सेक्सी गांड वाली आंटी की प्यास बुझाई

ये बात पिछले हफ्ते की है जब मैं अपने दोस्त की शादी में शामिल होने दिल्ली गया था। दिल्ली की एक औरत, जिसका नाम दीपिका है, से मैं नेट पर बात करता था। कभी-कभी हम फोन पर भी गंदी-गंदी बातें करते थे, जिससे मेरी उत्तेजना बढ़ जाती थी। मैंने उसे सिर्फ कैम पर देखा था, और वो बहुत हॉट थी। Antarvasna Hot Sexy Kahani

उसकी गांड तो कमाल की थी, करीब 40 इंच की, और उसका पूरा फिगर था 38-34-40। उसकी उम्र 39 साल थी, और उसके दो बच्चे थे—एक 18 साल का लड़का और एक 16 साल की लड़की, जो दोनों कॉलेज में थे। दीपिका का चेहरा बिल्कुल ममता कुलकर्णी जैसा था, गोरा और सेक्सी, और उसकी आँखों में एक नशीली चमक थी जो किसी को भी दीवाना बना दे।

मैंने दीपिका को मैसेज किया था कि मैं अमुक तारीख को दिल्ली आ रहा हूँ और कुछ दिन उसके साथ बिताना चाहता हूँ। उसने अपने घर पर मुझे बुलाने का इंतजाम कर लिया। उसका पति, जो स्टील का बिजनेस करता है, उस वक्त दिल्ली में नहीं था, कहीं बाहर गया था। दोस्त की शादी अटेंड करने के बाद मैं सीधा दीपिका के घर पहुँचा।

उसे असल में देखकर मैं दंग रह गया। उसकी बड़ी-बड़ी चूचियाँ और मोटी गांड तो थी ही, लेकिन उसका चेहरा इतना प्यारा और सेक्सी था कि मैं उसे देखता ही रह गया। मैंने उसकी तारीफ की, “दीपिका, तुम तो बहुत खूबसूरत और सेक्सी हो। मैंने तुम्हें ऐसा सोचा भी नहीं था।” वो हल्के से शरमाई और मुस्कुराते हुए बोली, “थैंक्स, चलो अंदर आओ, इतना बाहर क्यों खड़े हो?”

उस दिन मंगलवार था, सुबह के 10 बज रहे थे। उसके बच्चे कॉलेज गए हुए थे, और घर में हम दोनों अकेले थे। उसने मुझे फ्रेश होने को कहा। मैं बाथरूम गया, नहाया, और जब बाहर आया तो उसने मेरे लिए नाश्ता तैयार किया था—गर्मागरम पराठे और चाय। हम दोनों ने साथ में नाश्ता किया।

वो काली सलवार-कमीज पहने थी, जिसमें वो गजब की लग रही थी। उसकी गुलाबी ब्रा उसकी चूचियों के ऊपर से साफ दिख रही थी, और उसकी सलवार इतनी टाइट थी कि उसकी मोटी गांड का शेप साफ झलक रहा था। नाश्ते के दौरान मैं उसकी चूचियों को घूर रहा था, और वो मेरी नजरों को भाँप गई।

वो मुस्कुराई और बोली, “क्या देख रहे हो इतना?” मैंने बेशर्मी से कहा, “दीपिका, मैं यहाँ तुम्हें पाने आया हूँ। तुम्हारी चूचियाँ और गांड मुझे पागल कर रही हैं।” वो हँसी और बोली, “मुझे पता है, मैं भी तो यही चाहती हूँ। मैंने तुम्हें कैम पर देखा है और कई बार तुम्हारे बारे में सोचकर मेरी पैंटी गीली हो जाती है।”

उसकी ये बात सुनकर मेरा लंड तन गया। मैंने कहा, “तुम्हारी चूचियाँ और गांड बहुत मस्त हैं। मुझे बड़ी गांड वाली औरतें बहुत पसंद हैं।” वो बोली, “हाँ, मुझे पता है। सारे लड़कों को मेरी गांड पसंद है। मैं जब भी मार्केट जाती हूँ, कोई न कोई जवान लड़का मेरी गांड को घूरता रहता है। कुछ तो आकर टच भी कर लेते हैं। मुझे भी अच्छा लगता है जब कोई मेरी बड़ी गांड को देखता है या छूता है।”

उसकी बातें सुनकर मेरी उत्तेजना और बढ़ गई। मैं धीरे-धीरे उसके करीब गया। उसने अचानक मुझे गले लगाया और मेरे होंठों पर किस करने लगी। वो बोली, “इतनी देर क्यों लगा रहे हो? इतनी मस्त आंटी तुम्हारे सामने है, और तुम शरमा रहे हो।” उसने मेरे होंठ चूम लिए और गहरी स्मूच करने लगी।

उसकी जीभ मेरे मुँह में थी, और मैं भी उसका साथ देने लगा। मैंने एक हाथ उसके चेहरे पर रखा और दूसरा हाथ उसकी पीठ पर ले जाकर उसकी गांड तक सहलाने लगा। उसकी गांड इतनी मुलायम थी कि मेरे हाथ जैसे उसमें धंस रहे थे। वो सिसकारियाँ भरने लगी, “आआह… उउम्म…”

मैंने उसकी कमीज के ऊपर से उसकी चूचियाँ दबानी शुरू कीं, और वो और जोर से सिसकारी। उसने मेरा टी-शर्ट उतार दिया, और मैंने उसकी कमीज की जिप खोल दी। मैंने उसकी ब्रा का हुक खोला और कमीज उतार दी। उसकी चूचियाँ देखकर मैं दंग रह गया। गुलाबी-लाल रंग के निप्पल, करीब एक इंच लंबे, बिल्कुल तने हुए थे।

मैंने हँसते हुए पूछा, “इतने बड़े निप्पल में तो ढेर सारा दूध होगा ना?” वो हँसी और बोली, “अरे, दूध तो बच्चा होने के वक्त ही आता है, लेकिन तू चाहे तो इन्हें चूसकर देख ले।” मैं हँस पड़ा और उसकी चूचियों से खेलने लगा। मैंने उसके निप्पल दबाए, चूसे और चाटे। वो मेरे होंठों को चूम रही थी, और उसकी साँसें गर्म हो रही थीं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

मैंने एक निप्पल को मुँह में लिया और धीरे-धीरे चूसने लगा, जबकि दूसरी चूची को अपने हाथ से मसल रहा था। वो सिसकार रही थी, “आआह… कितना मजा आ रहा है… और जोर से चूस…” मैंने उसकी चूचियों को बारी-बारी चूसा और उसके निप्पल्स को हल्के से काटा। वो तड़प उठी और बोली, “उउम्म… तू तो मुझे पागल कर देगा…”

मैंने अपनी जीन्स उतारी और उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया। उसने काली जालीदार पैंटी पहनी थी, जिसमें से उसकी चूत के छोटे-छोटे बाल साफ दिख रहे थे। उसकी चूत इतनी गोरी थी कि मैं उसे देखकर पागल हो गया। मैंने उसकी पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को सहलाना शुरू किया।

वो सिसकारियाँ भरने लगी, “आआह… उउम्म… और कर ना…” मैंने उसकी पैंटी को धीरे-धीरे नीचे खींचा और उसकी चूत को निहारने लगा। उसकी चूत रसीली थी, और छोटे-छोटे बाल उसे और सेक्सी बना रहे थे। मैंने अपनी उंगलियों से उसकी चूत के होंठों को सहलाया और धीरे-धीरे अपनी एक उंगली अंदर डाली।

वो तड़प उठी और बोली, “आआह… मेरे राजा… तू तो मुझे मार डालेगा…” मैंने उसकी चूत को अपनी उंगलियों से और सहलाया, और वो गीली हो गई। मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसकी चूत चाटने लगा। उसकी चूत का स्वाद इतना मस्त था कि मैं रुक ही नहीं पा रहा था।

मैंने अपनी जीभ से उसकी चूत के होंठों को चाटा और फिर उसकी भगनासा को चूसने लगा। वो जोर-जोर से सिसकार रही थी, “आआह… उउम्म… और जोर से… मेरी चूत चाट ले…” मैंने उसकी चूत को चूस-चूसकर उसका रस निकाल दिया। वो मेरे बाल पकड़कर अपनी चूत पर दबाने लगी और चिल्लाई, “आआह… बस कर… अब अपनी लंड डाल दे मेरी चूत में… प्लीज…”

मैंने अपने लंड को बाहर निकाला। मेरा 7 इंच का लंड पूरा तना हुआ था। मैंने अपने लंड से उसकी चूत के होंठ सहलाए। वो तड़प रही थी और बोली, “अब और मत तड़पा… डाल दे ना…” मैंने धीरे से अपना लंड उसकी चूत में डाला। उसकी चूत खुली हुई थी, लेकिन इतनी रसीली और टाइट थी कि मेरा लंड पूरा अंदर चला गया।

मैंने धीरे-धीरे चोदना शुरू किया। वो सिसकार रही थी, “आआह… मेरे राजा… चोदो मुझे… जोर से चोदो…” मैंने उसके नंगे बदन को अपने हाथों से मसला, उसकी चूचियाँ दबाईं और निप्पल्स को चूसा। वो चिल्ला रही थी, “उउम्म… और जोर से… मेरी चूत फाड़ दे…” मैंने स्पीड बढ़ाई और उसे “घोड़ी बनाकर” चोदने लगा।

मेरे हर धक्के के साथ मेरे टट्टे उसकी गांड पर टकरा रहे थे, और “चट-चट” की आवाज कमरे में गूंज रही थी। वो भी अपनी कमर हिलाकर मेरा साथ दे रही थी। मैंने उसे 10 मिनट तक इसी तरह चोदा, फिर मैंने उसे सीधा लिटाया और “पैर ऊपर करके” चोदना शुरू किया। उसने अपने पैर मेरे कंधों पर रखे, और मैंने गहरे धक्के मारे।

वो चिल्ला रही थी, “आआह… उउम्म… और गहरा… मेरी चूत को चोद-चोदकर बर्बाद कर दे…” उसकी चूत इतनी गीली थी कि मेरा लंड आसानी से अंदर-बाहर हो रहा था। मैंने करीब 15 मिनट तक उसे इस पोजीशन में चोदा, फिर मैंने उसे “कुर्सी पर बिठाकर” चोदना शुरू किया। मैंने उसे अपनी गोद में बिठाया और नीचे से धक्के मारे।

वो मेरे कंधों पर हाथ रखकर उछल रही थी और सिसकार रही थी, “आआह… कितना मजा आ रहा है… तेरा लंड मेरी चूत को जन्नत दिखा रहा है…” करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद मैंने अपना रस उसकी चूत में छोड़ दिया। हम दोनों पसीने से तर-बतर थे और एक-दूसरे के ऊपर लेट गए। हमारी साँसें तेज चल रही थीं।

10 मिनट बाद मैं फिर से उत्तेजित हो गया। मैंने उसकी चूचियाँ चाटनी शुरू कीं और उसके निप्पल्स को हल्के से काटा। वो फिर से सिसकारी, “आआह… तू तो मुझे बार-बार गर्म कर देता है…” मैंने उसे अपने ऊपर खींचा और अपना लंड उसके मुँह में दे दिया। वो मजे से मेरा लंड चूसने लगी। “Antarvasna Hot Sexy Kahani”

उसने मेरे लंड को अपने मुँह में पूरा लिया और अपनी जीभ से चाटा। मैंने उसकी चूचियों के बीच में अपना लंड डाला और चूची चुदाई शुरू की। वो हँसते हुए बोली, “तुझे मेरी चूचियाँ बहुत पसंद हैं ना?” मैंने कहा, “हाँ, लेकिन मेरी जान दीपिका, तूने तो मुझे असली चीज दी ही नहीं, जिसका मैं दीवाना हूँ।”

वो बोली, “मेरे राजा, मुझे पता है तुझे गांड मारना बहुत पसंद है। मेरी गांड तुम्हारे लिए तैयार है।” उसकी ये बात सुनकर मेरा लंड फिर से तन गया। मैंने उसे उल्टा किया और उसकी मोटी, गोरी गांड चाटने लगा। उसकी गांड इतनी मुलायम थी कि मेरे हाथ उसमें धंस रहे थे। मैंने उसके चूतड़ों को अलग किया और उसके गांड के छेद को चाटना शुरू किया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

उसका गांड का छेद गुलाबी-भूरा था और थोड़ा खुला हुआ था, लेकिन मेरे लंड के लिए काफी टाइट था। मैंने अपनी जीभ से उसकी गांड को गीला किया और बोला, “दीपिका, तेरी गांड तो बिल्कुल मक्खन जैसी है।” वो सिसकारी और बोली, “तो अपने लंड से मेरी गांड को चोद दे ना…” मैंने अपने लंड के टोपे पर थोड़ा थूक लगाया और धीरे-धीरे उसकी गांड में डालना शुरू किया। “Antarvasna Hot Sexy Kahani”

वो जोर-जोर से सिसकार रही थी, “आआह… धीरे… तेरी लंड बहुत बड़ी है…” मैंने धीरे-धीरे पूरा लंड उसकी गांड में डाल दिया और “घोड़ी बनाकर” चोदना शुरू किया। उसकी गांड इतनी टाइट थी कि मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैंने धीरे-धीरे धक्के मारे, और वो चिल्ला रही थी, “आआह… मेरे राजा… मेरी गांड मार-मारकर लाल कर दे…” मैंने स्पीड बढ़ाई और जोर-जोर से उसकी गांड मारने लगा।

“चट-चट” की आवाज फिर से कमरे में गूंज रही थी। मैंने उसे “पैर ऊपर करके” पोजीशन में लिटाया और उसकी गांड में फिर से लंड डाला। वो चिल्ला रही थी, “आआह… उउम्म… और जोर से… मेरी गांड फाड़ दे…” मैंने करीब 20 मिनट तक उसकी गांड चोदी, फिर मैंने अपना रस उसकी गांड में छोड़ दिया।

जो रस बचा था, उसे मैंने उसके मुँह में दे दिया। वो बड़े मजे से मेरा रस चाटने लगी और बोली, “तुम्हारा रस तो बहुत टेस्टी है।” मैंने उसे थैंक्स कहा। वो कुछ देर तक मेरा लंड चूसती रही। फिर हम दोनों वहीँ लेट गए। कुछ देर बाद हम फ्रेश हुए, लंच किया, और फिर मैं अपने होटल चला गया।

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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