठ मारने लगा, तभी भाभी अचानक मेरे कमरे में आ गई.. उसने मुझे मुठ्ठ मारते हुए देख लिया।

मैं बहुत डर गया और जल्दी से बाथरूम में भाग गया। भाभी ज़ोर से हँसने लगी और कहने लगी- मैं तो तुझे ये पूछने आई थी कि मैंने चाय बनाई है अगर तुमको पीनी है.. तो पी लो। मैंने धीरे से ‘ओके’ कहा.. और वो मुस्कुराती हुई चली गई।

थोड़ी देर बाद मैं भाभी के पास गया और कहने लगा- भाभी, प्लीज़ आप भैया को ना बताना मेरे बारे.. वो कहने लगी- चलो नहीं बताती हूँ.. लेकिन तू एकदम से भाग क्यों गया था? मैंने कहा- भाभी मैं डर गया था.. वो बोली- इसमें डरने वाली क्या बात है.. ये तो सब करते हैं.. तुम्हारी कोई गर्लफ्रेण्ड नहीं है क्या? मैंने कहा- नहीं.. यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

वो फिर हँसने लगी और कहने लगी- तभी तुम ये काम हाथ से करते हो.. भाभी की ऐसी बातें सुन कर मेरा फिर से खड़ा होने लगा.. उस वक्त मैं बस अंडरवियर और बनियान में था। उसने मेरा लण्ड फूलते हुए देखा और कहा- ओए बदमाश.. तेरा तो फिर खड़ा हो गया.. मैंने कहा- भाभी सॉरी..

और वहाँ से आने लगा.. भाभी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहने लगी- यहीं बैठ जाओ.. मैं बहुत डर गया.. भाभी ने अन्दर से कुण्डी लगा ली और मेरे पास आकर बैठ गई.. पास बैठकर भाभी ने मेरा लंड पकड़ लिया और उससे दबाने लगी। मुझसे रहा नहीं गया और मैंने कस कर भाभी को हग कर लिया।

हम दोनों कुछ नहीं बोले.. मैं भाभी के मम्मों को दबाने लगा और वो मेरा लंड मसलने लगी। फिर वो उठी और मेरा अंडरवियर उतार कर लंड को मुँह में डाल लिया.. बहुत ज़ोर-ज़ोर से वो अपने मुँह को आगे-पीछे करने लगी.. मेरे अण्डों को भी चाटने लगी।

मैंने भाभी की कमीज उतार दी.. फिर वो मेरे सामने खड़ी हो गई, मैं बिस्तर पर बैठा था.. उसकी चूत मेरे मुँह के पास थी, मैंने सलवार का नाड़ा खोल दिया और मेरी आँखों के सामने मेरी भाभी की चूत नंगी दिख रही थी.. ऊपर छोटे-छोटे बाल थे.. मैं उसे किस करने लगा। भाभी भी पूरी पागल हो गई और उसने मेरा सिर पकड़ लिया।

फिर मैंने उसे बिस्तर पर लेटा लिया और उसकी चूत चाटने लगा.. हाय.. क्या टेस्ट था.. भाभी की चूत का.. मैंने अपनी पूरी जीभ चूत के अन्दर घुसेड़ दी थी। भाभी पागल हो रही थी- आआआह हज्ज्ज.. आआआआह.. वो चुदासी आवाजें निकाल रही थी.. थोड़ी देर बार भाभी झड़ गई और मैं अपनी भाभी की प्यारी चूत का सारा रस पी गया।

फिर भाभी ने मेरा लंड अपने मुँह में डाल लिया.. भाभी ने अपने थूक से मेरे अण्डों और लंड को पूरा गीला कर दिया। थोड़ी देर बाद में भी झड़ गया। उसके बाद फिर मैंने अपनी भाभी की चूत भी मारी.. अब हमें जब भी मौका मिलता है तो हम दोनों खूब चुदाई का खेल खेलते हैं। [email protected]

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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