अब्बू और उनके तीन दोस्त

प्रेषक : सरफ़राज़ म पटेल

मेरा नाम रेशमा है, मैं २१ साल की हूँ और मेरी शादी अभी नहीं हुई है। मेरे घर पर मैं, अब्बू और अम्मी रहती हैं और मैं कॉलेज जाती हूँ। मैं बहुत ही सेक्सी और गर्म हूँ, मुझे बिना बुरका घर से निकलना मना था। मैं जब कॉलेज जाती तो सभी लड़के मुझे देखकर फब्तियां कसते, कोई कहता- जान अपना बना लो ! कोई कहता- अपना पर्दा तो उठा दो !

लड़के मेरी गांड और स्तनों के दीवाने थे। मुझे भी पता था कि जब मैं चलती तो मेरी गांड क़यामत ढाती थी। मैंने तब तक सेक्स नहीं किया था पर अब्बू अम्मी की चुदाई बहुत बार देखी, देखकर चूत में से पानी आ जाता। मेरी पैंटी भी भीगी रहती और मैं ऊँगली अपनी चूत में डाले रहती।

एक दिन जब कॉलेज की छुट्टी थी तब हम मेहमानदारी में अब्बू के दोस्त के यहाँ दावत में गए थे। उनके घर ३ आदमी थे उनकी उम्र २८, ३४ और २४ होगी। उनकी औरत बाज़ार खरीददारी करने गई थी। जब मैंने घर में अपना बुरका निकाला और बाथरूम गई तो पता नहीं अब्बू के दोस्त को पेशाब लगा था। बाथरूम भी एक था, मैं दरवाज़ा बंद करना भूल गई और अब्बू के दोस्त ने मुझे पेशाब करते देख लिया।

मैंने कहा- या अळ।ह ! आप चले जाईये !

वो कहाँ जाने वाला था जब कुंवारी चूत देख ली उसने ! उसने मुझे अन्दर बंद कर दिया और किस करने लगा। मैं चुप रही ताकि अब्बू को कुछ पता ना चले और अम्मी रसोई में थी।

उस आदमी ने मेरे कमीज़ के अन्दर के मेरे आमों को चूस लिया और मेरी चूत में ऊँगली डालकर चोदने लगा। मैं गरम हो गई थी, कुछ समझ में नहीं आ रहा था। जब उसने मुझे अपना लण्ड निकाल कर चूसने को कहा, मेरी चूत में पानी निकल गया और उसने पूरा पी लिया मेरी चूत का पानी !

या खुद। ! मुझे तो इतना अच्छा लगा बता नहीं सकती। जब उसने अपना लम्बा लण्ड मेरी कुंवारी चूत में डाला तो मैं चीख पड़ी मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ।

यह चीख मेरे अब्बू, अम्मी और उनके २ दोस्तों ने भी सुनी और जल्द बाथरूम की तरफ आ गए। जब दरवाज़ा खुला तो मेरी चूत से खून निकल रहा था और उसने अपना लण्ड मेरी चूत में डाल रखा था। अब्बू ने यह मंजर देखकर मुझे कहा बेटा तूने मुझे कहीं का नहीं छोड़ा अब कौन तेरे से शादी करेगा?

उस २४ साल के लड़के ने शादी के लिए हाँ कर दी कि मैं आपकी लड़की से निकाह करूँगा ! पर मेरी एक शर्त है मेरी होने वाली रांड को आप सब मिलकर चोदेंगे तो मैं शादी करूँगा !

यह सुनकर अब्बू ने कहा- बेटा मुझे तो तेरी गांड मारनी है बस, मेरी कब से तेरी गांड पर नज़र है ! छिनाल आज तेरी गांड फाड़ दूंगा !

और अब्बू और उनके दोस्तों ने मुझे और अम्मी को चोद चोद के खलास कर दिया और उस दिन से मुझे चुदाई का खेल बहुत अच्छा लगता है ! मुझे और भी लड़कों से चुदवाना है ! कोई है जो मेरी प्यास बुझाए !

मेल करे मुझे !

गुरूजी प्लीज़ मेरी कहानी छाप दो प्लीज़ !

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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