भाई को चूत दिखा कर चुद गयी- ऑडियो सेक्स स्टोरी

ऑडियो सुनिए

मेरा नाम अनु है, मैं यू पी की रहने वाली हूँ.

मेरी उम्र 20 साल है और मेरी फीगर है 34-26-36. मेरी फीगर से आप अंदाजा लगा ही चुके होंगे कि मैं कैसी दिखती हूँगी.

मेरे बूब्ज़ बिल्कुल तने हुए रहते हैं और मेरे हिप्स मेरा पॉइंट ऑफ़ अट्रैक्शन हैं एकदम गोल और पीछे को निकले हुए, बिल्कुल शेप में! इन्हें देख के बहुत सारे लोग मुझे लाइन मारते हैं और पटाने की कोशिश करते रहते हैं.

मेरा रंग गोरा है और हाईट है 5 फुट 4 इंच.

मैं एक गाँव की रहने वाली हूँ और बारहवीं क्लास तक पढ़ चुकी हूँ. हमारे गाँव में बहुत सारे खेत और आम के बगीचे हैं.

पूरी कहानी मेरी सेक्सी आवाज में सुन कर मजा लें!

मेरे घर में हम चार लोग हैं. मम्मी 38 साल की, पापा 44 साल के और मेरा छोटा भाई 19 साल का… हम लोग मिडल क्लास लोगों में आते हैं और फैमिली का गुजारा खेती में ही होता है. यह कहानी है मेरे और मेरे भाई के बीच … हम दोनों भाई बहन आपस में मिलजुल के रहते हैं और खेती के काम में भी एक दूसरे का हाथ बंटाते हैं.

मैं जब 12वीं की पढ़ाई कर रही थी तो मेरा एक बॉयफ्रेंड था जिससे मेरी फ्रेंडशिप दस महीने चली. हम लोगों ने खूब मजे लिए. मजे मतलब … वैसे वाले मजे!

पर अब वो बी एस सी करने के लिए शहर जाकर रहने लगा था अपने रिलेटिव्स के पास।

अब मैं अपने मेन पॉइंट पर आती हूँ।

मेरा मन चुदाई के लिए तड़पता ही रहता है हमेशा, पर कोई रास्ता ही नहीं मिलता।

एक दिन हम पूरी फैमिली खेत में गन्ने की कटाई कर रहे थे। सर्दी का मौसम था। भाई मेरे साथ में ही गन्ना काट रहा था।

मैंने ध्यान दिया कि भाई बार-बार मेरी तरफ ही देखता रहता है। मैंने सोचा कि क्यों कर रहा है वो ऐसा।

पहले मैंने इग्नोर किया. लेकिन जब मैंने उसकी नज़र का पीछा किया तो देखा कि वो मेरे जाँघों के बीच में देख रहा है।

मैंने जब नीचे अपने जाँघों में देखा तो पाया कि मेरी पजामे की चूत की जगह से थोड़ी फटी हुई है। मुझे बहुत अजीब लगा और शर्माई। शुक्र है मैंने कच्छी पहन रखी थी।

मैं तुरंत वहाँ से उठके दूसरी तरफ काटने लग गई। तब मुझे एहसास हुआ कि मेरा भाई मुझे गंदी नज़र से देख रहा है।

जैसे ही मेरी नज़र मनोज के लंड पर गई, मेरी तो आँखें फटी की फटी रह गईं। पीछे की तरफ खेत था और वहाँ वो टॉयलेट कर रहा था।

जब मैंने ये देखा — क्या था ये लंड या मूसल — यही सोचती रही। बस इसी सोच में पड़ गई। वो तो मुठ मार रहा था और वहाँ के टॉयलेट का बहाना कर रहा था।

उसका लंड तना हुआ लंबा, कम से कम 8-9 इंच का होगा और मोटा तो इतना कि मेरी मुट्ठी में ना आए। भाई की पूरी मुट्ठी में आ रहा था।

मेरे तो होश उड़ गए। मैं देखती रही और मेरी चूत टपकने लगी।

फिर भाई और तेज़ करने लगा और एकदम से उसकी पिचकारी निकली। उसने बहुत सारा-बहुत सारा माल गिराया, कम से कम आधा कटोरा तो भर ही जाएगा।

मैं फटाफट वहाँ से निकल गई।

अब मेरे मन में भी आने लगा कि उसका लंड इतना बड़ा है, जो भी लड़की इससे चुदेगी वो तो बिल्कुल ही धन्य हो जाएगी।

अब मन और शरीर में बिजली दौड़ने लगी।

उस दिन मैंने अपने चूत में उँगली डाली और खूब की जाए की, पर संतुष्टि बिल्कुल भी नहीं मिल पाई।

अगले दिन हम गन्ना काटने गए तो मैंने वो फटी हुई सलवार पहन ली, जानबूझकर, और उससे थोड़ा ज़्यादा फायदा लिया। उस दिन मैंने नीचे कच्छी भी नहीं पहनी थी।

थोड़ी देर में मनोज की नज़र मेरी फटी हुई सलवार पर पड़ी। वह मुँह फाड़ के देख रहा था।

मैंने चुपके से देखा तो उसके पजामे में उसका लंड बंबू बन चुका था। शायद उसने भी कच्छा नहीं पहना था।

वो फिर खेत में बनी झोपड़ी में पानी पीने चला गया और वापस आ के काम करने लगा।

लेकिन ये क्या — जब वो बैठा तो उसका पजामा भी फटा हुआ था और लंड तना।

मैं तो फुल गर्म हो गई।

इतने में वो खड़ा हुआ और फिर बैठ गया, लेकिन इस बार उसका लंड पूरा बाहर निकल गया और धीरे-धीरे करके पूरा फटे हुए पजामे से बाहर आ गया। मेरे तो होश उड़ गए। मेरी चूत गीली हो गई थी जिसे मनोज ने देख लिया था।

शायद इतने में ही मम्मी की आवाज़ आई तो भाई हड़बड़ा के उठ गया और थोड़ा अंदर जा के काम करने लगा।

घर में सुबह मैं खाना बना देती और शाम को मम्मी और मैं भैंस का दूध निकालती थी। साथ में भाई जाता था ताकि भैंस को चारा डाल सके और मैं दूध निकालूँ।

मैं बता दूँ कि हमारा जानवरों का कमरा घर से थोड़ा दूर है।

शाम के टाइम अँधेरा होता है और गाँव में बिजली भी नहीं होती।

आज जब मैं दूध निकाल रही थी तो भाई बोला- दीदी, मुझे भी सिखा दो। मैंने कहा- आ जा, सीख ले।

हमने सुबह वाले ही कपड़े पहन रखे थे। भाई ने कहा- कैसे आऊँ? मैंने कहा- साइड में इतनी जगह नहीं है।

तो भाई बोला- मैं तेरे पीछे आ जाता हूँ। मैं समझ गई कि वो क्या कहना चाहता है और क्या करना चाहता है, और मैं चुप रही और उसको सहमति दे दी।

वो झट से मेरे पीछे आ गया और मेरे दोनों तरफ से अपने हाथ आगे लाके भैंस के थन पकड़ने लगा।

मैंने फिर पानी से थन धोए और हल्के-हल्के दूध निकालने लगी।

मैं थोड़ा आगे झुक गई और वो भी थोड़ा आगे झुक गया। लेकिन एकदम से मुझे उसके लंड का एहसास अपनी चूत पर हुआ और मैं तभी थरथरा उठी, गनगना उठी। बहुत ही खास-खास सा अहसास था।

मैंने कहा- भाई, पीछे वाले थनों से दूध निकालो।

वो बोला- दीदी, हाथ नहीं जा रहा, आप थोड़ा आगे आओ।

मैं थोड़ा और आगे झुक चुकी और इस बार भाई थोड़ा पीछे हुआ और थोड़ा जस्ट होकर आगे की तरफ हो गया।

इस बार उसका लंड मेरी चूत के बीच में सेट हो गया था, पर सलवार का फटा हुआ हिस्सा साइड में हो गया था जिससे मेरी चूत और लंड के बीच में मेरी सलवार आ गई।

अब मैंने भी मस्ती करने की सोची और पेड़ के घुटने कुछ छुपने का बहाना किया और थोड़ा सा हिली।

इसी बीच मैंने फटी सलवार को सेंटर में कर दिया और वापस पोजीशन में आ गई।

इस बार भाई का लंड मेरी नंगी चूत को छू रहा था।

अचानक उसका मोटा लंड मेरी छेद पर लग गया और भाई रुक गया।

अब मैं थोड़ा और आगे झुकी और एक हाथ से दूध की बाल्टी को पकड़ लिया।

मेरी पोजीशन लगभग डॉगी स्टाइल में आ गई थी। इस बार भाई ने थोड़ा सा पुश किया तो चिकनाई की वजह से उसका टोपा मेरी चूत में समा गया।

मुझे मीठे दर्द का अहसास हुआ और मैंने अपनी मोटी गाँड थोड़ी ऊपर उठा ली। फिर भाई ने थोड़ा और धकेला तो दो इंच अंदर चला गया। मुझे पेन होने लगा था पर मैं सहती रही।

फिर भाई ने भैंस के थन को पकड़ा और मेरे होठों के पास ले आया। मैंने मस्ती में थन को मुँह में ले लिया और थोड़ा आगे को झुक गई।

इस बार भाई ने जोर से धक्का मारा। मेरी चीख मुँह में ही रह गई — “आह… आ… आ… हम्म… भाई… हम्म… कितना मोटा है तेरा लंड…” ये सब बोलने लगी।

अब भाई ने तेज़ रफ्तार पकड़ ली और बिजली की गति से झटके लगाने लगा।

ऐसी चुदाई मैंने कभी नहीं की थी। सातवें आसमान पर थी मैं।

अब भाई खड़ा हो गया और मुझे अपनी तरफ बल्लेदार की गोद में उठा लिया।

मैं छिपकली की तरह उसके सीने से चिपकी हुई थी और वो बुरी तरह से धक-धक छोड़ते जा रहा था।

मैं सातवें आसमान में थी, क्या बताऊँ। मैंने अपने पैर उसके गाँड पर चिपका रखे थे।

इस बीच में मैं चार-पाँच बार झड़ चुकी थी।

अंत में जाकर भाई ने मेरे बालों को कसके पकड़ लिया जिससे मेरी हालत बिल्कुल ही खराब हो गई थी। उसका लंबा पिस्टन की तरह आगे-पीछे हो रहा था।

फिर भाई ने मुझे कसकर चक्कर लिया और मेरे अंदर ही अपना माल उड़ेल दिया। मेरी चूत पूरी उसके पानी से भर चुकी थी।

उसकी धक-धक से मेरी हड्डियाँ चटक गई थीं। मैं निढाल हो गई।

उसने आधे घंटे तक लगातार मुझे चोदा। अच्छा ही रहा।

थोड़ी देर बाद हम दूध लेकर वापस आ गए और चुदाई का सिलसिला यूँ ही ऐसे ही जारी रहा।

कहानी सुनने के बाद अपने जो विचार हैं वो मुझसे शेयर करना मत भूलिएगा। कहानी को अगर आपने पसंद किया है और सराहा है तो लाइक बटन ज़रूर प्रेस करें।

मेरी बहुत ही खूबसूरत कहानियाँ और जब तक मैं आप सबके लिए नई कहानियाँ लेके वापस न आ जाऊँ. Till then, please, please, please have lots of sex, listen to us, listen to the story, enjoy it, and I send lots of kisses. Mwah, mwah, mwah. Bye-bye.

सेक्स से भरी देसी लड़कियों से हिन्दी, इंग्लिश और अन्य भारतीय भाषाओं में सेक्स चैट, वीडियो सेक्स करने के लिये सेक्स चैट गर्ल पर आयें और सेक्स की मजेदार बातें और वीडियो सेक्स करके मजा लें!

सेक्स से भरी देसी लड़कियों से हिन्दी, इंग्लिश और अन्य भारतीय भाषाओं में सेक्स चैट, वीडियो सेक्स करने के लिये सेक्स चैट गर्ल पर आयें और सेक्स की मजेदार बातें और वीडियो सेक्स करके मजा लें!

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

Read All Stories by Ananya Verma
Disclaimer

इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ पूर्णतः काल्पनिक हैं और केवल वयस्क पाठकों (18 वर्ष से अधिक आयु) के मनोरंजन के लिए लिखी गई हैं। इनका किसी भी वास्तविक व्यक्ति, घटना या स्थान से कोई संबंध नहीं है।

यहाँ प्रस्तुत किसी भी सामग्री को वास्तविक जीवन में अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता। यदि आप 18 वर्ष से कम आयु के हैं, तो कृपया इस वेबसाइट को तुरंत छोड़ें।

इस साइट की सामग्री केवल भारत के कानूनों के अनुरूप वयस्क मनोरंजन हेतु है। कहानियों में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी हैं और वेबसाइट का किसी भी प्रकार से उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।

हमारी साइट का उपयोग करके आप स्वीकार करते हैं कि आपने हमारी Privacy Policy पढ़ और समझ ली हैं।

लिंक कॉपी हो गया!