बियर पिला कर भाभी की चुदाई

हैलो दोस्तो.. मेरा नाम मनीष है, मैं सीकर, राजस्थान का रहने वाला हूँ। मेरी हाइट 5’8″, गोरा रंग.. अच्छा ख़ास लम्बा और मोटा लण्ड है।

मुझे भाभी और आंटियों में ज़्यादा रूचि है। यह कहानी मेरी भाभी के साथ किए सेक्स की है।

मेरी भाभी दिखने में एकदम अभिनेत्रियों जैसी लगती हैं, उनका नाम संजू है। हिरनी जैसी आँखें.. एकदम बड़े-बड़े गुलाबी होंठ.. उनका 34-24-36 का मस्त फिगर किसी को भी दीवाना बना दे।

सच में बहुत ही सेक्सी फिगर है, जब चलती हैं तो उनके मोटे-मोटे चूतड़ इतनी ज़ोर से हिलते हैं कि उन्हें देख कर ही लण्ड पानी निकाल देता है।

ऊपर से भाभी की वो सेक्सी स्माइल.. आह्ह.. सच में बिजली सी गिर जाती है।

अक्सर भैया घर से बाहर ही रहते हैं.. तो मैं ही भाभी के पास रहता हूँ। भाभी के अब तक बच्चे भी नहीं हुए थे। भाभी मार्केट का सामान भी मुझसे मंगवाती थीं।

एक दिन मैं और भाभी रात को टीवी देख रहे थे.. तो एक न्यूज़ चैनल पर ‘एयर ब्रा’ का एड आ गया।

भभी ने मज़ाक में कहा- देखो ये चोली (ब्रा) कितनी फिट आ रही है। मैंने कहा- हाँ भाभी।

उस दिन से उनसे मेरी खुल कर बातचीत होने लगी थी।

फिर थोड़े दिनों बाद भाभी का बर्थडे आ गया.. तो मुझे भाभी की वो बात याद आई। मैं भाभी के लिए ब्रा-पैन्टी पैक करवा लाया।

भाभी ने कहा- मेरे लिए क्या गिफ्ट लाए? मैंने कहा- भाभी इसमें आपकी और मेरी पसंद का गिफ्ट है.. पहन कर दिखाओ ना..

भाभी ने गिफ्ट देखा और पहले तो मना किया लेकिन थोड़ी देर में मान गईं।

भाभी जब वो ब्रा-पैन्टी पहन कर आईं.. तो एकदम स्वर्ग की अप्सरा लग रही थीं। मैं उन्हें देखता ही रह गया।

अब हम दोनों और भी क्लोज हो गए थे।

थोड़े दिनों बाद भाभी ने मुझसे एक बॉडी-लोशन मँगवाया तो जब मैं भाभी को वो देने गया.. तो जानबूझ कर उसके साथ एक कन्डोम ले गया।

भाभी ने कहा- ये क्यों लाए? उस दिन बरसात हो रही थी.. तो मैंने कहा- भाभी आज ठंडा मौसम है.. प्लीज़ मुझे भी सेक्स करना सिखा दो।

भाभी गुस्सा सी हो गईं.. और मुझे वहाँ से निकल जाने को कहा।

भाभी को गुस्से में देख कर मैं बोला- भाभी मैं तो मज़ाक कर रहा था। कुछ देर में फिर से मेरे साथ हँस कर बातें करने लगीं।

उसके बाद मैं एक बियर लाया.. उसमें से थोड़ी भाभी के मना करने के बाद भी पिला दी।

भाभी कभी ड्रिंक नहीं करती थीं.. इसलिए नशा हो गया।

भाभी ने नशे में मुझे बताया कि उन्हें सेक्स किए एक महीना हो गया है.. मेरा मन तो होता है पर मैं क्या करूँ.. मुझे समझ ही नहीं आता।

इतना सुनते ही मैंने भाभी के कपड़े उतार दिए.. अब वो सिर्फ़ ब्रा-पैन्टी में थीं।

मैंने उनकी पैन्टी में उंगली करना शुरू कर दी.. जिससे भाभी आहें भरने लगीं, वो ‘आअहह.. उउऊहह.. आआहह..’ की सिसकारियाँ लेने लगीं.. भाभी गर्म हो गई थीं।

मैंने भाभी की ब्रा भी उतार दी और उनके मम्मों को दबाने लगा। अब भाभी ने मेरे कपड़े भी उतार दिए। अब मैं और भाभी दोनों एकदम नंगे थे।

भाभी पहले तो मेरा लण्ड देख कर हैरान रह गईं.. फिर जल्दी-जल्दी चूसने लगीं। मेरे लण्ड से पानी निकल गया.. जो पूरा का पूरा भाभी ने पी लिया।

कुछ देर बाद मैंने भाभी को धक्का देकर गिरा दिया और अपना लण्ड उनके पूरे शरीर पर फेरने लगा.. जिससे वो और ज़्यादा गर्म हो गईं और चिल्लाने लगी- आआअहह.. ऊहह..ह.. आओ.. जानू प्लीज़ और मत तड़पाओ.. प्लीज़ अन्दर डालो ना.. आअहह.. प्ललीज.. मुझे चोद डालो.. प्लीज़ जानू मैं कितने दिनों से लण्ड की प्यासी हूँ..

मैंने भाभी की चूत पर लण्ड रख कर झटके मारा.. परन्तु पहले भाभी ज़्यादा ना चुदी होने के कारण लण्ड अन्दर जा नहीं रहा था।

फिर मैंने निशाने पर टोपा लगा कर ज़ोर से झटका मारा.. तो मेरा लण्ड चूत के अन्दर घुस गया।

भाभी की चूत से खून आने लगा, थोड़ी देर भाभी को दर्द हुआ फिर वो भी मेरा साथ देने लगीं।

काफी देर तक चुदाई करने के बाद मैं झड़ गया। उस रात मैंने भाभी की कई बार चोदा।

उसके बाद तो हम दोनों को जब भी मौका मिलता.. हम खुल कर चुदाई करते। कभी भाभी की घोड़ी बनाकर चोदता.. तो कभी उनकी गाण्ड मारता।

आज भाभी के 3 बच्चे हैं.. जिनमें से एक मेरा है.. लेकिन ये सिर्फ़ मुझे और भाभी को ही पता है।

दोस्तो, मेरी ये स्टोरी कैसी लगी.. मुझे ईमेल ज़रूर करें। [email protected]

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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