गर्म चाची को गांव में चोदा

Xxx चाची चुदाई कहानी में मैं चाचा के घर रहने गया तो चाचा वहां नहीं थे, चाची अकेली थी. चाची ने मुझे गले लगा लिया. उनकी बड़ी चूचियां मेरी छाती में गड़ गयी.

मेरा नाम राज है, मैं लखनऊ में रहने वाला हूं. मेरी उम्र 19 साल की है. मेरा लंड 7 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है.

मेरे घर में मैं और मेरी मम्मी रहती हैं; पापा दुबई में हैं.

मेरे चाचा चाची गांव में रहते हैं.

Xxx चाची चुदाई कहानी एक महीने पहले की है; मैं अपने चाचा के घर गया था. मेरी चाची का नाम रीमा है और उनकी उम्र 27 साल है.

जब मैं पहुंचा, तो चाची मुझे देख कर खुश होती हुई बोलीं- अरे आ गया राज! मैंने चाची के पैर छुए.

चाची ने मुझे उठा कर गले से लगा लिया. चाची के 36 इंच के बूब्स मुझे अपनी छाती में गड़ते हुए महसूस हुए.

उनके मम्मों की सख्ती से मेरा लंड खड़ा होने लगा. शायद चाची को भी मेरे लंड का उफान महसूस होने लगा था तो चाची पीछे हो गईं.

अब मैंने चाची को सामने से नजर भर कर देखा. उनके बूब्स 36 इंच के और गांड 38 इंच की रही होगी.

चाची ने मुझे देखा और बोलीं- कहां खो गए? मैंने हकलाते हुए कहा- क..कुछ नहीं चाची. वो आपको काफी दिन बाद देख रहा हूँ … तो बस यूं ही! चाची- बैठ जाओ.

मैं बैठ गया और देखा- चाचा नहीं दिख रहे हैं. मैंने पूछा- चाचा कहां गए?

चाची बोलीं- वे दिल्ली में हैं और 3 महीने में एक बार आते हैं. यह बात मुझे मालूम ही नहीं थी.

मैंने कहा- अरे तो आप उनके साथ क्यों नहीं चली जातीं? वे बोलीं- हां जाऊंगी … पर अभी तेरे चाचा का काम जम जाए तब वे उधर एक अलग घर ले लेंगे, तब मैं उधर चली जाऊंगी.

मैंने ओके कहा और चाची से बात करने लगा.

चाची भी काफी देर तक इधर उधर की बात करती रहीं और उसके बाद वे खाना बनाने चली गईं.

मैं भी बाहर निकल गया और एक पान बीड़ी की दुकान पर जाकर यूं ही समय पास करने लगा.

रात हुई तो मैं वापस घर आया और चाची के साथ खाना खाने की तैयारी करने लगा.

तो रात को खाना आदि खाने के बाद मैं और चाची साथ में सो गए. चाची के घर पर एक ही बेड था, तो मुझे उनके साथ ही सोना पड़ा था.

रात को एक बजे मेरी नींद खुली तो मैंने देखा कि चाची मेरी तरफ करवट लेकर लेटी हुई थीं और उनकी नाईटी ऊपर उठी हुई थी.

उन्होंने पैंटी नहीं पहनी थी, जिस वजह से उनकी गोरी गांड मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी. उनकी गोरी गांड देखकर मुझसे रहा नहीं गया, मैंने अपना लंड बाहर निकाला और हिलाने लगा.

कुछ देर बाद मैं उत्तेजित हो गया और न चाहते हुए भी उनकी गांड में लंड रगड़ने लगा. चाची की गांड की गर्माहट से मेरी सांसें गर्म होने लगीं.

मैं अपना लंड उनकी गांड में रगड़ने लगा. इससे चाची थोड़ा सा हिलीं.

मैं डर गया कि कहीं चाची जाग तो नहीं गईं. तो मैं सोने का नाटक करने लगा.

कुछ देर बाद वह पलट गईं और मेरी तरफ मुँह करके लेट गईं.

मैंने जरा सी आंख खोल कर देखा पाया कि वे गहरी नींद में सो रही थीं. मैं उनके बूब्स दबाने लगा और एक हाथ से मैंने उनकी नाईटी उठा दी.

अब मुझे उनकी गोरी चूत की झलक मिली. चाची की चूत पर थोड़े थोड़े बाल थे.

मतलब Xxx चाची ने कुछ समय पहले ही झांटों को साफ़ किया होगा. अब मैं उनकी चूत को अपने अंगूठे से रगड़ने लगा.

रगड़ते रगड़ते मैंने पाया कि चूत ने रस छोड़ दिया था. उसी वक्त मैंने अपनी एक उंगली को उनकी चूत में डाल दिया और अन्दर बाहर करने लगा.

चाची की चूत भभक रही थी.

कुछ देर बाद मैंने अपनी दूसरी उंगली को भी चूत में डाल दिया. मैं अब दोनों उंगलियों को जल्दी जल्दी अन्दर बाहर करने लगा.

कुछ ही देर में चाची की चूत से पानी निकलने लगा. मैं समझ गया कि चाची जाग रही हैं और मुझसे खुलने में शर्मा रही हैं.

मैंने उनके कान में कहा- मैं जानता हूं कि आप उठ गई हैं. पूरा मज़ा लेना है तो आंख खोलिए. इतना कहकर मैं उनके बूब्स दबाने लगा.

एक दो पल बाद चाची ने आंखें खोल दीं और अब वे मुझे देख कर मुस्कुरा रही थीं. मैं समझ गया था कि Xxx चाची चुदाई के लिए राजी है.

मैंने उनके होंठों पर अपने होंठ लगा दिए और किस करने लगा. चाची भी साथ देने लगीं.

जल्द ही मैंने उनके मुँह में जीभ डाल दी और हम दोनों जौंक की तरह चिपक कर चूमाचाटी करने लगे.

मैं उनकी चूचियों को भींच रहा था और चुम्मी कर रहा था. दस मिनट तक हम एक दूसरे को किस करते रहे और मैं उनके दूध मसलता रहा.

फिर चाची ने कहा- मेरे दूध मसलता और मुझे चूमता ही रहेगा या कुछ और भी करेगा? मैंने कहा- पूरा मजा दूंगा चाची आप बस देखती जाओ.

चाची बोलीं- हां … लंड की सख्ती तो बता रही है कि तू इस खेल का मास्टर हो गया है. मैंने लंड शब्द सुना तो झट से उठकर चाची की चूत खोल कर उसमें अपना मुँह लगा दिया और जीभ से ही चूत की चटनी बनानी शुरू कर दी.

उनकी चूत पहले से ही गीली थी. मैं उनकी चूत के अन्दर तक जीभ डाल कर चाट रहा था. चाची ‘आहह आहह … उई आह …’ कर रही थीं.

वे बोलीं- पहले लंड पेल कर एक बार चोद दो … बाकी मजा अगली बार में ले लेना. यह सुनते ही मैंने चाची की गांड के नीचे तकिया लगाया और उनके ऊपर चढ़ गया.

चाची ने भी टांगों को किसी रंडी की तरह से अपने घुटनों से मोड़ा और चूत पर लंड का सुपारा सैट कर दिया. मैंने एक ही झटके में अपने लंड को उनकी भकभकाती हुई चूत में डाल दिया.

मेरा लंड पूरा नहीं घुसा था लेकिन आधे से ज्यादा उनकी चूत में समा गया था. वे कंप गईं और अभी कुछ कह पातीं कि मैंने उनके मुँह पर अपने होंठ जमाए और वापस एक और झटका दे दिया.

मेरा पूरा लंड उनकी चूत में जड़ तक घुसता चला गया था.

इससे चाची ने पूरी ताकत लगाई और मेरे मुँह से अपना मुँह हटा कर चिल्ला उठीं- हरामखोर आराम से चोद न मादरचोद … क्या एक ही बार में चुद फाड़ देगा भोसड़ी वाले साले … दुबारा नहीं चोदना है क्या … आह कमीने ने तो जान निकाल दी मादरचोद … साले अपनी मां की चूत चोद जाकर मादरचोद … आह लगता है मेरी तो फट ही गई है!’

मैंने देखा कि उनकी आंखों से पानी निकलने लगा था. मैं थोड़ा आराम से लंड अन्दर बाहर करने लगा.

अब उनको भी मज़ा आने लगा और वे बोलीं- आह अब मजा आ रहा है … अब तेज़ तेज चोद … और तेज़ … फाड़ दो मेरे राजा आह फाड़ दो अपनी चाची की चूत को!

मैंने कहा- हां रंडी साली बहन की लौड़ी … आज तेरी चूत का भोसड़ा बना दूंगा मैं … बहन की लौड़ी छिनाल गाली दे रही थी मुझे कुतिया … आह ले लंड खा मादरचोदी! चाची हंसने लगीं और बोलीं- अब आया न मर्द का बच्चा मेरे ऊपर … आह चोद मेरे राजा.

इसी तरह से ताबड़तोड़ चुदाई चलने लगी. कोई 20 मिनट तक चूत चोदने के बाद मैं रूक गया.

तो चाची ने कहा- रूक क्यों गया मादरचोद … अब क्या तेरी मां चुद गई है भोसड़ी के … तेरी मां की गांड में एक साथ दो लंड चले गए हैं क्या? मैंने कहा- नहीं रे रंडी, अब तेरी गांड में लंड जाने वाला है … भैन की लौड़ी साली … चल जल्दी से घोड़ी बन जा मेरी रंडी … आज तेरी गांड में झंडा गाड़ूँगा. मैं लंड डाल कर तेरी गांड को इतना बजाऊंगा कि तेरी गांड गुफा हो जाएगी हरामन.

तो चाची ने कहा- वहां नहीं, वहां बहुत दर्द होता है. मैंने कहा- रंडी साली … अब गांड फटने लगी मादरचोद … चल घोड़ी बन और लंड खा!

चाची बेवशी में घोड़ी बन गईं. मैंने एक ही झटके में लंड डालने की कोशिश की तो चूत गीली होने से लंड फिसल कर उनकी बुर में ही चला गया.

मैंने कहा- अभी गांड नहीं, तो चूत ही सही … साली रंडी तू मुझसे बचकर कहां भाग जाएगी. मैं चाची की चूत मारने लगा.

पूरे कमरे में फच्च फच्च की आवाजें आ रही थीं. इसका मतलब था कि चाची झड़ चुकी थीं.

कुछ मिनट बाद चाची पुनः झड़ गईं.

तीन बार झड़ने के बाद चाची ने कहा- अब निकालो इसे … मुझे दर्द हो रहा है. मगर मैं नहीं माना.

इतने में चाची मूतने लगीं. उनकी मूतती हुई चूत मुझे और अच्छी लगने लगी.

अब मैं लंड को चाची की गांड में डालने लगा. गीली गांड में एक बार में ही आसानी से लंड का टोपा अन्दर चला गया.

मैंने उनकी कमर पकड़ी और एक जोरदार धक्का लगा दिया. मेरा पूरा लंड एक ही झटके में अन्दर तक चला गया.

चाची को दर्द होने लगा. वे बोलीं- आहह आहह … मार डाला मादरचोद ने … कम से कम बता कर तो डालता. साले ऊपर वाला सब देख रहा है … वह तेरी मां की गांड भी फाड़ देगा … आह आहह आराम आराम से चोद मादरचोद!

मैंने उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया. मुझे समझ आ गया था कि चाची पक्की छिनाल हैं और दोनों तरफ से चुदवा चुकी हैं.

मैं उनकी गांड में लंड को अन्दर बाहर करने लगा. थोड़ी देर में चाची का दर्द कम होने लगा और वह कामुक आवाजें निकालने लगीं- आहह आहह ओह … चोद दे अपनी चाची की गांड को … आह!

मैं भी मस्ती से चाची की गांड मारने लगा.

कुछ मिनट बाद मुझे लगा कि मैं झड़ने वाला हूं. तो मैंने चाची से कहा- मेरा होने वाला है. माल कहां निकालूँ?

चाची ने कहा- बहुत दिन से माल नहीं खाया, आज तेरा माल खा लूँगी. तू आज अपना रस मेरे मुँह में डाल दे. मैंने अपना लंड चाची के मुँह में डाल दिया.

चाची मेरे लौड़े को चूसने लगीं. मैंने चाची के बाल पकड़े और मुँह चोदने लगा. इससे गुंग गुंग की आवाजें आ रही थीं.

दस बारह झटकों के बाद मैं उनके मुँह में झड़ गया. चाची ने मेरे लौड़े को चूस चूस कर साफ़ कर दिया.

फिर हम दोनों सो गए.

सुबह 10:00 बजे जब मेरी नींद खुली. तब तक चाची उठ चुकी थीं और मैं नंगा ही लेटा था.

मेरा लंड खड़ा था.

चाची मेरे लिए चाय लाईं और मुझे देख कर मुस्कुराने लगीं. उन्होंने मेरे खड़े लंड को देख कर मुझे आंख मार दी.

मेरा लंड खड़ा तो हो ही गया था, चाची की छिनाल नजरों से फिर से लहराने लगा. मैंने चाची का हाथ पकड़ कर खींच लिया और किस करने लगा.

अब Xxx चाची चुदाई के लिए फिर से गर्म हो गईं. मैंने चाची को इशारा किया तो वे मेरे लंड पर अपनी चूत सैट करके बैठ गईं.

वे अपनी गांड ऊपर नीचे करने लगीं और मैं उनकी चूचियों की माँ बहन एक करने लगा.

आधा घंटा की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मैं उनकी चूत में ही झड़ गया. चाची की चूत चुदाई के बाद मैं नहाने के लिए बाथरूम में चला गया.

दोस्तो, इस तरह से मैं उनके घर 7 दिन रूका और उनको दिन रात खूब चोदा. मुझे उनकी गांड मारने में मज़ा आता था. मैंने उनकी गांड भी बहुत मारी.

इसके बाद जब चाचा आए तो चाची की खुली हुई गांड देख कर क्या कांड हुआ, वह आपको फिर कभी लिखूँगा.

आप मुझे मेरी इस Xxx चाची चुदाई कहानी पर अपने कमेंट्स जरूर भेजिए. [email protected]

Priya Sharma

हैंलो जी! मैं प्रिया शर्मा हूँ - दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में डिग्री पकड़ने वाली और पिछले 5 साल से कहानी लेखन में अपना जलवा दिखाने वाली लेखिका। मुझे मानव मनों की चाहतें और इच्छाएँ पढ़ना बड़ा मज़ा आता है। मैं उस तरह की कहानियाँ लिखती हूँ जो आपके मन में छुपे हुए जज़्बातों को बाहर निकाल दें। मेरी कहानियाँ सैकड़ों पाठकों की गर्म रातों को और भी गर्म कर चुकी हैं। चलो, एक साथ मज़े करते हैं - पढ़ते हैं, महसूस करते हैं और जीते हैं!

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