खेत में अजनबी लड़के से चुद गई

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भाभी की खेत में चुदाई कहानी में दिल्ली की एक माल भाभी गाँव में गयी तो उसकी चूत लंड मांगने लगी. वह खेतों में घुस गयी. वहां उसने एक लड़के का लंड ले लिया.

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दोस्तो, मैं अनीता शर्मा, उम्र 37 साल … मैं दिल्ली की रहने वाली हूं. मेरी हाइट 5 फुट 2 इंच, रंग दूध सा गोरा है. मैं दिखने में एकदम स्मार्ट हूँ. लोग मुझे एक बार देख लें तो देखते ही रह जाएं!

मैं अपना साइज़ तो बताना भूल गई आपको मेरा साइज 34-30-34 है. मेरी पिछली कहानी थी: पति ने होटल के वेटर से चुदवा दिया

आज मैं एक बार फिर बहुत दिनों के बाद आपके सामने हाजिर हुई हूँ अपनी नई कहानी लेकर!

चलो बोर ना करते हुए सीधे अपनी भाभी की खेत में चुदाई कहानी पर आती हूँ.

बात मई 2022 की है. मुझे अपने रिश्तेदार की शादी में गांव जाना था. तो हम सबने टिकट करवा ली. मेरी पूरी फैमिली, मेरे साथी हम सब गांव एक साथ पहुंचे, शादी की तैयारी करने लग गए.

गांव में पहुंचे मुझे 3 दिन बीत चुके थे. मेरी चूत में खुजली होने लगी थी, मुझे अपनी चूत में एक मोटे लंड की जरूरत महसूस हो रही थी.

तो तभी मेरे यार का, जो दिल्ली में है संजय, उसका फोन आ गया. और वह मेरे से सेक्सी बातें करने लगा.

उसकी चूत और लंड की बात सुनकर मुझे मजा आने लगा.

मैंने संजय से कहा- यार, तुम मुझे गर्म मत करो, मुझसे फिर रुका नहीं जाएगा. मुझे यहाँ लंड कहाँ मिलेगा? तब वह बोला- कोई नहीं जान … आप जाकर किसी को पटाओ. आप तो इतनी खूबसूरत हो कि किसी को भी देख लो तो वह आपको देखता रह जाए!

तो मैं भी उसकी बातों में आ गई और मेरा भी चुदाई का मन करने लगा. मैंने तय किया कि चलो एक बार बाहर आसपास घूम कर आती हूँ.

बॉयफ्रेंड के कहने पर मैंने बाहर निकल पड़ी. दिन के 12:00 बजे बड़ी तेज धूप थी.

तो मैं किसी खेत में फ्रेश होकर आने के बहाने से घर से निकली. मैंने उस टाइम साड़ी पहनी हुई थी. इसमें मैं किसी को भी मदहोश कर सकती थी.

मैं अपने घर से खेत की तरफ चल दी. खेत काफी दूर था इसलिए किसी का आने का डर भी नहीं था.

मैं सोच रही थी कि कोई तो बंदा मिलेगा लेकिन बहुत देर होने के बाद भी कोई नहीं मुझे मिला. मैं दूर मकई के खेत में जाकर घुस गई. वहन जाकर मैंने साड़ी उठाकर मूता और और मैं वहां से निकलने के लिए जैसी उठी, एक लड़का मुझे बहुत घूर घूर कर देख रहा था.

देखने में वह बहुत स्मार्ट सा लग रहा था. उसने लुंगी और बनियान पहनी हुई थी.

शायद वह मेरा बहुत देर से पीछा कर रहा था, मैंने उस देखा नहीं था.

जब मैं खेत से निकली तो सोचा कि चलो इसी से अपनी खुजली मिटाई जाए!

मैं दोबारा खेत में जाकर बैठने के लिए जब मैंने साड़ी उठाई और फ्रेश होने के बहाने खेत में बैठी तो मेरे पीछे पीछे आ गया. उसे देख कर मैं मुस्कुरा दी. वह भी मुझे देख कर मुस्कुराया.

मैंने उसे इशारा किया तो वह मुझे खेत के और अंदर ले गया. क्योंकि मैं पहली बार गांव गई थी तो मुझे इस चीज के बारे में नॉलेज नहीं थी कि कहां अच्छी तरह चुदाई हो पायेगी कि कोई ना देखे खेत में!

वह 26-27 सालका होगा. मैंने उसका नाम पूछा. उसका नाम चंदू राम था.

वह मुझे किस करने लगा तो मैंने भी उसका साथ दिया.

फिर वह मेरी साड़ी उतारने लगा. मैंने उसे मना करा कि ऐसे ही कर लो.

तब उसने कहा- यहां कोई नहीं आएगा. तो मैंने साड़ी उतार दी, अपना ब्लाउज, पेटीकोट सब उतार दिया उसके सामने और उस साड़ी पर ही लेट गई.

उसने अपना लंड निकाल कर मेरे मुंह में दिया. थोड़ी देर उसने मुझे अपना लंड चुसाया, फिर वह मेरी चूची चूसने लगा.

अब मैं उसका साथ देने लगी. और वह भी पूरे जोश में आ गया. भाभी की खेत में चुदाई शुरू हो गयी.

उसने अपनी लुंगी उतार दी. मैंने देखा तो उसका लंड तो बहुत काला था पर बहुत मोटा था.

फिर उसने मेरी दोनों टांगें ऊपर उठा दी और अपना मोटा लंड मेरी चूत में जैसी डाला, मेरी आह निकल गई और वह मुझे धीरे-धीरे चोदने लगा.

तो मुझे कुछ ख़ास अच्छा नहीं लगा पर मैं भी उसका साथ देने लगी अपनी गांड उठा उठा कर!

वह बोला- जान, मजा आ रहा है … तुम दिल्ली वाले यहां आते हो. तो कोई ना कोई तो चाहिए तुम्हें छोड़ने के लिए.

अब वह और जोर जोर से धक्के मारने लगा. 15 मिनट तक मुझे चोदने के बाद वह झड़ गया. परंतु मेरा नहीं हुआ.

उस टाइम म्जाना मिलने से मेरा मूड खराब हो गया था. मैं जाने लगी तो वह बोला- रुक अभी … अभी मेरा मन नहीं भरा है, मैं एक बार और करूंगा.

वह खड़ा हुआ. फिर वह मुझसे बोला- चल अब घोड़ी बन जा!

और मैं कुछ मजा मिलने की आस में तुरंत बन गई.

फिर उसने अपना मोटा लंड मेरी चूत में डाला पीछे से और चोदने लगा.

अब मुझे भी बहुत मजा आने लगा. और इस टाइम मैं भी झड़ने वाली थी.

तो मैं उससे बोली- मैं भी आने वाली हूं, तुम भी आ जाओ जल्दी!

वह बोला- नहीं, अभी नहीं, मुझे तो टाइम लगेगा! मैं बोली- नहीं जल्दी करो, मुझे घर भी जाना है.

तो वह बोला- चलो सीधी लेट जाओ.

मैं सीधी लेट गई. उसने तेज तेज मुझे अपने लंड से चोदना शुरू कर दिया.

कुछ देर बाद हम दोनों साथ झड़ गए.

फिर मैंने अपने कपड़े पहने और जाने के लिए निकलने लगी.

तो उसने मेरा नंबर लिया और पूछा- आप अब कब आओगी? मैंने बोला- मैं यहां जिंदगी में पहली बार आई हूं. अब पता नहीं कब आना होगा. वैसे मैं फ्री रहती हूं! फिर वह मुस्कुराने लगा- मैं दिल्ली की चूत चोदने वहीं आऊंगा!

तो मैंने ओके कहा कर मुस्कुरा दी और एक किस करके बाहर निकल गयी.

अब मैं अपने घर आ गयी.

तो दोस्तो, यह थी मेरी रियल कहानी. मैं उम्मीद करती हूं कि आपको मेरी भाभी की खेत में चुदाई कहानी अच्छी लगी होगी. तो मुझे मेल करके मुझे बताएं. मेरी ईमेल आईडी है [email protected]

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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