Friend Mom Fuck, Aunty Bed Romance, XXX Hindi Kahani, मैंने दोस्त की माँ को चोदा उनका नाम शर्मीला है और पिछले 3 सालो से मेरी रखैल. दोस्तों जब कोई औरत अपने को ज्यादा ही हॉट सुन्दर और मॉडर्न दिखने की कोशिश करती है तो मेरे जैसा कोई ना कोई हरामी उसकी इस बेवकूफी का फायदा उठा लेता है और आगे फिर ना वो मॉडर्न बनती है ना वो नॉर्मल रहती है बस बिस्तर गरम करने वाली रांड बन जाती है. Aunty Fuck Story
शर्मीला भी एक ऐसी ही महिला है. पति उसका विदेश मे है. बेटा विनोद जॉब करता है दिल्ली एनसीआर में और ये मेरा बिस्तर गरम करती है. मैं आपको सीधे कहानी पे लेके आता हु. पहले मैं आपको अपने बारे में और उनके परिवार के बारे में बता देती हु.
बात तब की है मैने नयी नयी जॉब जाय्न की थी और विनोद वही एम् बी ए करने गया. शर्मीला मस्त गोरी और हॉट औरत थी. आगे 43 और चूचियां 36सी कमर 36 और गांड 40 की जिससे आप अंदाज़ा लगा सकते है की कितना गदराया माल है साली रांड. शर्मीला को सोशियल होने का बड़ा शौक था.
वो हमेशा अमीर लॅडीस के साथ पार्टी करती. उनके जैसे बर्ताव करती पर अंदर से थी तो साली घरेलू महिला ही थी. मेरी नज़र शर्मीला पे हमेशा से थी बस मौका अभी मिला था क्यूकी उसके घर वो अकेले रहती थी. जब भी कोई काम होता वो मुझे बुलाती और मेरे साथ ही जाती. धीरे धीरे हम दोनो काफ़ी फ्रॅंक हो गये थे.
क्यूंकी कोई कितना भी मॉडर्न हो जाए अकेला पन तो रहता ही है और मेरे जैसे हरामी लड़के इसी का फायेदा उठाते है. धीरे धीरे अब वो मेरी तरफ आकर्षित होने लगी थी. बाहर लंच करना हो या शॉपिंग या फिर कही आस आ कपल पार्टी मे जाना हो उसे मेरा साथ चाहिए होता था.
उपर से जब उसके साथ वाली उससे मेरे बारे मे कहती और उसकी तारीफ करती की यंग लड़के के साथ घूमती है अंडर से वो और मेरी तरफ आकर्षित होती. अब मैं आप लोगो को सीधे चुदाई के दिन लेके चलता हू. हुआ यू की एक दिन मैं और शर्मीला चेट कर रहे थे.
और मैने जानबूझ कर आई लव यू सेंड कर दिया. उसके बाद उसका कोई रिप्लाइ नही आया पर मुझे पता था साली सेट तो हो ही गयी है पेर जो हुआ उसकी भी उमीद नही थी. 15 मीं बाद मेरे फ्लॅट की डोर बेल बजी और मैं क्या देखता हू शर्मीला वहा पे खड़ी है. मैने उसे अंदर बुलाया और.
मैं : सॉरी आंटी.
शर्मीला : तुमने मुझे क्या लिखा चेट पे?
मैं : मैं दुबारा ऐसी ग़लती नही करूँगा.
शर्मीला : पर मैं तो चाहती हू तुम हर रोज़ ये ग़लती करो.
और एक कमिनी स्माइल दी साली ने. बस फिर क्या मैने भी साली को दबोच लिया और सीधे उसके रसीले होतो पे टूट पड़ा. वो भी साली मेरा पूरा साथ दे रही थी. हम दोनो ऐसे एक दूसरे को चूम रहे थे जैसे की कई सालो का ख़ालीपन भरना था. हमे ये भी नही पता चला की कब मैने उसकी सारी का पल्लू हटा और उसकी ब्लाउस और ब्रा को फाड़ के अलग किया और कब उसने मेरी टी शर्ट उतरी.
15 20 मीं की इस चुम्मा छाती मे बस “आ आहह मा आअहह आई लव यू आहह आह एम्म ह्म ह्म” यही आवाज़ आ रही थी. जब हम दोनो अलग हुए तो दोनो का फेस पूरा रेड था और दोनो के ऊपर की बॉडी पे कोई कपडा नही था. फिर मैं शर्मीला को बेड रूम मे के गया और बे पे पटक दिया. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
अब फिर से मैने शर्मीला के होठो को खाना स्टार्ट किया और एक हाथ से उसके चूचियां दबा रहा था और दूसरा हाथ उसके पेटिकोट के अंदर से उसकी चूत पे ले गया. शर्मीला : आहह आहह ह्म एक दम से सहम गयी. कई सालो बाद उसके गुप्तांगो को और चूचियों को जोर जोर से मसला था.
वो पूरी तरह से मेरे आगोश मे थी और एक बिना पानी की मछली के जैसे तडप रही थी. अब मैने उसकी साडी और पेटिकोट को निकाल के फेक दिया और अब दोनो ही नंगे थे. उसके शरीर पे बस एक मंगलसूत्र था जो दोनो चूचियां के बीच मे था और जो उसके रंडी. कॅरक्टरलेस होने का सबूत था. मैने अब उसकी चूत मे अपनी दो उंगली डाल दी.
शर्मीला : अमम्मा आर्राम ससीई. दाअर्रद्द आअहह हूओ रहा हाईईइ आअहह माआ प्ल्ज़्ज़ धीररी प्लज़्ज़्ज़ बाबयी अममाआ.
शर्मीला को ये ज़रा भी अनुमान नही था की मेरी दो उंगली उसे इतना गरम कर देंगी पेर अब उसे पूर्ण आनंद की प्राप्ति हो रही थी. उसके फेस के भाव ही उसे इतना कामुक बना रहे थे.
शर्मीला : आअहह आअहह माअज़ा एयेए रर्रााहा हााईइ.
उसकी तडप और अंगड़ाई मुझे भी गरम कर रही थी. पर अभी तो ये आज के दिन की शुरुआत है. अब मैने अपना मोबाइल निकाला और रिकॉर्डिंग शुरू कर दी.
शर्मीला : ये क्या आअहह बंद करो पल्लज़्ज़्ज़.
शर्मीला बस बोल ही सकती थी क्यूकी अब भी मेरी दो उंगली उसकी गरम चूत मे ही थी. मैने मोबाइल को अच्छे से लगाया ताकि मेरी छीनाल शर्मीला आंटी उसके फोकस मे रहे. अब मैने दो की प्लेस पे तीन फिंगर्स डाली.
शर्मीला : आआईयईई माआ णिीिककालू प्लज़्ज़्ज़. माऐईइ माअररर जोऊनगगीइ आआईइ माआ आआययईीी आआईयईई आआईयईई माआ प्लज़्ज़्ज़ नाआ माआ नाआ.
शर्मीला अपने दर्द को बर्दस्त कर रही थी पेर अब वो छटपटा गयी थी और इस तरह का अनुभव उसे पहली बार हुआ था. उसे पता था की उसका वीडियो बन रहा है पेर उसके अंदर भारी वासना इतनी हावी थी की अब उसे किसी से कोई मतलब ना रह गया था. “Aunty Fuck Story”
शर्मीला : आअहह आहह आअहह ह्म ह्म माहह आअहह आहह आअहह.
शर्मीला पूरे शबाब पर थी उसका अपने ऊपर से कंट्रोल हट गया था. तभी उसके बेटे विनोद का मुझे कॉल आया. मैने कॉल स्पीकर पे किया.
विनोद : कैसा है भोसड़ी के.
मे : बस मस्त तेरी मा को ही चोद रहा हु.
विनोद : अबे साले सही सही बता कहा माल मार रहा है?
मैने फिंगरिंग की स्पीड तेज़ करदी क्यूकी शर्मीला भी और हॉट होने लगी.
शर्मीला : ह्म ह्म म्ह आआहह माआअ
विनोद : आबे ये कों है भाई. बजा रहा है क्या किसी को.
मे : हा बे है एक आंटी उसे ही बज़ा रहा हू.
विनोद : शादीशुदा रंडी सही है भाई लगा रह.
शर्मीला : जल्दी चोद मुझे कुत्ते, मेरी चूत गरम हो गई है. डाल जल्दी अपना लैंड मेरी चूत में.
विनोद : चल भाई तू लगा रह मैं बाद मे बात करता हू ठोंक साली छिनार रांड को और एक पिक मुझे भेज़ दियो साली छीनाल की.
मैं : ठीक है, चुदाई के बाद तुम्हे भी भेज दूंगा.
शर्मीला को अब मैने अपने लंड को चूसने को कहा. वो अब मेरे गुलाम की तरह मेरा लौड़ा चूस रही थी और मैं उसकी पिक्स के रहा था. थोड़ी देर बाद मैने उसे लेगया अब बारी थी असली प्रोग्राम की मैने शर्मीला की गांड के नीचे पिल्लो रखा और उसकी दोनो टाँगे अपने शोल्डर्स पे और लंड को चूत पे लगाया और एक प्यार पेर दमदार धक्का लगाया. “Aunty Fuck Story”
शर्मीला : आऐईयइ आआईयइ माआ आआईइ माआ उउउइइ ईईईईईई माआ धीरी धीरी प्लज़्ज़्ज़्ज़ माआ.
शर्मीला के मोन्स मुझे गरम कर रहे थे और अब वो धीरे धीरे मेरे लंड का स्वाद अपने यौवन के गुफा मे अच्छे से ले रही थी. उसकी आहे मुझे अपनी मेहनत के फल के रूप के दिख रही थी. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
शर्मीला : आअहह हााहह माअहह म्ह आहह आअहह ईईईई ल्ल्ल्लूव्ववी उूउउ आअहह ह्म आअहह आअहह आअहह.
उसकी वासना अब पूरे चरम पेर थी की तभी मैने अपना लंड उसके यौवन के गुफा से बाहर निकाला.
शर्मीला : क्या हुआ रुक क्यू गये ?
मैं : टर्न अराउंड. कुतिया बनो.
शर्मीला तुरंत कुतिया बन गयी. मैने अब पीछे से उसके बाल पकड़े और इस बार अपने पूरे जानवर को जगाया और उसके बाद.
शर्मीला : आ माआ धीरे ध्एरए बाआहुट्त पाऐईिईन्न हूऊ र्रर्राआहह उउउइई माआ उू उईईई माआ बससस्स कार्र्रओ माआ नाअःई माआ आआहह अहहाअ. आअहहा अया आहह.
और अचानक हम दोनो ही निढाल होके बेड पे फिर गये. दोनो एसी रूम मे भी पसीने मे तर थे और सासे तेज़ थी. 15 मीं तक मैं और वो ऐसे ही निढाल पड़े रहे. फिर मैं उसके उपर से हटा और उसके बॅक साइड की पिक लेके उसके बेटे को व्हाट्सएप्प की (नोट फेस बॅक साइड ओन्ली).
शर्मीला जब करवट लेके सीधी हुई तो उसका मंगलसूत्रा उसके लेफ्ट चूचियां के निपल के पास था. बिंदी पिल्लो पे थी और सिंदूर फैला हुआ था. ऐसा लग रहा था की जैसे किसी रांड की बरसो की प्यास बुझी हो. वो जब उठ के बाथरूम जा रही थी.
उसकी जाँघ से उसका पानी और मेरे वीर्य का मिक्स्ड रस निकल रहा था. शर्मीला के फेस पे एक सेटीस्फेक्सन था. उसके बाद तो दोस्तों मैं अपने दोस्त की माँ शर्मीला को तो रखैल बना लिया, जब विनोद कॉलेज जाता मैंने उसके घर जाता, दिन भर उस रंडी को अपने बाहों में रखता हु, और खूब चुदाई करता हु.
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